बिजली कर्मचारियों और प्रमुख सचिव (ऊर्जा) के बीच हुई वार्ता बेनतीजा-निजीकरण के विरोध में पूर्ववत आन्दोलन जारी रहेगा

बिजली कर्मचारियों और प्रमुख सचिव (ऊर्जा) के बीच हुई वार्ता बेनतीजा-निजीकरण के विरोध में पूर्ववत आन्दोलन जारी रहेगा

माननीय विधायकों ने दिया समर्थन
वाराणसी।।विद्युत् कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उ.प्र. के आह्वाहन पर निजीकरण के विरोध में चल रहा आंदोलन 12वें दिन भी जारी रहा। इसी क्रम मे आज दिनांक 30.03.2018 को नियमानुसार कार्य आंदोलन जारी रहा, जिससे सभी काउंटर एवं कार्यालयों पर ताला पड़ा रहा, बिजली कर्मचारियों ने सी०यू०जी फोन भी बंद रखें और मेन्टेनेंस का कार्य भी नही किया। जिससे आम उपभोक्ताओं को बहुत कष्ट हुआ लेकिन वक्ताओं ने बताया कि देव तुल्य उपभोक्ता को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो इस बात का पूरा प्रयास किया जा रहा था किंतु सरकार के हथमर्द्धता के कारण संघर्ष समिति ने नियमानुसार कार्य करने का आदेश दिया था लेकिन समिति ने यह सपष्ट किया कि ये लड़ाई जो अभी संघर्ष समिति लड़ रही है इससे सबसे ज्यादा आम उपभोक्ताओं और किसानों को ही फायदा होगा। इसलिए समिति ने सभी जनता से निजीकरण के विरुद्ध इस लड़ाई में सहयोग की अपील की।

संघर्ष समिति ने आज दिनांक 30 मार्च 2018 से ज्ञापन दो अभियान के तहत शहर उत्तरी के माननीय विधायक रविन्द्र जायसवाल, रोहनिया के माननीय विधायक सुरेन्द्र नारायण सिंह, सेवापुरी के माननीय विधायक नील रतन पटेल 'नीलू' ने प्रदेश की आम जनता के हित में मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर निजीकरण के फैसले पर पुनर्विचार हेतु पत्र लिखा।

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उ.प्र. के प्रतिनिधियों एवं प्रमुख सचिव (ऊर्जा) श्री आलोक कुमार के बीच कल शक्ति भवन में हुई वार्ता बेनतीजा रही। 

संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि विद्युत वितरण के निजीकरण एवं फ्रेन्चाईजी का प्रयोग पूरे देश में विफल हो चुका है। 

उदाहरण देते हुए बताया कि उड़ीसा में निजी कम्पनियों की अक्षमता के चलते उनके लाईसेन्स नियामक आयोग रद्द कर चुका है। इसी प्रकार औरंगाबाद, जलगांव, भागलपुर, उज्जैन, ग्वालियर और सागर के अर्बन डिस्ट्रीब्यूशन फ्रेन्चाईजी के करार फ्रेन्चाईजी की विफलता के कारण नियामक आयोग रद्द कर चुका है। समिति ने कहा कि आगरा में भी बड़ा घोटाला चल रहा है जिसकी उच्चस्तरीय जांच होना जरूरी है। 

संघर्ष समिति ने कहा कि प्रदेश की बिजली व्यवस्था में कारगर सुधार हेतु संघर्ष समिति गुजरात माॅडल और पटियाला माॅडल के आधार पर सुधार के प्रस्ताव काफी पहले दे चुकी है और कर्मचारियों व अभियन्ताओं को विश्वास में लेकर गुजरात व पटियाला माॅडल के आधार पर कार्य योजना तैयार करनी चाहिए तभी वास्तविक सुधार हो सकेगा। संघर्ष समिति ने कहा कि गुजरात व पटियाला दोनों ही स्थानों पर लाइन हानियां 12 प्रतिशत से कम हैं और दोनों ही स्थानों पर सरकारी क्षेत्र की कम्पनियां काम करती हैं। ऐसे में उ.प्र. में निजी फ्रेन्चाईजी का क्या औचित्य है।

कल दिनांक 31.03.2018 को सायंकाल 5 बजे उपभोक्ता जागरुकता हेतु समस्त बिजली कर्मचारी और अभियंता जागरूकता मार्च (मशाल के साथ) निकालेंगें, जो शहीद पार्क से शुरु होकर सिगरा-रथयात्रा-गुरूबाग-लक्सा-गिरिजाघर-गोदौलिया होते हुए चित्तरंजन पार्क पर समाप्त होगी |

सभा को सर्वश्री ई0 सुनील यादव, अनूप राय, मनोज अग्रहरी, आर0के वाही, अंकुर पाण्डेय, मदन श्रीवास्तव, नीरज बिंद, अभिषेक श्रीवास्तव, ए0के0 श्रीवास्तव, ए0के0 सिंह, ओ0पी0 भारद्वाज, राजेंद्र सिंह, इमरान, ई0 राम कुमार, ई0 जगदीश पटेल, रामशंकर पाल, संतोष, विकाश कुशवाहा, नरेंद्र शुक्ला, शिवलखन राम गुप्ता, काशी यादव, वीरेंद्र, हरिश्चन्द्र, अभिषेक शुक्ला, आमोद कुमार आदि वक्ताओं ने संबोधित किया।

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