उर्जांचल टाईगर


भारतीय राजनीति में प्याज की अहम भूमिका भी रही है। 1998 में जब अटल बिहारी की सरकार थी, उस वक्त भी प्याज ने काफी रुलाया था। तब अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था कि जब भी केंद्र में कांग्रेस की सरकार नहीं होती है तो, प्याज परेशान करने लगता है। शायद उनका इशारा यह था कि प्याज के दाम बढ़ने के पीछे कांग्रेस का हाथ होता है। उस समय दिल्ली प्रदेश में बीजेपी की सरकार थी और विधानसभा चुनाव नजदीक थे। जिसका डर था वही हुआ। चुनाव हुआ और बीजेपी की सरकार गिर गई। शीला दीक्षित मुख्यमंत्री बनीं। लेकिन, साल 2013 में एक बार फिर से दिल्ली की जनता को प्याज ने रुलाना शुरु कर दिया और देखते ही देखते शीला दीक्षित की भी कुर्सी चली गई।

एक बार फिर से प्याज अहम मुद्दा बना हुआ है।आज देश के हर बाजार में प्याज के दाम आसमान छू रहे हैं लेकिन, क्या आपको पता है कि यह प्याज किसानों से कितने रुपये में खरीदा जा रहा है?

फोटो सोर्स : गांव कनेक्शन

मध्यप्रदेश के मंदसौर के बाजार में किसानों से प्याज 20 रुपये से लेकर 31 रुपये तक खरीदा जा रहा है। बीते सोमवार को जब एक किसान प्याज की बोरियों के साथ बाजार पहुंचा तो उसके प्याज की किमत 3100 रुपये/क्विंटल लगाई गई। मध्य प्रदेश, जिला मंदसौर के किसान उदयराम देवीलाल कहते हैं,
सोमवार को जब मंडी पहुंचा तो वहां प्याज की कीमत 3,500 रुपये प्रति क्विंटल तक थी। मेरा प्याज थोड़ा ठीक था तो मुझे 3,100 रुपये क्विंटल मिल गया जबकि, छोटे साइज वाला प्याज 2,000 रुपये प्रति क्विंटल ही बिका। 10 दिन पहले यही प्याज 6,000 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बिका था।
मतलब यह है कि अगर कोई किसान बाजार में प्याज बेचने के इरादे से जाता है तो उसकी कीमत 20 रुपये से 35 रुपये प्रति किलोग्राम तक लगाई जाएगी लेकिन, अगर वही प्याज वह किसान बाजार से खरीदने के लिए जाए तो, उसकी कीमत 100 रुपये से लेकर 200 रुपये प्रति किलोग्राम देनी पड़ेगी।

मतलब प्याज के दाम बढ़ जाने से किसानों को भी इसका फायदा होगा तो बिलकुल यह गलत है। किसान पहले भी इसी रेट पर प्याज बेच रहे थे और अभी भी वही रेट है।

केवल प्याज की मार बाजार से खरीदने वाले ग्राहकों की जेबों पर पड़ी है। इसकी सबसे बड़ी वजह है कि बारिश न होने से प्याज की क्वालिटी में गिरावट आई है। इसलिए किसानों को उनके प्याज की सही कीमत नहीं मिल पा रही है। लेकिन, मार्केट में किसी भी प्याज की कीमत एक जैसी ही होने से दुकानदारों को अधिक फायदा  हो रहा है।


विनोद कुमार सिंह

सिंगरौली।। भाजपा कार्यकर्ताओं ने सिंगरौली जिले के नव नियुक्त जिला अध्यक्ष बनने पर वीरेंद्र गोयल के सम्मान में निकाला रैली, रैली  का शुरुआत सिंगरौली से की गई विंध्य नगर भाजपा कार्यालय पर पहुंचकर समाप्त हुआ।  बुधवार की सुबह 10:00 बजे से शुरू हुए रैली शाम 5:00 बजे समाप्त हुई जिलाध्यक्ष की रैली सिंगरौली मंडल जयंत मंडल बैढ़न मंडल एवं विंध्य नगर मंडल में निकाली गई।

जयंत मंडल का राजेन्द्र कुमार सिंह ने बचाया लाज।

जयंत मंडल में भाजपा कार्यकर्ताओं की कमी रही जयंत के नए मंडल अध्यक्ष जिला अध्यक्ष के स्वागत के लिए भीड़ नहीं जुटा पाए जिसको लेकर भाजपा युवा मोर्चा मध्य प्रदेश के प्रदेश सदस्य राजेंद्र कुमार सिंह ने जयंत मंडल में जिलाध्यक्ष के स्वागत के लिए 50 फोर व्हीलर वाहनों व 200 दोपहिया वाहनों का लंबा काफिला ले कर गोयल का स्वागत किया। राजेंद्र सिंह का काफिला जिला अध्यक्ष के साथ सभी मंडलों से होते हुए भाजपा कार्यालय पर समाप्त हुआ।

सिंगरौली विधानसभा राम लल्लू वैश्य देवसर विधानसभा सुभाष रामचरित्र  वर्मा दोनों विधायक पूरे रैली में रहे मौजूद।

जिला अध्यक्ष की रैली में सिंगरौली विधायक राम लल्लू वैश्य देवसर विधायक सुभाष रामचरित बर्मा महापौर प्रेमवती खैरवार नगर निगम अध्यक्ष चंद्र प्रताप विश्वकर्मा आशा अरूण यादव कुंता सिंह भाजयुमो जिला अध्यक्ष बिनोद चौबे भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह पटेल कई वार्डों के पार्षद कई मंडलों के मंडल अध्यक्ष पार्टी के कई वरिष्ठ नेता व पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता रैली में शामिल रहे।


उर्जांचल टाईगर ने बीते दिनों "कोयला ट्रांसपोर्टेशन : वाहन एक नंबर कई,ऐसा क्यों?" से ख़बर प्रकाशित किया था ।आज इस वाहन को परियोजना मे प्रवेश पर रोक लगा दिया गया। 

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