निजीकरण के विरोध मे बिजली कर्मचारियों ने कहा प्रदेश सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ को गुमराह कर रही हैं

निजीकरण के विरोध मे बिजली कर्मचारियों ने कहा प्रदेश सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ को गुमराह कर रही हैं


(अजीत नारायण सिंह ब्यूरो चीफ) वाराणसी।। 27 मार्च, 2018 को प्रान्तव्यापी कार्य बहिश्कार विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्श समिति उ0प्र0 के आहवाह्न पर विद्युत वितरण के निजीकरण के फैसले के विरोध में आज बिजली कर्मचारियों एवं अभियन्ताओं ने प्रबन्ध निदेशक कार्यालय पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लि० (डिस्काम) मुख्यालय वाराणसी पर अपराह्न 02:00 बजे से सांय काल 05:00 बजे तक विरोध सभा कर सरकार को चेतावनी दी कि यदि निजीकरण का फैसला वापस न लिया गया तो 27 मार्च, 2018 को प्रान्तव्यापी कार्य बहिश्कार होगा।

संघर्श समिति के पदाधिकारियों ने ऊर्जा विभाग व पावर कारपोरेषन के प्रबन्धन के आला अधिकारियों पर बिजली सुधार के मामले में प्रदेश सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ को गुमराह करने का अरोप लगाया है। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि एक ओर तो उ०.प्र० सरकार 01 वर्ष की अवधि पूरी होने पर उपलब्धियों का जश्न मना रही है, जिसमें बिजली के क्षेत्र में सुधार की उपलब्धियॉ बहुत महत्वपूर्ण है। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा ने कल बयान देकर कहा है कि एक साल में बिजली की व्यवस्था में भारी सुधार हुआ है और जनपद वाराणसी में 24 घण्टे निर्बाध बिजली दी जा रही है। उन्होनें अपने व्यक्तव्य में कहा है कि एक वर्ष में ग्रामीण क्षेत्र में 21 प्रतिशत, तहसीलों में 17.77 प्रतिशत एवं शहरी क्षेत्रों में 9.10 प्रतिशत बिजली आपूर्ति में वृद्धि हुयी है। एक वर्ष में 238990 खराब ट्रान्सफार्मर बदले गये है और 14316 नये ट्रान्सफार्मर लगाये गये है, 32.77 लाख नये बिजली कनेक्शन दिये गये है, 57036 गाँवो में बिजली पहुचायी गयी है और 11.60 लाख बी0पी0एल0 परिवारों को नि:शुल्क कनेक्शनों दिये गये है। वाराणसी शहर में विगत 03 वर्षो में ए0टी0 एण्ड सी0 हानियॉ 30 प्रतिशत से घटकर 17.5 प्रतिशत, गोरखपुर शहर में 23.3 प्रतिशत साथ ही वाराणसी में थ्रू रेट 3 रूपये से बढ़कर 5.10 रू0, गोरखपुर में थ्रू रेट बढ़कर 5.02 रू0 हो गया है। ए0टी0 एण्ड सी0 हानियों में तकनीकी हानियॉ 7-8 प्रतिशत जुडी हुयी है, तकनीकी हानियों का राष्ट्रीय औसत लगभग 6-7 प्रतिशत ही है। सरकारी भुगतान जैसे-पेय-जलसंस्थान, सीवेज ट्रीटमेन्ट प्लान्ट, पम्प कैनाल, स्ट्रीट लार्इट एवं अन्य सरकारी विभाग जिनका बकाया लगभग वाराणसी शहर क्षेत्र का 160 करोड़ तथा बुनकर सबसीडी जो करोडों में है के भुगतान होने पर ए0टी0 एण्ड सी0 हानियॉ और घटेगी साथ ही वसूली दर में अत्यधिक वृद्धि होगी। इन आकडों को बिना संज्ञान में लिये प्रबन्धन द्वारा निजीकरण का एकतरफा निर्णय तानाशही रवैया दर्शाता है, क्योकि सरकार ने विक्री-दर तय किये बिना अरबों की सम्पत्ती निजी हाथों में धरोहर रखने का निर्णय लिया है जबकि जनता के बीच सरकार को श्वेत पत्र जारी कर निर्णय लेना चाहिए था। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश के ऊर्जा मंत्री द्वारा जारी किये गये आकड़े पुरी तरह सत्य है ऎसे में जब सरकार के ही दृष्टि में बिजली के क्षेत्र में उत्साह जनक सुधार हो रहा है तब सुधार के नाम पर प्रदेश के सबसे प्रमुख 05 शहरों, जिसमें प्रदेश की राजधानी लखनऊ जो देश के गृह-मंत्री का संसदीय क्षेत्र भी है, प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र वाराणसी और मुख्यमंत्री का पूर्व संसदीय क्षेत्र गोरखपुर भी शामिल है। बिजली व्यवस्था के सुधार के नाम पर निजीकरण किया जाना सरकार के सुधार के दावों के सर्वथा विपरित है और जनता के साथ सरासर धोखा है। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने आज विरोध सभा के माध्यम से मुख्यमंत्री का ध्यानार्षण करते हुए उनसे पुन: एक बार अपील की है कि निजीकरण का फैसला तत्काल जनहित में वापस लिया जाये। पूर्व में विजली के क्षेत्र में देश में निजीकरण पुरी तरह विफल हो चुका है और खासकर के उ०प्र० में आगरा एवं ग्रेटर नोएडा के निजीकरण के चलते पावर कारपोरेशन को अरबो खरबो रूपयों की क्षति उठानी पड़ रही है। इसके अतिरिक्त निजी कम्पनियों का मुख्य घ्येय लाभ कमाना ही होता है एवं उनके द्वारा आम उपभोक्ताओं का शोषण ही किया जाता है।

बैठक में सर्वश्री डी०के० सिंह, आर०आर० प्रसाद, आर०के० वाही, मायाशंकर तिवारी, ए०आर० वर्मा, केदार तिवारी, शिवाजी सिंह, जीउत लाल, एस०पी० त्रिपाठी, आशीष अस्थाना, रमाशंकर पाल, अनिल वर्मा, ए०के० श्रीवास्तव, सुनील कुमार यादव, जगदीश पटेल, अरूण यादव, चन्द्रशेखर चौरसिया, आर०बी० सिंह, आर०के० यादव, ओ०पी० सिंह, नीरज पाण्डेय, मनोज गुप्ता, तपन हलदर, आर० बी० मिश्रा, अनकुर पाण्डेय, मनीष झा, सर्वेश शुक्ला, रत्नेश सेठ, ए०पी० श्रीवास्तव, संजय तिवारी, ए०के० सिंह, मदन श्रीवास्तव, मनीष श्रीवास्तव, ओमप्रकाश आदि अधिकारियों/कर्मचारियों ने संबोधित किया।
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