फर्जी बैंक अधिकारी बनकर व तहसीलदार, कानूनगो, पटवारी का हूबहू हस्ताक्षर कर फर्जी ऋण पुस्तिका - खसरा बनाने वाला गिरोह चढ़े पुलिस के हत्थे, बचे हुये की तलाश जारी ।

फर्जी बैंक अधिकारी बनकर व तहसीलदार, कानूनगो, पटवारी का हूबहू हस्ताक्षर कर फर्जी ऋण पुस्तिका - खसरा बनाने वाला गिरोह चढ़े पुलिस के हत्थे, बचे हुये की तलाश जारी ।


उर्जांचल टाईगर(विनोद सिंह/सुंदरम सिंह)
बैढन ।।आजाक थाना सिंगरौली ने किया बड़ा खुलासा, फरियादी- सत्यनारायण सिंह गोंड निवासी- खमहरिया थाना- माड़ा ने लिखित में शिकायत किया था कि भारतीय स्टेट बैंक रजमिलान से उसे ₹49000/- रुपये का ऋण वसूली की नोटिस प्राप्त हुई है किंतु वह बैंक से कभी इतना कर्जा लिया ही नहीं है, जिसकी शिकायत पर जिला पंचायत कार्यालय बैढन के बगल में स्थित है आदिम जाति कल्याण (आजाक) थाना जिला सिंगरौली में अप. क्र. 1/17 धारा 420, 467, 468, 471, 409, 120 बी ता.हि. 3 (2 - 5) एससी /एसटी एक्ट का प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना पर पाया गया कि आरोपी - बब्लु उर्फ अनिल विश्वकर्मा पिता- स्व. सुखदेव विश्वकर्मा उम्र- 46 वर्ष, दूसरा- प्रदुमन शाह पिता- फेकू शाह उम्र- 46 वर्ष दोनों निवासी- खटखरी थाना- बैढन और सरजू सिंह गौड़ पिता- हरिनाथ सिंह गौड़ उम्र 40 वर्ष निवासी- खम्हरिया थाना- माड़ा के फर्जी बैंक अधिकारी बनकर अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर क्षेत्र की सीधे-साधे किसानों को बैंक से लोन दिलाने का झांसा देकर उनसे उनकी जमीन के संबंध में जानकारी प्राप्त कर फर्जी सील - सिक्के के आधार पर कूटरचित दस्तावेज फर्जी तरीके से ऋण पुस्तिका, नक्शा, खसरा की नकल तैयार कर उसके आधार पर बैंक में किसानों की जमीन बंधक रखकर उनके नाम से ऋण लेते थे, सभी आरोपी आपस में पैसे का बंटवारा कर करते थे । 

वहीं पर सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा कि कई वर्ष पूर्व से फर्जी काम के अलावा फर्जी ऋण पुस्तिका तैयार उसके सहारे दाड़ी - मूछ बाल बनवाकर व फोटो नाम बदलकर मोटी रकम लेकर न्यायालय को धोखा देकर जमानत के नाम पर गोरखधंधा कर रहे थे, यहाँ तक कि तहसीलदार व कानूनगो - पटवारी खुद बनकर हूबहू हस्ताक्षर कर ऋण पुस्तिका व खसरा तैयार किया करते थे ।

कई साल बाद जब किसानों को ऋण वसूली का नोटिस बैंक से प्राप्त हुई तब उन्हें इस बात की जानकारी हुई ।

वही पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन व मार्गदर्शन उप पुलिस अधीक्षक - सुश्री प्रभा किरण कीरो, थाना अजाक प्रधान आरक्षक - सुनील विश्वकर्मा, विनोद मिश्रा, शिवाकांत बागरी, अरुण दुबे, आरक्षक- ज्ञानेश्वर पटेल, धर्मराज रावत, सी.सी.टी.एन.एस हैण्ड होल्डर त्रिभुवन कुमार यादव, आरक्षक- गजराज सिंह के द्वारा एवं थाना विन्ध्यनगर प्रधान आरक्षक- राजेश मिश्रा, थाना बैढन प्रधान आरक्षक- दीपनारायण अथक प्रयासो से कड़ी मेहनत और लगन के साथ अनुसंधान सहयोग कर प्रमाणित होने पर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया ।
इस घटना को अंजाम देने में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल, कंप्यूटर - प्रिंटर, रबर सील सिक्के, फर्जी खसरा - खतौनी, नक्शा इत्यादि तैयार किया जाता था व काफी मात्रा में 1दर्जन से अधिक फर्जी ऋण पुस्तिका, खसरा की नकल, नक्शा आदि सामान जप्त किया गया है । इनके अन्य साथी अभी भी फरार चल रहे हैं जिनकी धर-पकड़ हेतु टीम गठित की गयी है पकड़े गये गिरफ्तार आरोपियों को रिमांड पर लेकर न्यायालय में पेश किया जायेगा ।
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