मेरी बेटी भात-भात कहते मर गई,वो आधार माँगते रहें

उर्जांचल टाइगर (जो दिखेगा,वो छपेगा)



डिजिटल इंडिया में ११ साल की बच्ची कि मौत  तड़प तड़प कर इसलिए हो जाती है के उसका राशन कार्ड आधार से लिंक नहीं था
न्यूज डेस्क।। झारखण्ड के सिमडेगा जिले के करीमती गांव में 11 साल की एक लड़की भूख के कारण तड़प-तड़प कर महज इसलिए मर गई, क्योंकि उसका परिवार अपने राशन कार्ड को आधार से लिंक नहीं करा पाया। ऐसे में इस परिवार को पीडीएस स्कीम के तहत गरीबों को मिलने वाला राशन पिछले कई महीनों से नहीं मिल पा रहा था। परिवार का कहना है कि संतोषी कुमारी नाम की इस लड़की ने 8 दिन से खाना नहीं खाया था, जिसके चलते बीते 28 सितंबर को भूख से उसकी मौत हो गई।

"मैं जब वहां चावल लेने गई तो मुझे बताया गया कि राशन नहीं दिया जाएगा. मेरी बेटी ‘भात-भात’ कहते मर गई।" - कोयली देवी (संतोषी की मां)
सिमडेगा में बच्ची के निधन से व्यथित हूं। उपायुक्त को तुरंत पीड़ित परिवार से मिलने को कहा है. पीड़ित परिवार की हर संभव मदद की जाएगी। - रघुवर दास, मुख्यमंत्री, झारखण्ड


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