उग हो सुरुज देव भोर भिनसरवा अरग के बेरिया हो

बिहार समाचार

जमुई(बिहार)।छठ महापर्व का नहाय-खाय अनुष्ठान संपन्न होने के साथ ही सर्वत्र आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। चहुंओर भगवान भास्कर की जय जयकार हो रही है। छठ घाटों को स्वच्छ निर्मल किया जा रहा है। व्रतियों के घरों में नेम-निष्ठा का पालन हो रहा है। वहां सुबह-शाम छठ मैया के गीत गूंज रहे हैं। व्रतियों के घर रिश्तेदार पहुंच रहे हैं और पूजा की विधि व्यवस्था संभाल रहे हैं। पंडित नागेंद्र आचार्य ने बताया कि छठ पूजा सूर्योपासना का पर्व है। यह पर्व भगवान सूर्य के प्रति आभार जताने का भी पर्व है।

दूध और घी की बढ़ी मांग 

छठ पूजा को लेकर दूध और घी की मांग बढ़ गई है। पूजा पर खरना अनुष्ठान से लेकर अ‌र्घ्य अर्पण तक दूध का उपयोग होता है। ग्रामीण इलाकों में लोग दूध का उपयोग बंद कर खरना अनुष्ठान के लिए व्रतियों को उपलब्ध करा रहे हैं। इसी प्रकार पूजा का दीपक और प्रसाद निर्माण में घी का उपयोग होता है सो इसकी भी खूब मांग है।

महंगाई पर भारी पड़ रही आस्था 

जीएसटी की आड़ में सब्जियों और फलों के आसमान छूते कीमत के बाद भी व्रतियों की आस्था में कमी नहीं आई है। फलों के बढ़े दाम के बावजूद लोगों ने जमकर खरीदारी की।

बाजार में फलों के भाव 

सेब 80-100 रुपये किलो, केला 60-80 प्रति दर्जन, संतरा 80 रुपये किलो, पानी फल सिघाड़ा 60 रुपये किलो, मटर 250 किलो,
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