दूरदर्शन का पहला सफल नाट्योत्सव

दूरदर्शन का पहला सफल नाट्योत्सव


दिल्ली।। पिछले दिनों दूरदर्शन ने अपनी डी जी श्रीमती दीपा चंद्रा की अगुवाई में एक अनूठी पहल करते हुए आंचलिक विषयों और लोककलाओं पर आधारित पांच नाटको की श्रंखला के नाट्योत्सव का सफल आयोजन किया, इसमें 28 अक्टूबर से 25 नवम्बर तक हर शनिवार की शाम एक नाटक का मंचन किया गया, इसी कड़ी में जयवर्धन के नाटक ‘किस्सा मौजपुर का’ चित्रा सिंह के निर्देशन में, मनोज मित्रा के नाटक बगिया बांछाराम की’ का एस पी सिंह सेंगर के निर्देशन में, उर्मिल कुमार थपलियाल के लेखन एवं निर्देशन में नौटंकी शैली के नाटक ‘हरिश्चंदर की लड़ाई’ के साथ फणीश्वर नाथ रेणु के नाटक पंचलेट उर्फ़ गैसबत्ती का राजीव राज के निर्देशन में और फिर प्रो. सतीश आनंद के निर्देशन में बादल सरकार के नाटक ‘बल्लभपुर की रूपकथा’ का सफल मंचन किया गया.

इस नाट्योत्सव में में कई नाटक अपनी आंचलिक पृष्ठिभूमि के कारण काफी सफल रहे जिसमें आंचलिक कथाओं के मूर्धन्य रचनाकार फणीश्वर नाथ रेणु की कहानी “पंचलेट”( उर्फ़ गैसबत्ती ) का मंचन बेहद सफल रहा. इस कहानी का नाट्य रुपांरण प्रसिद्द रंगनिर्देशक रंजीत कपूर ने किया, इस नाटक की खास बात ये रही कि इसमें रोहित , पूजा, रिजवाना अभिलाषा, आनंद और गौरव वर्मा जैसे युवाओं के साथ कई कई वरिष्ठ रंगकर्मियों जैसे कैलाश चौहान, आलोक शुक्ला और नन्द किशोर पन्त आदि कई लोगो ने अपने सबल अभिनय से नाटक की आंचलिक पृष्ठिभूमि को खचाखचा भरे दर्शकों के बीच जीवंत कर दिया, इस नाटक का कुशल निर्देशन BNA से प्रशिक्षण प्राप्त दूरदर्शन में कार्यरत श्री राजीव राज ने किया,अन्य महत्वपूर्ण भूमिकाओं में थे शिवानी शर्मा , इमरान रजा एवं दूरदर्शन की पूरी तकनीकी टीम.

इन सभी नाटकों का मंचन दूरदर्शन दिल्ली के स्टूडियो में किया गया और इन सभी नाटकों को 15 दिसम्बर के बाद दूरदर्शन में टेलीकास्ट किया जायेगा.

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