सृजन घोटाला मध्यप्रदेश के व्यापम घोटाले से भी बड़ा है इस घोटाले में बीजेपी के बड़े बड़े नेता शामिल हैं- तेजस्वी

 भागलपुर (बिहार) । जांच करने वाली एजेंसी पर सरकार का दबाव है। केंद्र और राज्य में घोटाले में शामिल नेताओं के पार्टी की सरकार है। जबतक बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी इस्तीफा नहीं देते तबतक इस घोटाले की निष्पक्ष जांच नहीं हो सकती ये बातें नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सैंडिस कम्पाउण्ड में सृजन के दुर्जनों के विसर्जन को लेकर आयोजित एक जनसभा के दौरान कही। उन्होंने कहा कि पटना के गांधी मैदान के रैली में किए गए एलान के मुताबिक आज हमलोग भागलपुर में सृजन घोटाले की सच्चाई आपलोगों के बीच उजागर करने आए हैं। यह घोटाले 2000 करोड़ रुपये से ज्यादा का है। सरकार ओर सत्ता में ये घोटाला करने वाले लोग बैठे हैं। इसलिए नीतिश कुमार और सुशील मोदी का विसर्जन जरूरी है। भाजपा नेता गिरिराज सिंह, शहनवाज हुसैन, निशिकांत दूबे, अश्विनी कुमार चौबे सहित कई नेता इस घोटाले में शामिल हैं। इन घोटाले बाजों के पाप को छुपाने के लिए नीतीश कुमार ने घुटना टेका और भाजपा के साथ सरकार बनाई। असल में तेजस्वी महज एक बहाना था इन्हें सृजन का पाप छुपाना था। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि नीतीश कुमार नैतिक भ्रष्टाचार के पितामह हैं। नीतीश कुमार ने राज्य की गरीब जनता के जनादेश का अपमान किया है। मुख्यमंत्री अक्सर अपनी अंर्न्तात्मा की आवाज सुनकर फैसला लेते हैं। लेकिन सृजन घोटाले पर उन्होंने अंर्न्तात्मा की आवाज नहीं सुनी। मुख्यमंत्री को इस घोटाले पर इस्तीफा देना चाहिए। तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकारी पैसे का बंदरबांट करने के लिए घोटालेबाजों ने घोटाले का एक सिस्टम विकसित कर लिया। सुशील मोदी को इसकी जानकारी थी। इस घोटाले में उपमुख्यमंत्री की कई रिश्तेदार शामिल हैं। रेखा मोदी, जलान फैमिली सहित सुशील मोदी के कई करीबी लोग इस घोटाले में शामिल हैं। उक्त लोगों को सृजन के खातों से करोड़ों रूपये ट्रांसफर किए गए हैं। अभी तक इनलोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। सच बोलने पर लालू यादव के परिवार के खिलाफ सीबीआई और ईडी को लगा दिया जाता है।

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