सिंगरौली- शासकीय चिकित्सा व्यवस्था के लिए निर्देश,प्राइवेट नर्सिंगहोम को कब?


सिंगरौली।।कलेक्टर अनुराग चौधरी के द्वारा जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया, आवश्यक दिशा निर्देश मुख्य स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी एवं शिविल सर्जन को देते हुए कहा कि मै अब दिपावली के दो पूर्व व्यवस्था देखने हेतु आउगा उक्त अवधि में दिए गऐ निर्देश का पालन पूर्ण कर लिया जाय। 

कलेक्टर अनुराग चौधरी के द्वारा चिकित्सालय में चल रहे वार्डो के छतों रिपेयरिंग के कार्यो का निरीक्षण करते हुए निर्देश दिया गया कि चल रहे कार्य दिपावली तक पूर्ण किए जाय। साथ ही अन्य वार्डो के छतों का भी रिपेयरिंग कार्य करने का तथा विद्युत व्यवस्था को भी सही करने के साथ-साथ बिखरे हुए तारों को सही किए जाने का निर्देश देते हुए कहा कि अस्पताल की साफ-सफाई एवं भवन की पोताई विखरे हुए समानों को स्टोर में सुसज्जित ढंग से रखने का निर्देश दिया गया। वही डाक्टर एवं स्टफ के द्वारा ड्रेस कोड पहन के नही आने के कारण नराजगी जाहिर की गई। कलेक्टर के द्वारा वार्डो में जा जाकर मरीजों के हालत सुना गया। एवं उनसे दवा सहित दिए जाने वाले भोजन कि जानकारी ली गई। तथा कुपोषित बच्चों के भी वार्ड में भ्रमण कर जायाज लिया जाकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। 

पैथालाजी को बेहतरीन तरीके से संचालन करने हेतु दो कक्षों की व्यवस्था कराए जाने का निर्देश शिवल सर्जन को देते हुए कहा गया कि अधिक से अधिक इस आशय का प्रचार प्रशार भी कराया जाय कि निःशुल्क पैथालाजी में जिला चिकित्सालय के पैथालाजी में अपना निःशुल्क परीक्षण करावें। इसके अलावा डाक्टरो की ड्यूटी चार्ट एवं पूछ ताछ केन्द्र में कार्यारत कर्मचारियों के नाम की सूची भी अंकित कराएं भ्रमण के दौरान कलेक्टर के द्वारा निर्माणाधीन अतिरिक्त कक्षो एवं जिला चिकित्सालय के परिसर में पूरी बाउंड्री वाल निर्माण कराए जाने का निर्देश दिया गया। 


नियम के विरुद्ध क्लिनिक संचालित करने पर चिकित्सकों को लगाई फटकार 

कलेक्टर  अनुराग चौधरी के द्वारा चिकित्सालय परिसर में स्थित डाक्टर आवास डाक्टर आर.बी सिंह एवं डाक्टर ओ.पी झा, एवं डाक्टर बद्री सिंह के आवासों में एकठी भीड़ को देखकर कलेक्टर स्वम इनके क्लीनिकों में पहुचे तथा मौके की स्थित देखने के पश्चात शिविल सर्जन को निर्देश दिए कि शासकीय आवासों को संबंधित डॉ. के द्वारा कमर्षिल के रूप में बनाया जाकर अपनी स्वयं की क्लीनिक चलाई जा रही है। जो अमन्य है तथा यह भी निर्देश दिया गया कि संबंधित डाक्टर प्रति दिवस जितने व्यक्तियों का ईलाज कर रहे है। उनका नाम भी रजिस्टर पंजी में अंकित करे एवं उन्हें लिए गए फीस की तथा दवाओं की रशीद भी दिया जाना सुनिश्चित करें वही डाक्टर बंद्री सिंह के आवास को रिक्त कराने के साथ साथ संचालित की जारही पैथालाजी को शील कराया गया। अन्त में शिविल सर्जन को निर्देश दिया गया कि सभी वार्डो की साफ सफाई अस्पताल परिसर की बेहतरीन ढंग से साफ सफाई कराई जाय एवं पैथालाजी में टेक्नीशियन की व्यवस्था कराई जाय।

चिकित्सा के नाम पर प्राइवेट नर्सिंग होम भी कम नहीं लुटते हैं।

सरकारी चिकित्सकों के लिए तो कलेक्टर साहेब ने दिशानिर्देश जारी कर दिए और शायद देर सबेर सुधार हो जाए लेकिन प्राइवेट नर्सिंगहोम द्वारा किए जा रहे लुट खसोट पर कब लगेगा लगाम यह बात लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। सूत्र बताते हैं के जिले में संचालित नर्सिंगहोम की यदि निष्पक्ष रूप से जांच हो जाए तो इनकी असलियत सामने आ सकती है। ऐसा ही कुछ हाल दवाई के नाम पर बेचे जा रहे अमानक दवाओं के गोरख धंधे का भी।

निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  प्रियंक मिश्रा, एसडीएम विकास सिंह, मुख्य स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी  डॉ. राजेश श्रीवास्तव, शिविल सर्जन एन.के जैन,पी.डब्ल्यू डी के कार्यपालन यंत्री  डी.के सिंह, उपस्थित रहें।

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