नरेश अग्रवाल के अतीत से सावधान भाजपा सावधान मोदी जी अमित जी व योगी जी

नरेश अग्रवाल के अतीत से सावधान भाजपा सावधान मोदी जी अमित जी व योगी जी


अतीत गवाह है नरेश अग्रवाल जिस सत्ता धारी राजनैतिक दल के साथ गये दुवारा सत्ता से बाहर हुआ वह राजनैतिक दल
दीप शंकर मिश्र "दीप"
दीप शंकर मिश्र"दीप"विशेष संवाददाता की विशेष रिपोर्ट
लखनऊ।। हमेशा सत्ता धारी पार्टी का दामन थाम कर पाला बदलने में माहिर सत्ता प्रिय 67 वर्षीय नरेश अग्रवाल हरदोई जनपद के जनाधार वाले नेता माने जाते है। अपने सत्ता प्रिय राजनैतिक स्वार्थों के चलते नरेश अग्रवाल ने भाजपा का दामन थामा तो स्वार्थ के चलते ही भाजपा ने सत्ता का मीठा स्वाद चखने वाले इस नेता को भाजपा में शामिल करके अपने पार्टी के कार्यकर्ता ही नही देश व प्रदेश की जनता को भी चौका दिया। 

आज शहर गाँव गली होटल चौरस्तों पर एक ही चर्चा है कि - राम को गालियां देने व हमेशा सत्ता के करीब रहने वाले नरेश अग्रवाल को भाजपा के नेता अपने साथ लाकर देश व प्रदेश की जनता को क्या सन्देश देना चाहते है जबकि भाजपा ही नही देश व प्रदेश के सभी नेता गण राजनैतिक दल व पत्रकार बन्धु भी यह मानते व जानते है कि नरेश अग्रवाल अपने अब तक के राजनैतिक जीवन में लोकतांत्रिक कांग्रेस के गठन के बाद से जिस दल के साथ रहे उस सत्ता धारी दल को सत्ता में होंने के बावजूद भी चुनाव में पराजय का सामना करना पड़ा । और पराजय के बाद नरेश अग्रवाल ने फिर दूसरी सत्ता धारी पार्टी का दामन धाम लिया। राजनीति के अखाड़े के इस महान खिलाड़ी ने हमेशा रार भी ठानी और हार नही मानी हार हमेशा उस सत्ता धारी दल की ही हुई जिस दल ने हमेशा सत्ता के करीब रहने वाले नरेश अग्रवाल को सत्ता धारण करायी। जिसका अतीत गवाह है उ०प्र० के सफल मुख्यमंत्री रहे राजनाथ सिंह के बेहद करीबी नरेश अग्रवाल ने 1997 में राजनीतिक सत्ता का स्वाद चखने के लिये कांग्रेस पार्टी के विधायकों को तोड़कर लोकतांत्रिक कांग्रेस पार्टी का गठन कर कल्याण सिंह रामप्रकाश गुप्त व प्रदेश भाजपा के सफल मुख्यमंत्री रहे राजनाथ सिंह के साथ ऊर्जा मंत्री रहे बस यही पर भाजपा की पहली पारी समाप्त वर्ष 2007 में नरेश अग्रवाल समाजवादी पार्टी से विधायक बने इस बार बहुजन समजवादी पार्टी सत्ता के करीब थी मायावती मुख्यमंत्री बनी अब नाम के ही नरेश नही राजपाठ के साथ रहने वाले नरेश समय के साथ सपा को छोड़कर बहुजन समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया यहाँ भी बसपा की पहली पारी समाप्त जय सियाराम सत्ता की दूसरी पारी खेलने के लिये समय की नजाकत भाँपते हुये नरेश अग्रवाल ने वर्ष 2012 में अपने बेटे के साथ बसपा छोड़कर समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली इस बार सपा ने नरेश को राज्य सभा सदस्य बनाया तो बेटे को मन्त्री यहाँ की भी पहली पारी समाप्त जय सियाराम यहाँ अब दूसरी पारी मोदी लहर से उत्पन्न योगी राज की है। समय की नजाकत व केन्द्रीय गृहमन्त्री राजनाथ सिंह की नजदीकियाँ न जाने किस भविष्य की उठापटक के चलते इस सत्ताधारी राजनैतिक खिलाड़ी नरेश अग्रवाल को जो हमेशा अपने लिये शुभ तो सत्ता धारी दल के लिये अशुभ साबित हुआ भाजपा के महान राजनैतिक योद्धाओं ने पार्टी के कार्यकर्ताओं को ही नही देश व प्रदेश के अपने वोटरों को चौका कर देश में राम नाम की राजनीति करने वालों ने न जाने किस चाल के चलते मर्यादा पुरषोत्तम भगवान राम को गालियाँ बकने वाले नरेन्द्र मोदी जैसे ईमानदार प्रधानमंत्री के प्रति तेली जैसे अमर्यादित शब्दों का प्रयोग करने वाले सत्ता के लोभी को अपने साथ की राजनैतिक स्वार्थ के चलते लिया गया। ज्यादा तर राजनीतिकारों का मानना है कि नरेश वर्ष 1997 से जिस सत्ता धारी दल के साथ रहे है वह उस दल की दुबारा सत्ता में वापसी नही हुई और नरेश को दूसरे सत्ता धारी राजनैतिक दल का दरबार खटखटाना पड़ा। लोगों का मानना है कि अतीत को याद कर नरेश अग्रवाल के भाजपा में जाने से अन्य राजनैतिक दल प्रसन्न है तो अपनी कर्मठ औऱ आज भी मीटिंगों में दरा विचाने का काम देखने वाले भाजपा के कार्यकर्ता नरेश अग्रवाल के भाजपा में आने से निराश है। वैसे यह सत्य है कि समय रहते भाजपा के केंद्र व प्रदेश नैतृत्व ने राजनीति के अतीत के इस शुभ औऱ अशुभ संकेत की नही पहंचान की तो भाजपा पार्टी के लिये भी भविष्य अतीत के रूप मे बदलते देर नही होगी और तब नरेश अग्रवाल मौजूदा सत्ता धारी दल की सदस्यता ग्रहण कर चुके होंगे और तब के अपने लिखा में उक्त सत्ता प्रिय व हरदोई के जन प्रिय नेता नरेश अग्रवाल के सम्बंध में लिखा जा रहा होगा कि- सत्ता प्रिय नरेश अग्रवाल ने भाजपा छोड़ तब के सत्ता धारी दल का दामन थामा औऱ तब लोग कहेंगे जय सियाराम जय जय सियारामा । 

इस प्रकार भाजपा जैसे महत्वपूर्ण राजनीतिक दल ने नरेश अग्रवाल को अपने साथ लाने के लिये चाहे जो राजनैतिक चौसर बिछाई हो परन्तु अतीत को देखते हुये भाजपा जैसे राजनीतिक दल के लिये शुभ सँकेत दिखाई नही पड़ रहे है ।
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