बिहार बोर्ड को चुनौती दी कोसी की बेटी ने

बिहार बोर्ड को चुनौती दी कोसी की बेटी ने

पटना(बिहार ब्यूरो)।। बिहार बोर्ड को चुनौती देकर कोसी की बेटी ने साबित की अपनी काबिलियत, अब मिलेगा पाँच लाख का जुर्माना राशि।
सेंटर सेटिंग से फर्जी टॉपर बनने के कई किस्‍से बिहार को बदनाम कर चुके हैं। रुबी राय और गणेश के खेल ने बिहार को शर्मसार किया था। पर यह कहानी दूसरी है। बिहार के सहरसा जिले की सिमरी बख्तियारपुर की रहनेवाली मेधा की मिसाल है प्रियंका सिंह। बोर्ड प्रियंका को झुठलाता रहा पर वह जिद पर अड़ी रही। बोर्ड उसे फेल करता रहा, प्रियंका कहती रही कि मैं फेल कर नहीं सकती हूं। चाहे जिसे मर्जी जांच कर ले। आखिर में प्रियंका की जीत हुई है। लेकिन कोर्ट की लंबी लड़ाई के बाद जीत हासिल हुई।

भविष्‍य अब भी अधर में लटका है, कारण कि दाखिला कहीं नहीं मिला है। जबकि वह बोर्ड की ओर से घोषित मैट्रिक परीक्षा 2017 के टॉप-10 से बस नीचे आई है। हाई कोर्ट ने बिहार बोर्ड पर 5 लाख का जुर्माना लगाया है, साथ ही इस राशि को याचिकाकर्ता को देना है। इस संबंध में सहरसा के सदर थाना में बिहार बोर्ड के प्रशाखा पदाधिकारी अंजनी सिन्हा ने मामला दर्ज करवाया है।

बताते चलें कि प्रियंका सिंह सहरसा के बख्तियारपुर पुलिस स्‍टेशन के गंगा प्रसाद गांव के रहने वाले राजीव कुमार सिंह की बेटी है। पढ़ने में तेज है, अब यह प्रमाणित हो चुका है। उसने 2017 की मैट्रिक परीक्षा सहरसा के डीडी हाई स्‍कूल, सड्डिहा से दी। जिसका रौल कोड 41047 और रौल नंबर 1700124 था। प्रियंका परीक्षा के बाद से ही रिजल्‍ट के इंतजार में रही। रिजल्‍ट आया तो वह सदमे में आ गई। बोर्ड के रिजल्‍ट में वह फेल थी।
प्रियंका मानने को तैयार नहीं थी कि वह फेल हो सकती है। प्रियंका के अभिवावक उसे डांटे जा रहे थे लेकिन उसे स्‍वयं पर भरोसा था। संस्‍कृत में मात्र 9 अंक मिलने के कारण वह फेल हुई थी। प्रियंका को साइंस में मिला अंक भी कम लग रहा था। अपने अभिभावक को रजामंद करने के बाद प्रियंका ने आंसर-शीट की स्‍क्रूटनी के लिए फार्म भरा पर बोर्ड ने नो चेंज कह कर प्रियंका को फिर से फेल कह दिया। प्रियंका गहरे सदमे में चली गई लेकिन वह अब भी स्‍वयं को फेल मानने को तैयार नहीं थी।

स्‍क्रूटनी में नो चेंज के बाद प्रियंका के अभिवावक तो और खफा हो गये थे लेकिन प्रियंका ने उन्हें मनाया और कहा कि हाई कोर्ट में चुनौती देंगे। फिर बिहार बोर्ड को कॉपी दिखाने को कहेंगे। बोर्ड ऐसे कॉपी किसी को नहीं दिखाता था पर प्रियंका के परिवार की माली हालत भी बहुत ठीक नहीं थी। लेकिन बेटी के उम्मीद को जिंदा रखने के लिये, वो अगस्‍त में पटना हाईकोर्ट की शरण में पहुंचे और जस्टिस चक्रधारी शरण सिंह की अदालत में सुनवाई शुरु हुई। बिहार स्‍कूल एग्‍जामिनेशन बोर्ड ने प्रियंका सिंह के दावे को यहां भी पहले झुठलाने की कोशिश की और कहा प्रियंका गुमराह कर रही है। कोर्ट और बोर्ड का समय बर्बाद कर रही है। पर प्रियंका अपने भरोसे पर अड़ी रही और कहा – मैं फेल हूं, तो कोर्ट मुझे मेरी आंसर-शीट कोर्ट में दिखाए।

हाईकोर्ट ने कहा आंसर शीट देखने को बोर्ड के कहे अनुसार 40 हजार रुपये जमा करने होंगे। दावा गलत निकला तो रुपए की जब्‍ती हो जाएगी। फिर से प्रियंका ने अपने अभिवावक को भरोसे में लिया। पैसे की व्‍यवस्‍था इधर-उधर से की गई। पैसा जमा होने के बाद कोर्ट ने एग्‍जामिनेशन बोर्ड को प्रियंका की संस्‍कृत और साइंस की आंसर शीट लेकर आने को कहा। बोर्ड कोर्ट में लेकर पहुंची। फिर से कहा कोई गड़बड़ी नहीं हुई है जांचने में। प्रियंका ने जज साहब से मांग कर कॉपी देखी। अब असली खेला सामने आया।

बोर्ड प्रियंका सिंह को जो आंसर शीट दिखा रहा था, वह प्रियंका सिंह की लिखी हुई नहीं थी। प्रियंका ने चैलेंज किया कोर्ट ने सामने बैठ हैंडराइटिंग का नमूना देने को कहा। अब बोर्ड की हवाइयां उड़ गई। कोर्ट ने भी पाया कि प्रियंका की आंसर शीट और ओरिजनल हैंडराइटिंग मैच नहीं खाती है। तय हो गया कि दूसरे की आंसर-शीट से प्रियंका को फेल कर दिया गया है।

हाईकोर्ट ने बोर्ड को फटकार लगाते हुए कहा कि प्रियंका की ओरिजनल आंसर शीट लाइए। कहां गुम हो जाएगा। यह खेल बच्‍चों के साथ नहीं चल सकता। हाई लेवल इनक्‍वायरी बैठी। प्रियंका की ओरिजनल आंसर शीट की तलाश शुरु हुई। तलाश में बोर्ड के सबसे बड़े घोटाले का भंडा फूटा। मालूम हुआ कि प्रियंका की आंसर शीट में बार कोडिंग गलत तरीके से हुई। प्रियंका की आंसर-शीट से दूसरी छात्रा संतुष्टि कुमारी को संस्‍कृत और साइंस में फेल से पास कर दिया गया, जबकि प्रियंका पास से फेल कर दी गई। अब असली आंसर-शीट के साथ बोर्ड को हाई कोर्ट में जाना पड़ा। प्रियंका को नया नंबर मिला। अब वह सिर्फ फर्स्‍ट डिवीजन में पास ही नहीं है, बल्कि टॉप-10 के ठीक नीचे है।

कोर्ट ने एग्‍जामिनेशन बोर्ड को पांच लाख रुपये का जुर्माना भरने को कहा है। अभी मैट्रिक परीक्षा 2017 की सभी आंसर शीट सुरक्षित रखनी होगी। कारण कि ऐसे कई मामलों को हाईकोर्ट ने पहले मानने से इंकार कर दिया था। पर प्रियंका की जिद ने बिहार बोर्ड के सबसे बड़े घोटाले का भंडाफोड़ कर दिया है।
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