राजधानी के चर्चित सेक्स स्कैंडल मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष ब्रजेश पांडे को दीअग्रिम जमानत

पटना (बिहार) सुप्रीम कोर्ट ने पॉक्सो कार्रवाई पर चिंता जाहिर करते हुये उक्त कांड की गंभीरता पूर्वक समीक्षा करने की बात कहीं हैं। पूर्व मंत्री की बेटी द्वारा पहले छेड़खानी की शिकायत और बाद में दिये गये बयान में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ब्रजेश पांडे द्वारा छेड़छाड़ करने की बात कहीं गयी थीं।पीड़िता अपने को नाबालिग बताई थी इसको लेकर पॉक्सो धारा लगाया गया था। बाद में पीड़िता के बयान पर बलात्कार की धारा जोड़ा गया था।इस मामले में पीड़िता का प्रेमी,ऑटोमोबाइल कारोबारी निखिल प्रियदर्शी, मनीष प्रियदर्शी, इनके पिता केबीपी सिन्हा,कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष ब्रजेश पांडे ,मृणाल किशोर ,संजीत शर्मा को आरोपी बनाया गया हैं ।अनुसंधान के क्रम में सीआईडी की एसआईटी ने पीड़िता का दो जन्म प्रमाण पत्र और एक ही सत्र को दो सर्टिफिकेट पाएं जानें पर पॉक्सो को हटा दिया था। पीड़िता अपने प्रेमी परिवार निखिल प्रियदर्शी से समझौता कर लिया। इस आधार पर आरोपी मनीष प्रियदर्शी, केबीपी सिन्हा को नियमित जमानत मिल गयी वहीं निखिल प्रियदर्शी को तीन माह का औपबंधित जमानत मिला हैं । युगल जोड़ी शादी के जश्न में डूबे हैं और मुम्बई यात्रा पर हैं । पीड़िता द्वारा अन्य आरोपियों से कोई समझौता नहीं किया गया हैं।आरोपी ब्रजेश पांडे एवं मृणाल किशोर का पटना हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत खारिज कर दिया हैं। वहीं संजीत शर्मा का जमानत याचिका पेंडिग हैं।लम्बे अरसे से पुलिस से बच रहें ब्रजेश पांडे ने सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल किया।सोमवार को याचिका पर सुनवाई करते हुये डबल बेंच ,न्यायमूर्ति ए के सिकरी एवं अशोक भूषण ने कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष ब्रजेश पांडे को अग्रिम जमानत दे दिया। वहीं पॉक्सो लगाने एवं एसआईटी के अनुसंधान पर कई सवाल खड़ा करते हुये कई दिशा निर्देश जारी किया है।
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