नन्हें हरिओम पांडे की जिल्लत भरी जिंदगी में होगा सुधार -- ई.आई.पी.गुप्ता

जमुई से सौरव सिंह सेंगर ।। जिले के लक्ष्मीपुर प्रखंड के निवासी पंकज पाण्डेय के पुत्र हरिओम पाण्डेय हैं।कुदरत की विडंबना की कहे या विधाता की चूक।इस बालक के बचपन काल से ही मल द्वार का रास्ता बंद पड़ा है।परिजनों ने डॉक्टरों से उसे दिखाया तो उन्होंने नाभी के बगल से मल त्याग करने की एक वैकल्पिक व्यवस्था कर दी।डॉक्टरों ने कहा की बालक हरिओम का ऑपरेशन करवाना होगा।इलाज महंगी होने के साथ-साथ घर की माली हालत अत्यंत दयनीय होने के कारण उसका ऑपरेशन नहीं हो पा रहा था।
इसी दौरान किसी सज्जन पुरूष ने हरिओम के पिता पंकज पाण्डेय को लोकप्रिय समाजसेवी इंजीनियर आई.पी.गुप्ता जी से मिलने की सलाह दी।यूं तो उन्होंने समाजसेवी गुप्ता जी के द्वारा किये गये ढेर सारे अनगिनत नेक कार्यो की चर्चा सुन रखी थी।बस फिर क्या था इसे ईश्वर की प्रेरणा कहे या खुशकिस्मती।पंकज पांडेय ने ई.आई.पी.गुप्ता जी से मिलकर अपनी सारी दुःख भरी व्यथा बतायी।बालक हरिओम के बचपन और जवानी के दिनों में उसके जिल्लत भरी जिंदगी की परिकल्पना करके ई.गुप्ता की आंखे नम हो गयी।
उन्होंने हरिओम के पिता को विश्वास दिलाया की अब यह बालक पैसे के अभाव में नारकीय जिंदगी नहीं जियेगा।इसके ऑपरेशन पर होने वाले सभी खर्च को मैं वहन करूंगा।आज से इसके लिये चिंता करना छोड़ दे।ई.आई.पी.गुप्ता जी के इस आश्वासन से हरिओम के पिता के आंखों में दर्द भरी टीस के जगह चेहरे पर खुशी की मुस्कान छा गयी।
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