वसुंधरा को मिलकर स्वर्ग बनाना है - रिणवा


गोगुन्दा से  लखन सालवी।। वन विभाग द्वारा तहसील क्षेत्र की चोरबावड़ी ग्राम पंचायत के बांसड़ा गावं के पास जिला स्तरीय वन महोत्सव समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए वन एवं पर्यावरण मंत्री राजकुमार रिणवा ने कहा कि संस्कार व सत्कार से प्रेरणा मिलती है अगर बच्चों को पर्यावरण को सरंक्षित करने व धरती को हरी भरी रखने के लिए पेड़ लगाने की प्रेरणा दी जाए तो राजस्थान की धरा खुशहाल हो सकती है। उन्होंने कहा कि जल सरंक्षण बहुत जरूरी हो गया है। प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को जल सरंक्षण के लिए ईमानदारी से प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा - ‘‘मैं तो रोज धरती माता को प्रणाम करता हूं। इस वसुंधरा को हम सबको मिलकर स्वर्ग बनाना है। हमें राष्ट्र निर्माण में योगदान देना है, पर्यावरण को सुरक्षित करना है, जल को संरक्षित करना है क्योंकि इनसे ही वसुंधरा स्वर्ग के समान लगती है। हमारे तो मुख्यमंत्री का नाम भी वसुंधरा है। वसुंधरा को स्वर्ग बनाने के लिए मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने मुख्यमंत्री जल स्वावलबंन अभियान चलाया। नतीजा हम सबके सामने है। पेड़ लगाए जा रहे है, वर्षा जल को संरक्षित करने के लिए चेक डेम बनाए गए है, वर्षा जल का एकत्र हुआ जिससे जल स्तर में बढ़ोतरी हुई है। यह न केवल आमजन के बल्कि पशु-पक्षियों, जीव-जन्तुओं व पेड़-पौधों के लिए भी उपयोगी है। 

गरीब होना बूरी बात नहीं है, अच्छी बात है, कन्हैया देश विरोधी हैं, गाय हमारी माता है 

अपने भाषण में रिणवा ने कई मुद्दे जोड़ तो लिए लेकिन एक दूसरे के बीच सामंजस्य नहीं बिठा पाए। वे कई मुद्दों पर बोले पर हर मुद्दे को बीच में छोड़कर आगे बढ़ गए, जिससे उनका सम्बोधन समझने में लोगों को दिक्कत आई। उन्होंने गरीबी को अच्छी बात बता दी और राजनीति को बूरी कह डाला। उन्होंने कहा कि गरीब होना बूरी बात नहीं है बल्कि अच्छी बात हैं। मैं खुद गरीब था, मेहनत करके आगे बढ़ा। गरीबी किस प्रकार से अच्छी बात है, इसे स्पष्ट किए बिना ही वे दूसरी बात कह दी कि राजनीति बूरी है। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में कन्हैया नाम का लड़का देश विरोधी बातें कर रहा है। जिस देश में जन्म लिया उसी देश के खिलाफ बोल रहा है। हमने जिस देश में जन्म लिया उसके प्रति सम्मान होना चाहिए। फिर कहा कि गाय हमारी माता है। विदेशों में लोग गाय को एनीमल कहते है लेकिन वहां मां-बाप को वृद्धाआश्रमों में रखा जाता है। हमारे यहां तो गाय को भी मां कहा जाता है। 

भाषण को अंत की ओर ले जाते-जाते उन्होंने माहौल को आध्यात्मिक कर दिया। उनका भाषण किसी संत के प्रवचन की तरह लगने लगा। वे योग व हर्बल की बातें बताने लगे, जिन को लेकर समारोह में बैठ स्कूल व कॉलेज के विद्यार्थियों ने खूब कमेन्ट किए। 

समारोह को विधायक प्रताप गमेती व जिला कलेक्टर रोहित गुप्ता ने भी सम्बोधित किया। समारोह में बीएसएफ के जवान, उदयपुर के आलोक स्कूल सहित स्थानीय सरकारी विद्यालयों व कला आश्रम के विद्यार्थियों सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। 


