उर्जांचल टाईगर


नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर के हालात का जायजा लेने पहुंचे विपक्षी पार्टियों के प्रतिनिधिमंडल कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष के कई अन्य नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को भारत प्रशासित कश्मीर के श्रीनगर पहुंचे लेकिन प्रशासन ने श्रीनगर एयरपोर्ट से बाहर नहीं निकलने दिया और जबरन वापस दिल्ली भेज दिया। विपक्ष ने इसे पूरी तरह अलोकतांत्रिक कहा है। 

प्रतिनिधिमंडल में गए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इस पर एतराज जताते हुए कहा है कि सामान्य हालात में तो ऐसा नहीं होता है, इससे साफ है कि राज्य में सब ठीक नहीं चल रहा है। राहुल ने कहा कि जम्मू कश्मीर के गवर्नर के एक ट्वीट के जरिए खुद उनसे आकर कश्मीर का जायजा लेने को कहा था। मैंने उनके न्यौता को स्वीकार किया और पहुंचा लेकिन हमें श्रीनगर एयरपोर्ट पर पुलिस ने रोक लिया।

राहुल गांधी ने कहा, हम सिर्फ लोगों से मिलने चाहते थे क्योंकि 20 दिन से वो किस हाल में हैं कुछ जानकारी नहीं है। हमें नहीं जाने दिया गया इतना ही नहीं जो मीडिया के लोग थे, उनको भी पुलिस ने मारा पीटा और कैमरे बंद किए। ये सब साफ दिखाता है कि सूबे के हालात खराब हैं और सरकार कुछ छुपाना चाहती है।

राहुल गांधी को राज्यपाल ने दिया था निमंत्रण



जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को रद्द किए जाने के बाद से ही राहुल गांधी मोदी सरकार पर हमलावर हैं और राज्य की स्थिति को लेकर चिंता जताने के साथ ही सरकार के इस फ़ैसले पर कई सवाल खड़े किए थे।इसके बाद जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने दावा किया कि घाटी में हालात सामान्य हैं और राहुल को कश्मीर आने का निमंत्रण दिया।
उन्होंने कहा,"मैं राहुल गांधी को कश्मीर आने का निमंत्रण देता हूं। मैं उनकी यात्रा का भी इंतज़ाम करूंगा ताकि वो आकर ज़मीनी हकीक़त देख सकें।"
राहुल गांधी ने तुरंत ट्वीट कर उनका न्योता स्वीकार करते हुए एक ऑल पार्टी डेलीगेशन के साथ घाटी का दौरा करने की इच्छा व्यक्त की थी।


श्रीराम विश्वकर्मा 

सिंगरौली(बैढ़न)।। जिला अस्पताल बैढ़न में गर्भवती महिला को डिलेवरी के लिए बड़ोखर से आये परिजन जहा नर्स की लापरवाही से बच्चे व महिला दोनो की दर्दनाक मौत हो गयी।

बताया जाता है कि परिजन जब गर्भवती महिला की हालत बिगड़ रही थी तो परिजनों ने नर्स से कहा आप यहाँ से छुट्टी दे दीजिए तो नर्स बोली कहीं और लेके जाना था तो यहां लेके क्यों आई।


जिला अस्पताल आए दिन अक्सर नर्स की लापरवाही से  मासूमो की जान चली जाती है। अब देखना है जिला प्रशासन इस पर क्या कार्यवाही करती है,या खानापूर्ति करके मामले को रफादफा कर देती है।

सुनिए क्या कह रहें हैं मृतक के परिजन 


पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का निधन दोपहर 12 बजकर सात मिनट पर एम्स में हो गया। उनका कुछ सप्ताह से अस्पताल में इलाज चल रहा था। वह नौ अगस्त को एम्स में भर्ती हुए थे।66 साल के अरुण जेटली काफी वक़्त से गंभीर रूप से बीमार थे जिसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अरुण जेटली को पिछले 15 दिनों से लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया था। अस्पताल में भर्ती करते समय ही डॉक्टर्स ने उनकी हालत बेहद नाजुक बताई थी।

उनके निधन की जानकारी मिलते ही तमाम नेताओं ने ट्वीट करके अपनी संवेदनाएं जताते हुए दुःख प्रकट किया है 

अपने ट्वीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जेटली को समाज का हर तबका पसंद करता था। उन्होंने कहा कि वह एक बहुआयामी व्यक्तित्व वाले, संविधान, इतिहास, लोक नीति, शासन और प्रशासन के प्रखर ज्ञाता थे।

उन्होंने कहा, ‘‘अरुण जेटली जी के जाने से मैंने अपना एक मूल्यवान मित्र खो दिया, जिन्हें दशकों से जानने का मुझे सौभाग्य प्राप्त था। उनमें मुद्दों को लेकर जो अंतर्दृष्टि और चीजों की समझ थी, वह विरले ही किसी में देखने को मिलती है। उन्होंने जीवन को भरपूर जिया और हम सभी के दिलों में अनगिनत खुशी के लम्हे छोड़ गये! हम उन्हें याद करेंगे।’’
 सोनिया गांधी ने एक बयान में जेटली के निधन पर दुख जताते हुए कहा, 'जेटली ने एक सार्वजनिक व्यक्तित्व, सांसद और मंत्री के रूप में लंबे समय तक सेवाएं दीं। सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान को हमेशा याद किया जायेगा।'

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