बिहार के राज्यपाल सतपाल मालिक ने राज्य के तीन नए विश्वविद्यालय पाटलिपुत्र , मुंगेर, और पुर्णिया के लिए कुलपति और उपकुलपति की नियुक्ति की

बिहार के राज्यपाल सतपाल मालिक ने राज्य के तीन नए विश्वविद्यालय पाटलिपुत्र , मुंगेर, और पुर्णिया के लिए कुलपति और उपकुलपति की नियुक्ति की

राज्यपाल सत्यपाल मलिक

बिहार(स्टेट हेड-मुकेश कुमार)।।सूबे बिहार में सोमवार को तीन नई बनी विश्वविद्यालय के लिए कुलपति और प्रतिकुलपति की नियुक्ति का आदेश जारी हो गया है।सूबे के राज्यपाल सह कुलाधिपति सत्यपाल मलिक ने आज आदेश जारी करते हुए तीनों यूनिवर्सिटीज के लिए नियुक्त नए कुलपति और प्रतिकुलपति के नामों की घोषणा कर दी है। जिन तीन यूनिवर्सिटीज में ये नियुक्तियां की गई हैं, वे हैं – पाटलिपुत्र यूनिवर्सिटी, मुंगेर यूनिवर्सिटी और पूर्णिया यूनिवर्सिटी।

इन तीनों नई यूनिवर्सिटीज में नियुक्त हुए नाम हैं –

पाटलिपुत्र यूनिवर्सिटी – गुलाबचंद राम जायसवाल को कुलपति, गिरीश कुमार चौधरी को प्रतिकुलपति नियुक्त किया गया है।

मुंगेर यूनिवर्सिटी – प्रोफेसर रणजीत कुमार वर्मा को कुलपति, प्रोफेसर कुसुम कुमारी को प्रतिकुलपति नियुक्त किया गया है।

पूर्णिया यूनिवर्सिटी – प्रोफेसर राजेश सिंह को कुलपति, प्रभात कुमार सिंह की नियुक्ति की गई है।

अन्तर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त वैज्ञानिक हैं प्रो. रणजीत कुमार वर्मा

मालूम हो कि प्रस्तावित मुंगेर यूनिवर्सिटी में कुलपति के पद पर अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति के वैज्ञानिक प्रो. रणजीत कुमार वर्मा को नियुक्त किया गया है। पूर्व में प्रो. वर्मा ने पटना यूनिवर्सिटी में प्रतिकुलपति के अपने कार्यकाल में बिहार के विश्वविद्यालयों सीबीसीएस पाठ्यक्रम लागू करने की दिशा तय करवाने में अग्रणी भूमिका निभाई थी। विश्वविद्यालयों एवं कालेजों में आटोमेशन तथा पुस्तकालयों में ई लाइब्रेरी की योजना बनाने में भी उनका बड़ा योगदान था। वे थर्मल सायंटिस्ट हैं और वर्त्तमान में मगध यूनिवर्सिटी में केमिस्ट्री के प्रोफेसर हैं।

काफी बड़ा दायरा है मुंगेर यूनिवर्सिटी का

गौरतलब है कि मुंगेर यूनिवर्सिटी का दायरा काफी बड़ा होगा। मुंगेर प्रमंडल के सभी छह जिले मुंगेर, लखीसराय, जमुई, शेखपुरा, खगड़िया और बेगूसराय के कॉलेज मुंगेर यूनिवर्सिटी के अधीन होंगे। प्रमंडलीय मुख्यालय होने के कारण मुंगेर में यूनिवर्सिटी की मांग कई वर्षों से की जा रही थी।छात्र संगठनों के साथ राजनीतिक पार्टियों ने भी इस मांग को लेकर आंदोलन किये थे। बाद में जनभावनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 15 अगस्त 2016 को इसकी घोषणा की थी।नवंबर 2016 में बिहार कैबिनेट ने शिक्षा विभाग द्वारा तैयार किये गए प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई थी।
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