बच्चो के सपनो में पंख लगाने कोड़ासी गांव पहुँचे समाजसेवी इंजीनियर आईपी गुप्ता।

जमुई से सौरव कुमार सिंह।। सत्य अहिंसा के उपासक भगवान महावीर की जन्मस्थली लछुआड़ से सटे कोड़ासी गांव में जहां नक्सलियों का गढ़ माना जाता था।नक्सलियों का विरोध करने वाले कई लोगो को विगत वर्ष में मौत के घाट उतार दिये जाने वाले कोड़ासी गांव का जिक्र आते ही मरियम की छवि सामने उभरती है।हालात पर यशवंत की रचना दिल की धड़कन को दिल से न दूर होने दो,कि प्रासंगिता पूरी तरह फिट बैठती है।
बदलते परिवेश में आज एक अलग ही घटा देखने को मिली।आज से कुछ दिन पहले परिवार विकास के संस्थापक भवानंद जी से समाजसेवी,इंजीनियर आईपी गुप्ता उनके कार्य क्षेत्रों के बारे में जानने की इच्क्षा जाहिर की थी।इसी क्रम में जंगलों की गोद मे बसा कोड़ासी गांव समाजसेवी ई.आईपी गुप्ता जी पहुँचे।कोड़ासी गांव में लगभग 130 घर है जिसमे 100 कोड़ा जाति,15 घर आदिवासी जाति एवं 15 घर भूमिहार समुदाय के लोग रहते है।यहाँ के लोगो का मुख्य पेशा पत्तल एवं लकड़ी चुनकर अपने औऱ अपने परिवारों का भरण-पोषण करना है।यहाँ के लोग सुबह होते ही जंगल की ओर निकल पड़ते है,जंगल से लकड़ी काटना,पत्ता चुनना और थोड़ी बहुत खेती ही जीवन जीने का सहारा है। शाम होने से पहले ग्रामीण जंगल छोड़कर गांव में आ जाते हैं।जंगल से ही यहाँ के ग्रामीणों की रोजी-रोटी चलती है।ऐसे में इनके समक्ष भूखमरी की समस्या आ जाती है।आज यहाँ की स्थित एकदम मृत सामान हो चुकी है।
कोड़ासी गांव के 18 से 25 वर्ष के युवा रोजगार हेतू दूसरे जगह पलायन कर जाते है।भवानंद सर की "परिवार विकास संस्थान" कोड़ासी गांव में एक नई अलख जगाई है।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साइकिल योजना से पहले ही भवानंद जी ने इस संस्थान के माध्यम से पढ़ने वाले कोड़ासी गांव के लड़के-लड़कियों के बीच साइकिल की वितरण की थी,आज इस साइकिल ने अपना कमाल कर दिखाया है।कोड़ासी गांव का प्रत्येक बच्चा स्कूल पढ़ने जाता है।लगभग हर साल कोड़ासी गांव के लोग मलेरिया से पीड़ित हो जाते है।इस समस्या से निजात पाने के लिए इन्होंने वाटर फ़िल्टर एवं मच्छरदानी वितरण करवाई,जिससे यहा की समस्या से निजात पाई गई।
समाजसेवी ई.आईपी गुप्ता ने कहा की भवानंद जी के द्वारा बाल एवं युवा क्लब के सदस्यों से मुझसे मिलवाकर मुझे यह अहसास करवाया की मेरे गाँव के बच्चो से ज्यादा कोड़ासी के बच्चे ज्यादा विकसित हो चुके है।इस गांव की लड़कियों की फुटवाल की एक टीम है,जिसमे बच्चियों द्वारा फुटबॉल के माध्यम से अपनी कला को प्रर्दशित कर रही है,जिसमे यहाँ की बच्चियों ने इंटर स्कूल फुटबॉल में प्रतियोगिता में विजेता रह चुकी है।
कोड़ासी गांव के बच्चियों के अनुरोध पर समाजसेवी ई. आईपी गुप्ता ने एक छोटा सा अनुदान करने को ठाना है।कोड़ासी गांव में स्थित बालबाड़ी केंद्र में सिलाई केंद्र द्वारा खोला जाएगा,जिसके लिए आईपी गुप्ता जी ने भवानंद जी को 5 सिलाई मशीन उपलब्ध करवाएंगे।परिवार विकास द्वारा संचालित केरियर क्लासेस के छात्रों से मिलने उनके समाजसेवी ई. आईपी गुप्ता पहुँचे,छात्रों से मिलकर उनके सपनों को जानकर श्री गुप्ता अभिभूत हो गये।श्री गुप्ता ने कहा की इन छात्रों को पंख देने के लिए में हमेशा इन बच्चो के साथ हूँ।मैं श्री भवानंद जी को दिल से धन्यवाद देना चाहता हूं की उन्होंने कोड़ासी गांव लाकर यहाँ की जन-समस्याओं से मुझे अवगत करवाये
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