मुख्यमंत्री के घोषणा के बाद भी नहीं हुआ जलालगढ़ किले का कायाकल्प


पूर्णिया(बिहार)।।इस्लामिक स्थापत्य कला का बेजोड़ नमूना पूर्णिया का ऐतिहासिक जलालगढ़ किला सरकारी उदासीनता के कारण बदहाल स्थिति में है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद इस किला का भ्रमण कर इसे पर्यटक स्थल बनाने की घोषणा की थी।
इसके लिये लोगों ने लंबा आन्दोलन भी किया लेकिन आजतक इस किले की तकदीर नहीं बदली।एक बार फिर मुख्यमत्री जलालगढ़ आ रहे हैं ऐसे में लोगो को उम्मीद है कि इस ऐतिहासिक किला का उद्धार होगा।

पूर्णिया जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर एन एच 57 के किनारे ऐतिहासिक जलालगढ़ का किला स्थित है।इतिहासकार प्रोफेसर एन के श्रीवास्तव की माने तो वर्ष 1722 में खगड़ा के राजा सैय्यद मोहम्मद जलालुद्दीन ने इस किला का निर्माण कराया था।इस वर्गाकार किले की लंबाई और चौड़ाई एक सौ गुणा एक सौ वर्ग मीटर है।
इसकी दिवार की मोटाई दो मीटर और उंचाई चार मीटर है। जबकि बुर्ज छह मीटर उंचा है जहां तोप का गोला फेंकने के लिये छेद बना हुआ है।यह प्राचीन ईटों को सुर्खी चूना से जोड़कर बनाया गया है।

बताया जाता है कि नेपाल के मोरंग के राजा के आक्रमण से बचने के लिये इस अभेद्य किला को बनाया गया था। आज भी प्रतिवर्ष हजारों लोग इस किला को देखने दूर-दूर से पूर्णिया आते हैं।
स्थानीय अनिल ठाकुर कहते हैं कि वर्ष 2009 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब जलालगढ़ आये थे तो उसने इस किला का भी भ्रमण किया था और इसको पर्यटक स्थल बनाने की घोषणा की थी।लेकिन आजतक कुछ नहीं हो पाया। वहीं जलालगढ़ के समीति सदस्य प्रकाश नारायण यादव कहते हैं कि इस किला को पर्यटन स्थल घोषित करने के लिये स्थानीय लोगों ने कई बार आन्दोलन और आमरण अनशन किया था।घोषणा के बावजूद आज भी हालात जस के तस है।

मुख्यमंत्री 17 जनवरी को एकबार फिर जलालगढ़ के बेगमपुर आ रहे हैं।ऐसे में स्थानीय लोगों की उम्मीदे काफी बढ़ गयी है।लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री बिहार के इस धरोहर को संजोने के लिये अपने घोषणा को साकार कर दे।

वहीं फारबिसगंज से किला देखने पहुंचे वीरेन्द्र ठाकुर का कहना है कि इस किला की काफी चर्चा सुनी है।लेकिन यहां आकर देखा तो यह जीर्ण शीर्ण हो गया है।वहीं स्थानीय वार्ड सदस्य कारेलाल महलदार का कहना है कि वेलोग जब छोटे थे तो यह किला काफी सुन्दर था लेकिन जबसे किले के जमीन पर कुछ लोगों ने अतिक्रमण किया है तबसे इसकी हालत काफी खराब हो गयी है।सबसे मुख्यमंत्री से इस किला का जीर्णोद्दार कर इसे पर्यटक स्थल बनाने की मांग की।

वहीं बिहार के कला संस्कृति मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि ने कहा कि जलालगढ़ किला और बनमनखी के प्रहलाद स्तम्भ को पर्यटक स्थल बनाने के लिये उसने टीम भी भेजी थी। जलालगढ़ किला में जमीन के विवाद के चलते काम रुका है। हालांकि उसने डीएम से रिपोर्ट मांगा है और जल्द ही इसपर काम शुरु होने की उम्मीद जताई है।

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