मोमबत्ती से रहें सावधान

सरफ़राज़ ख़ान@उर्जांचल टाईगर
पैराफिन वैक्स मोमबत्ती जो रोमांस, फ्रैग्रेंस और रोशनी के लिए इस्तेमाल की जाती हैं, इनसे घर के अंदर वायु प्रदूषण होता है, जो कैंडिल पेट्रोलियम से तैयार की जाती हैं, उनको मानव कार्सिनोजेंस और इनडोर पॉल्यूशन के तौर पर जाना जाता है. 

दिवाली आने को है इस्लिए हमें मोमबत्ती के प्रदूषण से अपने आप को दूर रखना चाहिए. जो लोग परफैक्ट हेल्थ मेला में आएगें उन्हें पैराफिन वैक्स मोमबत्ती के प्रदूषण के बारे में बताया जाएगा। बीसवैक्स या सोय से तैयार की गई कैंडिल, भले ही वे कितनी महंगी हो उनको सुरक्षित कहा जा सकता है क्योंकि इनसे नुकसानपरक प्रदूषण नहीं होता है.

किसी मौके पर पैराफिन कैंडिल और इसके उत्सर्जन से नुकसान नहीं होता है, लेकिन सालों तक पैराफिन की कैंडिल की रोशनी जो बाथरूम या टब पर इस्तेमाल की जाती है तो यह समस्या का सबब बन सकती है. वेंटिलेशन से बंद कमरों के प्रदूषण के स्तर को कम किया जा सकता है. जलती हुई कैंडिल से होने वाले प्रदूषण से भी सांस संबंधी समस्या या एलर्जी हो सकती है।

उर्जांचल टाइगर" की निष्पक्ष पत्रकारिता को सरकार और कॉरपोरेट दबाव से मुक्त रखने के लिए आर्थिकमदद करें।

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