देश के सामने पहली बार SC के 4 वरिष्ठ न्यायाधीश बोले- 'सबकुछ ठीक नहीं, खतरे में है लोकतंत्र'


न्यूज डेस्क।।यह स्वतंत्र भारत के इतिहास में अपनी तरह की पहली घटना है। सुप्रीम कोर्ट के दूसरे वरिष्ठतम न्यायाधीश जे चेलामेश्वर और अन्य तीन वरिष्ठ न्यायाधीशों ने न्यायपालिका से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। 

संवाददाता सम्मेलन में न्यायमूर्ति चेलामेश्वर के अलावा न्यायमूर्ति रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति एम बी लोकुर और न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ मौजूद रहे।

न्यायमूर्ति चेलामेश्वर ने कहा, ‘‘कई बार उच्चतम न्यायालय के प्रशासन में सबकुछ सही नहीं होता और बहुत सी ऐसी चीजें हुई जो नहीं होनी चाहिए थी।’’ 

संवाददाता सम्मेलन की मुख्य बातें।

  • जज चेलामेश्वर ने कहा- सुप्रीम कोर्ट में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और बीते दिनों में बहुत कुछ हुआ है।
  • हमने भारत के प्रधान न्यायाधीश को समझाने का प्रयास किया कि चीजें सही नहीं हैं। दुर्भाग्यवश हम असफल रहे -न्यायमूर्ति चेलामेश्वर
  • जब तक इस संस्था को संरक्षित नहीं किया जाता, इस देश में लोकतंत्र जीवित नहीं रहेगा - न्यायमूर्ति चेलामेश्वर
  • हम नहीं चाहते कि 20 साल बाद कोई कहे कि चारों वरिष्ठतम न्यायाधीशों ने अपनी आत्मा बेच दी थी -न्यायमूर्ति चेलामेश्वर
  • हम चारों ने आज सुबह प्रधान न्यायाधीश से मुलाकात की और संस्था को प्रभावित करने वाले मुद्दे उठाए - न्यायमूर्ति चेलामेश्वर
  • कोई भी वरिष्ठता को लांघ नहीं रहा और हम देश के प्रति अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे हैं -न्यायमूर्ति गोगोई
  • न्यायमूर्ति चेलामेश्वर ने कहा- संस्थान और राष्ट्र के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। संस्थान को बचाने के लिये कदम उठाने हेतु प्रधान न्यायाधीश को समझाने के हमारे प्रयास विफल हो गए।
  • न्यायाधीशों ने कहा- जिस बात से वे दुखी हैं उसकी जानकारी सार्वजनिक करने में उन्हें 'कोई खुशी' नहीं हो रही है।
  • न्यायमूर्ति गोगोई ने कहा- कोई भी अनुशासन भंग नहीं कर रहा है और यह जो हमने किया है वह तो राष्ट्र का कर्ज उतारना है। 
  • चार महीने सभी चार जजों ने चीफ जस्टिस को एक पत्र लिखा था, जो कि प्रशासन के बारे में थे, हमने कुछ मुद्दे उठाए थे।
  • इन न्यायाधीशों ने कहा कि ये समस्याएं देश की सर्वोच्च न्यायपालिका को नुकसान पहुंचा रही हैं और ये भारतीय लोकतंत्र को नष्ट कर सकती हैं। 
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