उधमपुर हमले का मास्टरमाइंड अबु कासिम मुठभेड़ में ढेर

श्रीनगर।। सुरक्षा बलों ने आज एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष कमांडर और उधमपुर आतंकी हमले के मास्टरमाइंड अबु कासिम को मार गिराया। कश्मीर घाटी में पिछले तीन साल में हुए कई आतंकी हमलों में कासिम का हाथ था। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान के बहावलपुर के निवासी कासिम और उसके एक सहयोगी के कुलगाम स्थित खांदीपुरा गांव के एक घर में छिपे होने की खुफिया जानकारी मिलने के बाद यह अभियान रात दो बजे शुरू हुआ। यह गांव यहां से 80 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। सेना, पुलिस और अर्धसैन्य बलों का एक संयुक्त दल वहां पहुंचा और गांव को घेर लिया गया। कासिम और उसके सहयोगियों ने सुरक्षा बलों के घेरे को तोड़ने की कोशिश की। इसी दौरान कासिम मारा गया।

कश्मीर पुलिस महानिरीक्षक एसजेएम गिलानी ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘हमने लश्कर के एक शीर्ष कमांडर अबु कासिम को कुलगाम जिले के खांदेपुरा में तड़के चलाए गए एक अभियान के तहत मार गिराया है। यह एक बड़ी सफलता है क्योंकि कासिम पिछले तीन साल में कश्मीर पर होने वाले लश्कर-ए-तैयबा के हमलों में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर संलिप्त था।’’ मुठभेड़ की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘एक आतंकी (कासिम) मार गिराया गया जबकि बाकी लोग वापस अंदर जाने में कामयाब रहे।’’ अभियान अभी भी जारी है। कासिम इस राज्य के सर्वाधिक वांछित आतंकियों में से एक है और राज्य पुलिस ने उसके सिर पर 10 लाख रूपए का ईनाम भी घोषित कर रखा है। उधमपुर मामले की जांच कर रही एनआईए ने भी उसकी गिरफ्तारी या मौत के लिए जानकारी देने वाले के लिए इतने ही पुरस्कार की घोषणा की थी।

गिलानी ने कहा कि कासिम का असली नाम अब्दुल रहमान है और वह इस साल पांच अगस्त को उधमपुर में बीएसएफ के दस्ते पर किए गए हमले का मास्टरमाइंड था। कासिम सात अक्तूबर, 2015 को बांदीपुरा में उपनिरीक्षक मोहम्मद अल्ताफ डार की हत्या में भी शामिल था। पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि कासिम की मौत से कश्मीर में लश्कर की संचालन क्षमताओं और घाटी में विभिन्न आतंकी संगठनों के बीच तालमेल को नुकसान पहुंचेगा। गिलानी ने कहा कि कासिम वर्ष 2013 में हैदरपुरा में सेना के एक काफिले पर किए गए हमले में भी संलिप्त था। इस हमले में आठ सैनिक शहीद हो गए थे। आतंकी कमांडर पुलवामा जिले के पंपोर में वर्ष 2013 में की गई हृदय रोग विशेषज्ञ शेख जलाल की हत्या में भी संलिप्त था। जब उनसे पूछा गया कि क्या कासिम की मौत के बाद उधमपुर हमले की जांच बंद कर दी जाएगी, तो आईजीपी ने कहा कि इस मामले की जांच एनआईए कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘इसकी जांच एनआईए कर रही है और जांच को एक तर्कसंगत निष्कर्ष तक ले जाने के लिए उन्हें इस मामले की सारी तारें आपस में जोड़नी हैं।’’ गिलानी ने कासिम का पता लगाने और घाटी में हालिया अभियानों के दौरान आतंकियों को मार गिराने वाले पुलिसकर्मियों के प्रयासों की सराहना की।

जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिरीक्षक के. राजेंद्र ने कहा, ‘‘सुरक्षा बलों के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है।’’ उत्तरी कश्मीर के बांदीपुरा में मोहम्मद अल्ताफ के नेतृत्व में सात अक्तूबर को एक पुलिस दल ने कासिम को अपने निशाने पर लिया था लेकिन वह बच निकला था। वह पुलिस पर अंधाधुंध गोलियां चलाते हुए भाग निकला था। इस गोलीबारी में ‘अल्ताफ लैपटॉप’ नाम से पहचाने जाने वाले पुलिस अधिकारी अल्ताफ शहीद हो गए थे। अल्ताफ ने कई आतंकी मॉड्यूलों का भंडाफोड़ किया था। अल्ताफ लंबे समय से कासिम की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे। कासिम की मौत अल्ताफ के पैतृक गांव से महज पांच किलोमीटर की दूरी पर हुई है। उत्तर कश्मीर में आतंक फैलाने के बाद कासिम दक्षिण कश्मीर में पैर पसारने की कोशिश कर रहा था। वह कुछ समय से शोपियां और कुलगाम के जंगलों से बाहर सक्रिय था।(Source:agency)
Labels:
Reactions:

Post a Comment

डिजिटल मध्य प्रदेश

डिजिटल मध्य प्रदेश

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget