खुशखबरी : अब नवादा और बिहारशरीफ के बीच होगा 36 किलोमीटर लंबी रेललाईन का निर्माण

पटना(बिहार)। नवादा-बिहारशरीफ के जिले वासियों को मिलेगा विश्वकर्मा पूजा का तोहफा।जिलेवासियों के लिए विश्वकर्मा पूजा खुशियों का सौगात लेकर आया है। रेलवे ने नवादा से बिहारशरीफ तक नई रेल लाइन के लिए सर्वे कराने का फैसला लिया है। इसके लिए निविदा का प्रकाशन भी कर दिया गया है। अब सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो किउल-गया रेलखंड के दोहरीकरण व विद्युतीकरण के साथ ही नवादा-बिहारशरीफ रेलखंड का निर्माण भी होगा। 
36 किमी की है परियोजना
नए रेलखंड निर्माण को जो प्रस्ताव है उसके अनुसार नवादा से बिहारशरीफ को जोड़ा जाना है। 36 किलोमीटर का यह रेलखंड होगा। आरईटी सर्वे के लिए निविदा का प्रकाशन पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर के द्वारा कर दिया गया है। 17 अक्टूबर तक ई-टेंडर के माध्यम से निविदा जमा लिया जाएगा। उसके बाद विभाग एजेंसी चयन को अंतिम रूप देगा। जो कंपनी सर्वे कार्य का जिम्मा लेगी उसे अगले 6 माह में रिपोर्ट विभाग को सौंपना होगा। सर्वे पर कुल 180864 रुपये का खर्च आएगा। सर्वे रिपोर्ट के बाद रेल मंत्रालय इस परियोजना पर अंतिम रूप से नीतिगत निर्णय लेगी।
चिरप्रतिक्षित मांग होगी पूरी
नवादा जिलेवासियों द्वारा राजधानी पटना तक सुगम यात्रा के लिए अर्से से किउल-गया रेलखंड के नवादा स्टेशन से राजगीर-बख्तियारपुर रेलखंड के पावापुरी अथवा बिहारशरीफ स्टेशन तक रेलपटरी बिछाने की मांग की जाती रही है। कई दशक से लोकसभा व विधानसभा चुनावों में रेलवे से जुड़ी मांगें प्रमुख होती थी। पहला केजी रेलखंड का दोहरीकरण व विद्युतीकरण, दूसरा नवादा से दिल्ली तक एक्सप्रेस ट्रेन और तीसरा नवादा से पावापुरी या बिहारशरीफ तक नई रेलखंड का निर्माण कराना।
खासकर लोकसभा चुनाव लड़ने वाले हर दल के प्रत्याशियों से यह मांग होती रही है। रेलखंड दोहरीकरण पर काम तेजी से हो रहा है। अब बिहारशरीफ तक रेल लाइन निर्माण की मांग पर भी अमल किया गया है। एक और मांग दिल्ली तक एक्सप्रेस ट्रेन के बाबत रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा कह चुके हैं कि दोहरीकरण व विद्युतकीरण का काम पूरा होने के बाद उक्त मांग भी पूरी हो जाएगी। तीनों मांगे पूरी होने के बाद नवादा के लोग रेल नेटवर्क के मामले में काफी समृद्ध हो जाएंगे। विगत कुछ वर्षों से जनसंघर्ष मोर्चा द्वारा इस मांग को लेकर सतत आंदोलन भी चलाया जाता रहा है। अनिल मेहता के नेतृत्व में मोर्चा के कार्यकर्ता कहीं ज्यादा सक्रिय थे। रेलखंड का निरीक्षण करने आने वाले अधिकारियों को तमाम अधिकारियों से आम लोगों के साथ ही दैनिक यात्री संघ भी अपनी मांग पत्र में इसे आवश्यक रूप से शामिल करते थे। कुछ माह पूर्व केजी रेलखंड के दोहरीकरण व विद्युतीकरण कार्य का शिलान्यास करने नवादा आए रेल राज्य मंत्री को भी उक्त मांग का कई आवेदन लोगों द्वारा दिया गया था। सांसद सह केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह पर भी दबाव था। हिसुआ विधायक अनिल सिंह कई दफा रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा से इस रेलखंड के निर्माण के लिए मिल चुके थे। अब जबकि रेलखंड के सर्वे का टेंडर निकाला गया है, उम्मीदें लोगों की बढ़ गई है।
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