किउल नदी में कम पानी होने के कारण बना दलदल , घाट निर्माण में हो रही हैं परेशानी

किउल नदी में कम पानी होने के कारण बना दलदल , घाट निर्माण में हो रही हैं परेशानी

लखीसराय(बिहार)।। लोक आस्था का महापर्व छठ शुरू होने में महज एक दिन रह गया है। छठ पर्व की तैयारी को लेकर जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई लगातार बैठके की गई। शहर के संसार पोखर स्थित छठ घाटों की सफाई को लेकर नगरपालिका का पोल खुल गई है । वहीं शहर के अष्टघटी तालाब, सोनिया पोखर, कबैया पोखर मे सामाजिक कार्यकर्ताओ की मौजूदगी सफाई अभियान चलाया जा रहा है।

लखीसराय शहर के अलावे दूर दराज के सैकड़ों छठव्रती भी किऊल नदी में भगवान सूर्य को अर्घ्य देने आते है। लेकिन स्थिति ऐसी है की नालियो का पानी किऊल नदी में बह रहा है । हालिया बरसाती पानी के कारण नदी किनारे पर बहुत कम पानी होने के कारण किचड़ से दलदल बन गए है। नगर परिषद के कर्मीयों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की देखरेख में घाट निर्माण में परेशानी हो रही हैं।
जिला प्रशासन ने लखीसराय किऊल नदी किनारे कुल 19 घाटो को चिन्हित किया है जहाँ नागरिक सुविधाएं के साथ साथ सुरक्षा व्यवस्था भी सुदृढ रहेगी।

हिन्दू धर्म का महान लोक आस्था के छठ पर्व का विशेष महत्व है। इस पर्व को महिला और पुरुष समान रूप से मानते हैं। यह पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से आरंभ होकर सप्तमी तक चलता है। पहले दिन यानि चतुर्थी तिथि को नहाय-खाय के रूप में मनाया जाता है। दूसरे दिन यानि पंचमी को खरना व्रत किया जाता है।

इस दिन शाम के समय व्रती प्रसाद के रूप में खीर और गुड़ के अलावे फल आदि का सेवन करती हैं। इसके साथ ही अगले 36 घंटे के लिए निर्जला व्रत रखा जाता है। मान्यता है कि खरना पूजन से छठ देवी खुश होती हैं और घर में वास करतीं हैं। छठ पूजा की अहम तिथि षष्ठी को किसी नदी या जलाशाय के में उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही इस महापर्व का समापन होता है। अब देखना है कि जिला प्रशासन छठ पर्व में छठव्रतियों के क्या व्यवस्था कर पाती है।
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