हमारी संस्कृति, राष्ट्रीयता एवं अस्मिता से जुड़ी है हिन्दी - श्री टी.बी.राजू


एनसीएल में दो दिवसीय राजभाषा कार्यशाला संपन्न

सिंगरौली ब्यूरो।। भारत सरकार की मिनी रत्न कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) में आयोजित दो दिवसीय राजभाषा कार्यशाला शनिवार को संपन्न हुई। एनसीएल मुख्यालय स्थित केंद्रीय उत्खनन प्रशिक्षण संस्थान (सीईटीआई) में 24 व 25 नवंबर, 2017 को आयोजित इस कार्यशाला में एनसीएल के विभिन्न क्षेत्रों (एरिया)/इकाइयों के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ-साथ नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), सिंगरौली के विभिन्न सदस्य कार्यालयों के अधिकारियों-कर्मचारियों ने भाग लिया। कार्यशाला के समापन समारोह में एनसीएल के महाप्रबंधक (कार्मिक/राजभाषा) टी0बी0 राजू बतौर मुख्य अतिथि एवं महाप्रबंधक (सीईटीआई) राजशेखर कोट्टूरी बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित थे।

इस अवसर पर अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि श्री राजू ने कहा कि राजभाषा कार्यशाला का आयोजन कर कर्मियों को राजभाषा में कार्य करने के लिए प्रेरित व प्रोत्साहित किया जाता है, जिसके परिणाम स्वरूप राजभाषा अधिनियम 1963 की धारा 3(3) का शत-प्रतिशत अनुपालन तथा हिन्दी पत्राचार में हम लक्ष्य के करीब पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिन्दी में कार्य करना देश की सेवा समान है। हिन्दी में कार्य करना आसान है, केवल झिझक छोड़कर प्रयास करने की आवश्यकता है। हिन्दी हमारी संस्कृति, राष्ट्रीयता एवं अस्मिता से जुड़ी हुई भाषा है। हिन्दी हमारी स्वतंत्रता आंदोलन की भाषा रही है। हिन्दी में कार्य करना संवैधानिक दायित्व के साथ-साथ नैतिक कर्तव्य भी है।

श्री कोट्टूरी ने अपने उद्बोधन में कहा कि हिन्दी के कठिन शब्दों में न उलझते हुए सरल शब्दों का प्रयोग कर कार्यालयीन कार्य हिन्दी में करें। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस दो दिवसीय राजभाषा कार्यशाला में प्रशिक्षण प्राप्त करने के उपरांत अधिकारी-कर्मचारी अपने-अपने कार्यालय में अधिक से अधिक कार्य राजभाषा हिन्दी में संपन्न कर एनसीएल को राजभाषा के क्षेत्र में अग्रणी रखेंगे।

इस दो दिवसीय राजभाषा कार्यशाला के पहले दिन संकाय (फैकल्टी) के रूप में विभागाध्यक्ष/व्याख्याता (हिन्दी), शासकीय महाविद्यालय, बैढ़न श्रीमती वीणा तिवारी उपस्थित थीं। उन्होंने भारत सरकार की राजभाषा नीति, राजभाषा अधिनियम एवं नियम, हिन्दी साहित्य का इतिहास, सरकारी कामकाज में राजभाषा का महत्व, कार्यालय आदेश, टिप्पण लेखन, मानक वर्तनी, राजभाषा लक्ष्य, हिन्दी में पत्र लेखन, परिपत्र लेखन आदि विषयों पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला तथा पत्राचार का अभ्यास कराया गया। कार्यशाला के दूसरे दिन संकाय के रूप में एनसीएल मुख्यालय में कार्यरत् वरीय डी0ई0एस0 श्री जी0सी0 चक्रवर्ती उपस्थित थे। उन्होंने कंप्यूटर पर यूनिकोड के माध्यम से हिन्दी टंकण करने, गूगल ट्रांसलेटर से अनुवाद करने, एम0एस0 वर्ड, एम0एस0 एक्सल, राजभाषा वेबसाइट आदि विषयों की विस्तृत व प्रायोगिक जानकारी दी। कार्यशाला में कुल 47 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

गौरतलब है कि राजभाषा कार्यशाला का शुभारंभ महाप्रबंधक (कार्मिक/राजभाषा) टी0बी0 राजू ने शुक्रवार को किया था। कार्यशाला के समापन अवसर पर मंच संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन वरीय हिन्दी अनुवादक अशोक कुमार तिवारी ने किया। कार्यशाला को संपन्न कराने में एनसीएल मुख्यालय के राजभाषा विभाग की टीम का योगदान सराहनीय रहा।

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