पुलिस अंतिम पीड़ित व्यक्ति की सेवक -आई जी रीवा


अब्दुल रशीद।।सिंगरौली।। जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय सभागार बैढन में रीवा रेंज के नवागत- पुलिस महानिरीक्षक अंशुमान यादव के द्वारा "अपराध समीक्षा"बैठक मे शामिल जिला पुलिस अधीक्षक- रुडोल्फ अल्वारेस, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक- सूर्यकांत शर्मा, नगर पुलिस अधीक्षक- गजेंद्र सिंह वर्धमान व जिले भर के एसडीओपी व थाना प्रभारी/निरीक्षको के साथ अपराध समीक्षा बैठक की गयीं ।
जिसमें नवागत पुलिस महानिरीक्षक के द्वारा दिशा - निर्देश दिये गये है इस प्रकार है आगामी चुनाव के दृष्टिगत राजनीतिक पार्टियां छोटे-छोटे मुद्दो को लेकर के बड़े आंदोलन कर सकते हैं इस पर पैनी नजर रखकर व्यवस्था बनाये जाये, कोई भी सूचना चाहे वह झूठी क्यों न हो घटनास्थल पर अवश्य पहुंचे, जनता की शिकायत पर त्वरित कार्यवाही हो ।
पुलिस कर्मचारी जिन पर भ्रष्टाचार का आरोप सिद्ध होगा उसे विभागीय जांच कर बर्खास्त किया जावेगा, जो कर्मचारी नहीं मानेगा उसको लोकायुक्त से ट्रेप भी करवाया जायेगा ।
बच्चों के लम्बीत गुम इंसान की गंभीरता पूर्वक जांच कर दस्तयाब करें, पुलिस अंतिम पीड़ित व्यक्ति के सेवक है अतः जनता को त्वरित न्याय दिलाये व जनता के साथ व्यवहार अच्छा रखे ।
रंजिशन राजनैतिक, द्वेषवश या झूठे एससी/एसटी एक्ट की रिपोर्ट आने पर तस्दीक उपरांत ही एफआईआर दर्ज हो, साइबर क्राइम/ इंटरनेट अपराध/ बैंक फ्रॉड/ सोशल मीडिया अपराध पर अपडेट रहे ठोस कार्यवाही करें ।
सूचना संकलन हेतु जनता से सीधा संवाद व अच्छे संबंध बनाकर रखें, मुखबीर तंत्र सक्रिय रखे, सूचना हेतु नेटवर्क स्थापित करें ग्राम रक्षा समिति/कोटवार/ रिटायर्ड कर्मचारियों से खबर लगातार लेते रहे ।
किरायेदारो की चेकिंग पर विशेष ध्यान रखे, फैक्ट्रियों में कार्य करने वाले मजदूरों का पुलिस वेरिफिकेशन अतिकार्यतः करे ।
नक्सली मूवमेंट सरहदी इलाके में संभव है जिस पर लगातार अलर्ट रहकर गश्त कर कार्यवाही करें, आसूचना संकलन लगातार करे ।
दुर्घटना के समय कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले लोगों को चिन्हित कर कठोर प्रतिबंधात्मक कार्यवाही करें ।
पुलिस "अभिरक्षा में मृत्यु" होने पर संबंधित थाना प्रभारी/ सीएसपी /एसडीओपी जिम्मेवार होंगे, आरोपी को अनावश्यक थाने पर न बैठाये ।

पुलिस अपने कार्य करने में निष्पक्षता / पारदर्शिता बनाये रखे ।

पुलिस जनता के बीच अच्छा स्वभाव बनाये, पुलिस क्या है यह मायने नहीं रखना बल्कि जनता के बीच "आपकी स्वभाव कैसी है" यह बात मायने रखती है ।
पुलिस के अभिरक्षा से आरोपी कभी फरार न हो, यह गंभीरतापूर्वक सुनिश्चित करें, अन्यथा ठोस कार्यवाही होगी ।
पुलिस जनता के बीच लगातार जाये, जनता से मधुर संबंध स्थापित करें, थानों पर न बैठे, थाना प्रभारी लगातार अपने क्षेत्र में भ्रमण करें ।
ड्रग्स/अवैध शराब/ मादक पदार्थ पर कड़ी कार्यवाही करें, कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण त्वरित रुप से करें ।
पुलिस कर्मचारियों के कल्याण के कार्य प्राथमिकता क्रम में करें, पुलिस कर्मचारियों के परिवार की शिक्षा, चिकित्सा व आधार कृत सुविधाओं पर विशेष ध्यान देना चाहिए, अपने पास उपलब्ध टीम और संसाधनों से जनता के लिए अच्छा से अच्छा कार्य करने का प्रयास करें, साथ - साथ बैठक मे कई अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई ।

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