दीपावली के शुभ अवसर पर आचार्य राजेश मिश्र ने दी महत्व पूर्ण जानकारी

उर्जांचल टाइगर (जो दिखेगा,वो छपेगा)


दीप शंकर मिश्र"विद्यार्थी" विशेष संवाददाता 
लखनऊ।। लखीमपुर इस बार दीपावली 19 अक्टूबर 2017 गुरु बार को है ।यह समय लक्ष्मी आराधना का बिशेष होता है ,जो कि शास्त्र विश्रुत है ।इस दिन स्थिर लग्न में लक्ष्मी पूजन करने की प्राचीन परम्परा है जो सभी सत्पुरुषों को विद्यवत् पूजन करना चाहिऐ ।सभी अपने -घरो में दुकान ,प्रतिष्ठानो में ,फैक्टरी फर्म आदि पर लक्ष्मी पूजन करें ।
आचार्य राजेश मिश्र
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार तीन स्थिर मुर्हुतशुभ मुर्हुत दोपहर 2/17से 3/48 तक कुम्भ लग्न शायं प्रदोष काल 6/55से 8/53 तक वृष लग्न मध्यान रात 1/23से 3/37 तक विशिष्ट सिंह लग्न में गणेश लक्ष्मी पूजन, हवन ,कुबेर पूजन ,दीपमालिक पूजन , खाता वही ,तुला पूजन ,लेखनी दवात सरस्वती पूजन कुवेर हनुमान आदि का श्रेष्ट समय में पूजन करें ।तीसरा विशिष्ट मुर्हुत में पूजन लक्ष्मी आराधना व्यवसायिक पुरुषो को लक्ष्मी पूजन एंव तत्रं जगत साधना के लिऐ जप पूजन पाठ कर सुख मय जीवन व्यतीत करे व लक्ष्मी वैभव ऐश्वर्य प्रख्याति पायें कुछ लक्ष्मी पूजन की सामग्री केसाथ पूजन करें पंचोपचार षोढशोपचार - लाल पीला वस्त्र एक चौकी पर बिछाऐं फिर गणेश लक्ष्मी आदि मुर्ति स्थापित करें पाद्य ,अर्घ ,आचमन ,स्नान पंच्चामृत ,स्नान ,वस्त्र यज्ञोपवीत,चंदन ,अक्षत ,पुष्पमाला,दुर्वा ,सिंदूर ,अमीर गुलाल ,सेंट ,धूप,दीप, नवैद्य भोग ,फल ,ताम्बूल,दक्षिणा , बिशेषा अर्घ्य ,प्रार्थना,पुष्पांजली ,जयघोसकर जप साधना करें *बिशेष चांदी के पात्र में भोग समर्पित करे व गुड खडी़ धनिया का भी लक्ष्मी जी को भोग लगावें साथ में अनार फल,सरीफा ,कमल फूल ,मखाना माला अर्पण करें एंवम् खील धान लावा से निवेदित करे। ,अष्टलक्ष्मी,रिद्धी सिद्धी कुवेर को आठ दीपक घी के जलावें , कमल गट्टा ,हल्दी गांठ ,मजीठ ,कंज ,दुर्वा, कौडी ,चांदी सिक्का ,खील बसना के लिये पूजन कर तिजोरी में रखें रात भर घी का दीपक जलायें ,,कमल गट्टे की माला से जाप कर सुख सम्पदा लक्ष्मी वैभव आदि प्रात करे।


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