केंद्रीय विद्यालय सी.डब्ल्यू. एस में संपन्न हुआ बेटी बचाओ दीप यज्ञ कार्यक्रम

केंद्रीय विद्यालय सी.डब्ल्यू. एस में संपन्न हुआ बेटी बचाओ दीप यज्ञ कार्यक्रम


  • मुख्य अतिथि रहे सुभाष सिंह विंध्य विकास प्राधिकरण अध्यक्ष केबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त।
  • बेटियाँ घर की पुरानी खिड़कियों को खोलती हैं, बेटियाँ घर में हो तो घर की दीवारें बोलती हैं।
ब्यूरो कार्यालय उर्जांचल टाईगर जयंत(विनोद सिंह। सुंदरम सिंह)
सिंगरौली (जयंत)।। बेटी बचाओ दीप यज्ञ की शुरुआत मुख्य अतिथि श्री सुभाष सिंह अध्यक्ष विंध्य विकास प्राधिकरण मध्यप्रदेश के केबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त, ने केन्द्रीय विद्यालय, सेंट्रल वर्कशॉप जयन्त, में दीप प्रज्वलन कर की गई। उन्होंने अपने उदबोधन में माननीय श्री शिवराज सिंह चौहान जी द्वरा बेटियों को बचाने के लिए उठाए गए कदमों से अवगत कराते हुए श्रीमती आशा अरुण यादव जी के द्वारा बेटियों को बचाने हेतु किये गए जन जागरण की भी तारीफ की, कि कैसे एक महिला द्वारा दूरस्थ ग्रामीण छेत्रों में जाकर कार्यक्रम कर लोगों को जागरूक कर रही हैं। यह अपने आप में एक नारी सशक्तिकरण की मिसाल है। उन्होंने बच्चों को शिक्षा के महत्व से अवगत कराते हुए एक लकड़हारे की कहानी सुनाकर बेटियों के महत्व को बताया कार्यक्रम की आयोजिका श्रीमती आशा अरुण यादव जी ने अपने व्यक्तव्य में बेटी के महत्व को बताते हुए कहा कि अगर बेटी नहीं होगी तो माँ कहाँ से आएगी, बुआ कहाँ से आएगी, चाची कहाँ से आएगी और तो और हमारे बेटों को बहु कहाँ से मिलेगी और धीरे धीरे यह क्रम टूट जाएगा। इसलिए सही अनुपात में बेटीयाँ तथा बेटों के होना बहुत ज़रूरी है। अगर लिंगानुपात गड़बड़ाया तो सृष्टि का क्रम बिगड़ेगा और अत्याचार बढ़ेगा। श्रीमती यादव जी ने बच्चों को दहेज न लेने व न देने पर भी जोर दिया और कहा कि दहेज भी एक बहुत बड़ा कारण है बेटियों की हत्या का, ऐसे में हमें इस कुप्रथा को समाप्त करने का बीड़ा उठाना होगा और यह काम हम अकेले नहीं कर सकते, हमें आपके साथ कि ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि आज बेटियाँ हर छेत्र में आगे हैं, बल्कि कई छेत्रों में तो वह मील का पत्थर स्थापित कर रही हैं। फिर बेटा और बेटी में भेदभाव क्यों विशिष्ट अतिथि श्री गिरीश द्विवेदी जी पूर्व अध्यक्ष सिंगरौली विकास प्राधिकरण ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षा के द्वारा बेटा बेटी में भेदभाव की भावना हटाते हुए देश के विकास में सहयोग करें और यह तभी संभव है जब हम सब शिक्षित होंगे। फिर चाहे वह बेटा हो या बेटी। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे माननीय श्री अनिल सोनकर जी, नगर पुलिस अधीक्षक ने अपने उद्बोधन में श्रीमती यादव की तारीफ करते हुए कहा कि आप एक पुनीत कार्य में लगी हैं। उन्होंने आगे कहा की बेटी और बेटा दो चक्के हैं, दोनों को सम्मान मिले, भ्रूण हत्या नहीं होनी चाहिए। बच्चे मां से ज्यादा करीब होते हैं ऐसा क्यों होता है क्योंकि मां सरल व सौम्य होती है। विद्यालय के प्राचार्य श्री सुनील कुमार सोनी जी ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि श्रीमती आशा यादव जी ने इस पुनीत कार्य के लिए हमारे विद्यालय को चुना मैं हृदय से उनका आभारी हूं तथा विद्यालय में आऐ सभी अतिथियों का स्वागत वंदन अभिनंदन है। सीमा कुमारी ने अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया तथा मंच का सफल संचालन श्री वाई. के.पांडे ने किया। विशिष्ट अतिथि के रुप में गिरिजा पांडेय अध्यक्ष भाजपा किसान मोर्चा जिला सिंगरौली श्रीमती कुंता सिंह जी जिला मंत्री भाजपा, कार्यक्रम में लीना दिनेश जी, प्रमिला जी, रूपा चोपड़ा जी तथा भारी संख्या में बेटियां तथा बेटे शामिल हुए।
सीमा कुमारी ने अपना उद्बोधन एक कविता से शुरू किया बेटियाँ घर की पुरानी खिड़कियों को खोलती हैं, बेटियाँ घर में हो तो घर की दीवारें बोलते हैं।
श्री महेंद्र सिंह चौकी प्रभारी जयंत की विशेष उपस्थिति रही।

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