पटना म्यूजियम का होगा सौंदर्यीकरण- मुख्यमंत्री

पटना म्यूजियम का होगा सौंदर्यीकरण- मुख्यमंत्री

पटना (स्टेट हेड-मुकेश कुमार)। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज पटना म्यूजियम का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने पटना म्यूजियम में लगभग तीन घंटे बिताये और पटना म्यूजियम के लगभग सभी दीर्घाओं का अवलोकन किया। उन्होंने पटना म्यूजियम के बाहरी हिस्से के चारो तरफ जाकर निरीक्षण किया और अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने टेराकोटा आर्ट गैलरी, बुद्ध अस्थि कलश दीर्घा, धातु कला दीर्घा, राहुल सांकृत्यायन संग्रह दीर्घा, सज्जा कला एवं अस्त्र-शस्त्र दीर्घा, चित्रकला दीर्घा, पाटलिपुत्र दीर्घा, डाॅ. राजेन्द्र संग्रह दीर्घा समेत अन्य दीर्घाओं का भी अवलोकन किया और सौंदर्यीकरण के संबंध में निर्देश दिये। उन्होंने राहुल सांकृत्यायन दीर्घा के अवलोकन के क्रम में कहा कि वे उनकी पाण्डुलिपि का डिसप्ले चाहते हैं।

डाॅ.राजेन्द्र संग्रह दीर्घा के अवलोकन के क्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि डाॅ. राजेन्द्र बाबू जो कपड़ा पहनते थे, वह डिसप्ले पहले यहाॅ हुआ करता था। उनके द्वारा पहने गये कोट का यहाॅ डिसप्ले मैंने पूर्व में देखा था। उन्होंने कहा कि उन वस्त्रों का डिसप्ले यहाॅ रहना चाहिये। मुख्यमंत्री ने पटना म्यूजियम में मौर्य काल के लकड़ी का चक्का का अवलोकन किया, जो कुम्हरार के सामने बुलंदी बाग में मिला था। उन्होंने पटना म्यूजियम के परिसर में अशोक स्तम्भ के खण्डहर का अवलोकन करते हुये कहा कि यह अच्छा बना है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पटना म्यूजियम के बाहर इतना सुंदर लुक दीजिये कि लोगों के मन में उत्सुकता पैदा हो जाय। उन्होंने पटना म्यूजियम के लाॅन परिसर के सौदर्यीकरण का भी निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि पटना म्यूजियम में जगह की कोई कमी नहीं है। मुख्यमंत्री ने पटना म्यूजियम के विजिटर्स बुक में अपनी टिप्पणी दर्ज की कि पटना म्यूजियम का विस्तार करें। लगभग तीन घंटे पटना म्यूजियम के परिभ्रमण और अधिकारियों को आवश्यक दिशा- निर्देश देने के पश्च्यात मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत करते हुये कहा कि पटना म्यूजियम को विस्तार देना है। उन्होंने कहा कि कई साल पहले वे पटना म्यूजियम देखने आये थे। यहाॅ जो प्रदर्शन हैं, उसको देखते हुये ये बात समझ में आयी कि हमें एक और म्यूजियम बनाना चाहिये और उसके तहत अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का एक और म्यूजियम बन गया। उन्होंने कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय मानक के अनुरूप भारत में पहली बार उस म्यूजियम का निर्माण हुआ है। उन्होंने कहा कि जो हमारा पटना म्यूजियम है, उसके कुछ प्रदर्शन तो वहाॅ जायेंगे लेकिन बहुत सारे प्रदर्शन ऐसे हैं, जो जगह की कमी के कारण ठीक ढ़ंग से डिसप्ले नहीं किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इसके लिये हमलोगों ने आज सारे जगहों को देखा है और इस पर विस्तृत चर्चा हुयी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तिब्बत से राहुल सांकृत्यायन जी जो पाण्डुलिपि लाये, उसकी कुछ चीजें डिसप्लेड हैं, बाकी चीजें सुरक्षित रखी गयी हैं। उसको भी एक प्रक्रिया के तहत कोई प्रदर्शन कुछ समय के लिये तो दूसरा प्रदर्शन कुछ समय के लिये डिसप्ले होती हैं। उन्होंने कहा कि सारनाथ में एक यूनिवर्सिटी है, उनके साथ हमलोगों की चर्चा हुयी है कि जो तिब्बत से लाये हुये राहुल सांकृत्यायन की पाण्डुलिपियाॅ हैं, उनका डिजिटलाइजेशन किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन पाण्डुलिपियों का हिन्दी और अंग्रेजी दो भाषाओं में अनुवाद कराना चाहिये ताकि लोग जान सकें कि क्या है। उन्होंने कहा कि एक तो वह भी करना है और दूसरा राहुल सांकृत्यायन जी की पाण्डुलिपियों का डिसप्ले होना है, उसके लिये अब यहाॅ जगह मिल गयी है।

उन्होंने कहा कि इस म्यूजियम की सबसे बड़ी खासियत है हिस्ट्री का नेचर। उसमें अब बहुत सारी चीजें जगह मिलने से और ज्यादा बढ़िया ढ़ंग से डिसप्ले किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हमलोगों ने चर्चा की है म्यूजियम के विस्तार के संबंध में और इसका जो स्वरूप है, उसको मेनटेन करते हुये इसके तीन तरफ हमलोग विचार करेंगे कि और स्ट्रक्चर बनाया जाय ताकि उसमें सब कुछ आधुनिक तरीके से दिखलाया जा सके। छठ की तैयारियों के संबंध में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छठ घाटों का हमने दो बार निरीक्षण कर लिया है। चाहे वह बुडको के द्वारा हो या पटना नगर निगम के द्वारा, पूरी तैयारी की जा रही है।
जिला प्राशासन द्वारा भी पूरी तैयारी की जा रही है और हर विभाग चाहे वह बिजली विभाग हो या अन्य विभाग, सभी तैयारियाॅ की जा रही है। उन्होंने कहा कि कलेक्ट्रेट और बांस घाट पर ओपेन स्पेश ज्यादा उपलब्ध है और ज्यादा लोग वहाॅ जा सकें, इसके लिये सड़कें बना दी गयी है और जो भी संभव है, किया जा रहा है। हर दृष्टिकोण से प्रशासन पूरे तौर पर सजग है। उन्होंने कहा कि जो भी खतरनाक घाट हैं, उसको पूरी तरह बंद कर दिया गया है और जिन घाटों पर अध्र्य हो सकता है, उसको विकसित कर दिया गया है। सब काम हुआ है। उन्होंने कहा कि हमने दो बार देखा है देखने के बाद हमें जो भी लगा है, उस पर सुझाव दिया है और काम पूरी मुस्तैदी से चल रहा है। इस अवसर पर मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, प्रधान सचिव कला, संस्कृति चैतन्य प्रसाद, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, मुख्यमंत्री के विषेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, जिलाधिकारी पटना संजय कुमार अग्रवाल, वरीय पुलिस अधीक्षक मनु महाराज सहित पटना म्यूजियम के वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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