समारोह स्थल पर लगी प्रदर्शनियों को सराहा 

समारोह स्थल पर आते ही मंत्री रिणवा ने प्रदर्शनियों को देखा। रिणवा ने वन विभाग व पंचायतीराज विभाग द्वारा करवाए गए जल संरक्षण के कार्यों को दर्शाती हुई प्रदर्शनियां लगाई। मंत्री सहित विधायकों ने मुख्यमंत्री जल स्वावलबंन के तहत हुए कार्यों की सराहना की। कोटड़ा वन क्षेत्र से वन सुरक्षा प्रबंध समिति थाबलाबेरी द्वारा अगरबत्ती बनाने की मशीनों सहित प्रदर्शनी लगाई गई। समिति से जुड़ी महिलाओं ने अगरबत्ती बना कर डेमो भी दिखाया। इसी क्षेत्र की वन सुरक्षा प्रबंध समिति कलीम द्वारा ऐलोवेरा के निर्मित प्रोडक्ट की प्रदर्षनी लगाई गई। समितियों से जुड़े पदम सिंह ने अतिथियों को बताया कि वन में उगने वाले बांस की लकड़ियों का उपयोग अगरबत्ती बनाने में किया जाता है वहीं ऐलोवेरा से स्वास्थ्यवर्धक प्रोडक्ट बनाए जाते है। उन्होंने बताया कि वनोपज से स्वरोजगार करने वाली ऐसी 15 समितियां है। इन समितियों से आदिवासी समुदायों के लोग जुड़े हुए है और स्वरोजगार कर रहे है। इन समितियों में प्रतिवर्ष 40000 रूपए की आय होती है। 

मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन के कार्यों को सराहा 

जिले के प्रभारी मंत्री राजकुमार रिणवा ने मुख्यमंत्री जल स्वावलबंन अभियान के तहत हुए कार्यों का भी अवलोकन किया। उन्होंने बांसड़ा के पास बने जल सरंक्षण कार्य को देखा। रेंजर राजेन्द्र सिंह कानावत ने उन्हें बताया कि जल सरंक्षण कार्य से न केवल वर्षा जल संरक्षित हुआ है बल्कि आस-पास के कुंओं में जल स्तर बढ़ा है। उन्होंने बताया कि चेक डेम के किनारे पर पेड़ भी लगाए गए है। मंत्री रिणवा ने वन विभाग द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की। साथ ही कहा कि अगले दो माह में मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के अंतर्गत बकाया सभी कार्यों को पूरे किए जाए। 

समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से कठपुतली व नृत्य कलाकारों ने जल सरंक्षण करने का संदेश दिया गया। 

समारोह के दौरान वहां मौजूद सभी लोगों को वन, पर्यावरण व जल को बचाने के लिए शपथ दिलवाई भी दिलवाई गई। समारोह में दली चंद दरांगी, अमृत लाल मीणा, फूल चंद मीणा, जिला प्रमुख शांति लाल मेघवाल, जिला कलक्टर रोहित गुप्ता, विकास अधिकारी बीरबल सिंह जानू, तहसीलदार हुकुम कुंवर, प्रधान पुष्कर तेली, उपप्रधान पप्पू राणा भील व सरपंच नाहर सिंह देवड़ा उपस्थित थे। 


वन खण्ड में लगाए पौधे, प्लान्टेशन का किया अवलोकन 

समारोह के बाद वन खण्ड के पहाड़ों पर पौधारोपण किया गया। मंत्री रिणवा सहित सभी विधायकों व प्रधान ने एक-एक पौधा लगाया। वहीं वन विभाग द्वारा क्रेंच खोदकर किए गए प्लान्टेशन का भी अवलोकन किया। खण्ड में लगाए गए प्रत्येक पौधे के बारे में रेंजर राजेन्द्र सिंह कानावत ने जानकारी दी। कला प्रेमी मंत्री रिणवा ने कठपुतली कलाकारों, बीएसएफ के जवानों, वन विभाग के कर्मचारियों व विद्यार्थियों के साथ फोटो खिंचवाए।
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