शेखपुरा के जिला बचत पदाधिकारी को सरकार ने डीएम की अनुशंसा पर किया सस्पेंड।समीक्षा बैठक में रहते थे अनुपस्थित।

शेखपुरा से चंद्रशेखर आजाद । जिला की समीक्षा बैठकों में शामिल नहीं होना जिला बचत पदाधिकारी मो.जाकिर हुसैन को मंहगा पड़ गया। बिहार सरकार ने शेखपुरा डीएम की अनुशंसा पर जिला बचत पदाधिकारी को सस्पेंड कर दिया है। इसकी जानकारी देते हुए एडीपीआरओ ने कहा कि जब कभी भी जिला स्तर की समीक्षा बैठक डीएम द्वारा बुलाई जाती थी तो जिला बचत पदाधिकारी अनुपस्थित रहते थे जिससे डीएम को उनके विभाग की समीक्षा रिपोर्ट सरकार को भेजने में परेशानी होती थी। यहां तक कि उन्हें कई बार डीएम द्वारा शो कॉज भी पूछा गया लेकिन इसे वे गम्भीरता से नहीं लेते थे।अंततः डीएम दिनेश कुमार ने प्रपत्र “क” गठित कर जिला बचत पदाधिकारी के खिलाफ सरकार को भेज दिया और सरकार ने डीएम की अनुशंसा पर उन्हें सस्पेंड कर दिया।एडीपीआरओ ने बताया कि वे मुंगेर और शेखपुरा के चार्ज में थे। उन्होंने बताया कि डीएम ने आंतरिक संसाधन की समीक्षा बैठक भी विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों के साथ की गयी। समीक्षा बैठक में सबसे पहले वाणिज्यकर वसूली को लेकर बैठक समाहरणालय के सभाकक्ष में की गयी। उन्होंने बताया कि जिले में 5 महीने में 5.49 करोड़ की वसूली हुई है।यह वसूली अप्रैल से अगस्त तक हुई है। इसके बाद डीएम ने निबन्धन विभाग,परिवहन विभाग,खनन विभाग,मत्स्य विभाग,नगर परिषद शेखपुरा व बरबीघा,मापतौल विभाग और बिजली विभाग की समीक्षा बैठक राजस्व वसूली को लेकर की। सबसे कम राजस्व की वसूली वार्षिक लक्ष्य 37.42 करोड़ के विरुद्ध 22.67 करोड़ बिजली विभाग के रहने पर डीएम ने बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता को सख्त निर्देश दिया कि हर हाल में राजस्व को बढाएँ।यदि बिजली बिल बकाया है तो कन्जयूमर को पहले नोटिस दे तब उस पर कठोर कार्रवाई कर राजस्व की प्राप्ति करें।
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