निजीकरण के विरोध में बिधुतकर्मियो ने निकाला विशाल मशाल जुलूस।

निजीकरण के विरोध में बिधुतकर्मियो ने निकाला विशाल मशाल जुलूस।

वाराणसी।।आज 31/03/2018 को संघर्ष समिति के बैनर तले निजीकरण के विरोध में एक विशाल मशाल जुलूस सिगरा स्थित शहीद उद्यान से निकाला जिसमे हजारों की संख्या में बिजली कर्मचारी और अभियंता उपस्थित थे एवं हाथ मे मशाल और नारो की तख्तियाँ जिसमे निजीकरण बापस लो, जनता को सस्ती बिजली दो, निजीकरण नही रुका तो खून बहेगा सड़को पर, मुख्यमंत्री न्याय करो,आदि लिखा था एवं इसीप्रकार के नारे लगा भी रहे थे।

वक्ताओं ने यह भी बताया कि वाराणसी में तेज आंधी चलने के कारण बनारस की बिजली व्यवस्था धवस्त हो चुकी थी, यदि बिजली कर्मचारी अपने आंदोलन को शिथिल न करते एवं बिजली व्यवस्था को बहाल न करते तो आज वाराणसी की जनता को एव प्रशासन को कई चुनौतियो का सामना करना पड़ता।

यह शिथिलता आम जनता की परेशानियो को देखते हुए की गई थी।

निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों का नियमानुसार कार्य आन्दोलन जारी: बिजली वितरण के निजीकरण के पीछे मेगा घोटाले की तैयारी: निजी घरानों को मुनाफा देने के लिए बढ़ाई गयी हैं ग्रामीण क्षेत्र की बिजली की दरें:
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री द्वारा निजीकरण के पक्ष में दिये गये बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि आगरा में निजीकरण का इतिहास इस बात का गवाह है कि निजीकरण से सबसे ज्यादा परेशानी आम इमानदार उपभोक्ता को उठानी पड़ रही है। समिति ने कहा कि आगरा में अरबों रूपये का घोटाला होने के बावजूद प्रदेश के पांच अन्य शहरों का निजीकरण किये जाने के पीछे कोर्पोरेट घरानों को बेजा फायदा देने और मेगा घोटाले की तैयारी है। उधर निजीकरण के विरोध में चलाये जा रहे आन्दोलन के तेरहवें दिन आज भी प्रदेश भर में बिजली कर्मचारियों और अभियन्ताओं ने नियमानुसार कार्य अन्दोलन जारी रखा तथा परियोजना व जनपद मुख्यालयों पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किये गये। संघर्ष समिति ने ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली दरों में बेतहाशा वृद्धि की आलोचना करते हुए आरोप लगाया है कि निजी घरानों को बेजा मुनाफा देने के लिए ही बिजली दरों में निजीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के पहले वृद्धि की गयी है। पावर कारपोरेशन में भर्ती घोटाला निजी क्षेत्र की देन है। इसी प्रकार निजी कम्पनी एचसीएल का 100 करोड़ रूपये से अधिक का बिलिंग घोटाला भी निजी क्षेत्र की ही देन है। इसके बावजूद सरकार द्वारा निजी क्षेत्र की पैरवी का क्या अर्थ है।
संघर्ष मिति की आज यहां हुई बैठक में पांच शहरों एवं सात जनपदों के निजीकरण का निर्णय वापस लेने की मांग के साथ ही प्रदेश सरकार से मांग की गयी कि आगरा में घोटालों के चलते टोरेंट का फ्रेन्चाईजी करार रद्द किया जाये ओर गे्रटर नोएडा में निजी कम्पनी का लाइसेंस निरस्त किया जाये। संघर्ष समिति ने आरोप लगाया है कि ग्रामीण उपभोक्ताओं की बिजली दरों में अबतक की सर्वाधिक 34 प्रतिशत की वृद्धि निजी घरानों को फायदा पहुंचाने की सोची समझी रणनीति का हिस्सा है। समिति ने कहा कि पांच शहरों के अलावा सात जनपदों का निजीकरण किया जा रहा है जिनमें ग्रामीण क्षेत्र के काफी उपभोक्ता भी सम्मिलित है। निजी घरानों को ज्यादा मुनाफा मिल सके इसीलिए निजीकरण के टेंडर फाइनल करने के पहले ग्रामीण क्षेत्रों के बिजली दरों में इतनी भारी वृद्धि की गयी है। समिति ने प्रदेश की जनता को सचेत किया है कि शीघ्र ही शहरी उपभोक्ताओं की बिजली दरों मे भारी वृद्धि करने की गुपचुप योजना चल रही है जिससे शहरी क्षेत्रों में आने वाली निजी क्षेत्र की बिजली कम्पनियों को मुनाफा दिया जा सके।

संघर्ष समिति के अंकुर पाण्डेय ने बताया कि आगरा के फ्रेन्चाईजीकरण पर सवाल उठाते हुए कहा है कि उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा विद्युत उपभोक्ताओं की शिकायतों पर गठित कमेटी की रिर्पोट के अनुसार आगरा में उपभोक्ताओं के मीटर बेतहासा तेज चलने की शिकायतें, बिल वसूली के लिए गुण्डों व बाउन्सरों के जरिये डराना धमकाना और गरीब बस्तियों में कई-कई घण्टे तक जानबूझ कर बे्रकडाउन न अटेण्ड करना आदि शिकायतें सामने आई है। इससे पूरी तरह स्पष्ट है कि निजीकरण से सबसे ज्यादा परेशानी आम ईमानदार उपभोक्ताओं को होने वाली है। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के कार्यों की सीएजी रिपोर्ट के अनुसार टोरेन्ट को फ्रेन्चाईजी देने की प्रक्रिया में हुए घोटाले में 2012 के टैरिफ के अनुसार 4600 करोड़ रूपये का घाटा हो चुका है जो आज के टैरिफ से 10000 करोड़ रूपये से ऊपर का बैठता है। इसी प्रकार टोरेन्ट को पावर कारपोरेशन का 1147 करोड़ रूपये का बिजली राजस्व का एरियर एकत्र करके देना था जिसे टोरेंट कम्पनी हड़प कर गयी है। ऐसे घोटाले करने वाली निजीकरण की प्रक्रिया की तारीफ करके सरकार पांच अन्य शहरों के निजीकरण की बात करते है तो प्रतीत होता है कि और बड़े घोटालों की तैयारी है।

मशाल जुलूस में संयोजक आर0के0 वाही, डॉ0 आर0बी0 सिंह, अंकुर पाण्डेय, सुनील कुमार, सुमन्त कुमार, रामकुमार, केदार तिवारी, अवधेश मिश्रा, रत्नेश सेठ, नीरज बिंद, जीउत लाल, मदन, अभिषेक, ए0के0श्रीवास्तव, मनीष श्रीवास्तव, राजेन्द्र सिंह, ए0पी0श्रीवास्तव, ए0के0सेठ, काशी, संतोष, ओ0पी0भारद्वाज, शशिकिरण मौर्य, ए 0के0 तिवारी, रामशंकर पाल, विजय सिंह, इमरान, वीरेंद्र सिंह, नरेंद्र शुक्ला, तपन हालदार, राजाबाबू, आदि लोग शामिल हुये।

Post a Comment

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget