निजीकरण के विरोध में विधान परिषद सदस्यों ने भी सरकार को चेताया लखनऊ में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का करेंगे बहिषकार।

निजीकरण के विरोध में विधान परिषद सदस्यों ने भी सरकार को चेताया लखनऊ में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का करेंगे बहिषकार।

वाराणसी।। वाराणसी 03 अप्रैल 2018- विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के केन्द्रीय नेतृत्व के आहवान पर आज 16वें दिन भी बिजली कर्मचारियों व अभियन्ताओं का निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन जारी रहा। संघर्ष समिति के वक्ताओं ने बताया कि निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों का नियमानुसार कार्य आन्दोलन लगातार चल रहा है और यदि दिनांक 08 अप्रैल 2018 तक निजीकरण का फैसला सरकार द्वारा वापस नहीं लिया जाता है तो दिनांक 09 अप्रैल 2018 से प्रदेश भर के बिजली कर्मचारी एवं अभियन्ता 72 घण्टे का पूर्ण कार्य बहिषकार करने के लिए बाध्य होगे, जिससे उत्पन्न होने वाली औद्योगिक अशांति एवं जनता को होने वाली परेशानी के लिए पूर्णत: उ0प्र0 सरकार जिम्मेदार होगी। 

30 मार्च 2018 से चल रहे मा0 सांसद एवं विधायको को ज्ञापन दो अभियान के अन्तर्गत प्रदेश भर में अनेक सांसदो एवं विधायको को निजीकरण के विरोध में ज्ञापन दिये गये। मा0 दीपक सिंह (सदस्य विधान परिषद) एवं मा0 दिनेश प्रताप सिंह (सदस्य विधान परिषद) ने पत्र के माध्यम से सरकार का ध्यान निजीकरण से होने वाले नुकसानो की तरफ आकृष्ट कराते हुए अवगत कराया कि निजीकरण विद्युत नियामक आयोग के आदेशो का खुला उल्लंघन है। निजीकरण से बिजली सस्ती नहीं होगी, थ्रू-रेट में कमी होगी, कर्मचारियों की छटनी होगी, रोजगार के अवसर कम होगे, कर्मचारियों एवं उपभोक्ताओं का शोषण बढ़ेगा तथा 5 से 7 हजार वेतन पर 10 घण्टे से ज्यादा काम कराया जायेगा। पैसा जनता का खर्च होगा और मुनाफा निजी कम्पनिया उठायेंगी। सरकार के इस प्रकार के तुगलकी फरमान का मा0 सदस्यों ने विरोध किया एवं सरकार को सचेत भी कि जिस प्रकार से प्रदेश भर में बिजली कर्मी एवं जनता निजीकरण का विरोध कर रही है, स्थिति कभी भी गम्भीर हो सकती है, जिसकी जिम्मेदारी उ0प्र0 सरकार की होगी। 

इलेक्ट्रीसिटी अमेण्डमेन्ट बिल-2014 एवं निजीकरण के विरोध में देश भर के लाखो बिजली कर्मचारियों ने दिल्ली के संसद मार्ग में विशाल रैली की जिसमें बनारस से भी सैकडो की सख्या में बिजली कर्मी शामिल हुए। 

प्रमुख सचिव ऊर्जा उ0प्र0 शासन एवं अध्यक्ष उ0प्र0 पावर कार्पोरेशन लिमिटेड के आदेश द्वारा दिनांक 04 अप्रैल,2018 को विद्युत प्रशिक्षण संस्थान लखनऊ में होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम का समस्त अभियन्ता पूरी तरह से बहिषकार करेंगे। वैसे भी संघर्ष और प्रशिक्षण एक साथ नहीं चल सकते। संघर्ष समिति ने यह भी निर्णय लिया कि जब तक निजीकरण का फैसला वापस नहीं लिया जाता है, तब तक किसी भी प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभाग नहीं करेंगे।

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा निजीकरण के खिलाफ चलाये जा रहे आन्दोलन के समर्थन में 
(1) श्री बड़ा गणेश लोहटिया व्यापार मण्डल के उपाध्यक्ष श्री अनिल अग्रहरी, 
(2) काशी पवित्रा सेवा समिति के संरक्षक श्री अनुपम कुमार पाण्डेय, 
(3) महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्र संघ अध्यक्ष श्री राहुल दूबे, 
(4) श्री हरिश्चन्द्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय के छात्र संघ अध्यक्ष श्री गुंजन पटेल, ने मा0 प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को पत्र लिखकर स्वत: हस्तक्षेप कर निजीकरण के फैसले को वापस लेने की माँग की। 

विरोध सभा की अध्यक्षता ए0के0 श्रीवास्तव, तथा संचालन जीउत लाल ने किया। बैठक में सर्वश्री र्इ0 ए0के0 श्रीवास्तव, चन्द्रजीत, जगदीश, नीरज पाण्डेय, सुनील यादव, आर0के0 वाही(संयोजक), डा0 आर0बी0 सिंह, केदार तिवारी, प्रविणा राय, दीपा मौर्या, रेनू मौर्या, भारती सिंह, शिवाजी सिंह, ए0पी0 शुक्ला, आर0के0 पाण्डेय, राजेन्द्र सिंह, मदन श्रीवास्तव, अभिषेक श्रीवास्तव, इमरान, तपन चटर्जी, कृष्णा, शशिकिरण मौर्य, नरेन्द्र शुक्ला, प्रशान्त, रामाशीश, रत्नेश सेठ, तपन हलदर, ए0के0 सिंह, काशी यादव, नीरज बिंद, अजय यादव, ओमप्रकाश, संतोश कुमार, अमितानन्द, विकास कुशवाहा आदि अधिकारियों/कर्मचारियों ने संबोधित किया।

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