भारत में मरीज़ों को महज़ दो मिनट देखते हैं डॉक्टर- रिपोर्ट


लंदन।। भारत में डॉक्टर मरीजों को औसतन महज दो मिनट ही देखते हैं । एक नये वैश्विक अध्ययन में यह कहा गया है। इसमें कहा गया है कि दुनिया की आधी आबादी के लिए प्राथमिक चिकित्सा परामर्श पांच मिनट से भी कम का होता है जो कि बांग्लादेश में 48 सेकेंड और स्वीडन में 22.5 मिनट है। 

ब्रिटेन की चिकित्सा पर आधारित पत्रिका बीएमजे ओपन में कहा गया है कि भारत में प्राथमिक चिकित्सा परामर्श का समय 2015 में दो मिनट था, जबकि बगल के पाकिस्तान में 2016 में यह महज 1.79 मिनट का रहा ।

पत्रिका में शोधकतार्ओं ने लिखा है , कम परामर्श समय मरीज के खराब स्वास्थ्य नतीजे से जुड़ा है और डॉक्टरों को जूझने के लिए ज्यादाजोखिम हो जाता है। दुनिया भर में प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा की मांग बढ़ने से परामर्श के समय पर दबाव बढ़ रहा है।

मरीजों और स्वास्थ्य सुविधा तंत्र पर संभावित असर का पता लगाने के लिए शोधकतार्ओं ने 178 संबंधित अध्ययनों से परामर्श समय की समीक्षा की जिसमें 67 देशों और 2.85 करोड़ से ज्यादा परामर्श को समेटा गया है।

रिपोर्ट की खास बातें

रिपोर्ट के अनुसार, जहां कंसल्टेशन टाइम कम है, वहां मरीजों का इलाज ठीक से नहीं हो रहा है। 67 देशों के दो करोड़ 85 लाख कंसल्टेशन्स का अध्ययन करने के बाद यह रिपोर्ट जारी की गई है।

दुनिया की आधी आबादी वाले 15 देशों में 5 मिनट से कम समय में ही मरीज का इलाज कर दिया जाता है। 25 अन्य देशों में यह समय 10 मिनट का है।

रिसर्च करने वालों का कहना है कि पांच मिनट से कम में मरीज को ठीक से नहीं देखा जा सका। यानी ऐसे डॉक्टर महज पैसा कमाने के लिए बैठे हैं।

विकसित देशों में हालात अच्छे हैं और साल दर साल सुधार भी हो रहा है। अमेरिका में डॉक्टर एक मरीज पर औसतन 20 मिनट खर्च करता है। हर साल इसमें 12 सेकंड का इजाफा हो रहा है। ब्रिटेन में यह समय 10 मिनट है और हर साल 4 सेकंड का इजाफा हो रहा है।

Post a Comment

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget