निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों ने भरी हूंकार लखनऊ में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का अभियन्ताओं ने किया बहिषकार।

निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों ने भरी हूंकार लखनऊ में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का अभियन्ताओं ने किया बहिषकार।


वाराणसी।। वाराणसी 04 अप्रैल 2018- विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के केन्द्रीय नेतृत्व के आहवान पर आज 17वें दिन भी बिजली कर्मचारियों व अभियन्ताओं का निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन जारी रहा। निजीकरण के विरोध में संघर्ष समिति के वक्ताओं ने बताया कि सरकार कुछ निजी घरानों को अरबो-खरबो का फायदा कराने के उद्देश्य से बिजली विभाग को बेचने का षड़यंत्र रच रही है, जिसका खामियाजा आम जनता एवं गरीब किसानो को भुगतना पड़ेगा। वक्ताओं ने बताया कि निश्चित तौर पर निजीकरण से रोजगार के अवसर कम होंगे एवं जो नवयुवक विद्युत विभाग में नौकरी पाने हेतु सालो से कडी मेहनत कर रहे है, उनके ऊपर सरकार का ये कुठाराघात है। निजी हाथो में बिजली व्यवस्था जाने से अप्रशिक्षित बेरोजगारो को 02-04 हजार रूपये में रख कर मनमाने ढ़ंग से काम कराया जायेगा और प्रशिक्षित (आर्इ.टी.आर्इ., डिप्लोमा, बी.टेक इत्यादि) लोगो की कोर्इ पूछ नहीं होगी। 

वक्ताओं ने सरकार के इस निजीकरण के फैसले की घोर निन्दा करते हुए कहा कि कर्मचारी अपने एवं जनमानस के भविष्य को लेकर चिन्तित है एवं सरकार के इस फैसले के विरूद्ध निर्णायक लड़ार्इ लडने के प्रति कटिबद्ध है। जिस प्रकार मुम्बर्इ में निजीकरण का खामियाजा आम जनता भुगत रही है, उसी प्रकार निजीकरण के बाद यहा भी 10-12 रूपये प्रति यूनिट बिजली का भुगतान करना पड़ेगा। निजीकरण का ताजा उदाहरण निजी क्षेत्र के अस्पताल एवं स्कूल है जो हर वर्ष मनमानी फीस वसूल रहे है और आम जनता के पहुच से बाहर हो चुके हैं। 

संघर्ष समिति ने एक सुर में सरकार के निजीकरण के फैसले का विरोध करते हुए सरकार के निर्णय पर करारा हमला बोला और कहा कि जो सरकार बिजली जैसी आवश्यक मूलभूत सेवाओं को निजी कम्पनीयों को दे रही है, उस सरकार की नियत साफ नहीं लगती है। जब कि सभी जानते है कि बिजली, पानी जैसी मूलभूत सेवाओं पर सरकारी नियन्त्रण रहना आवश्यक होता है, जिससे आम जनमानस, गरीबो, किसानों, मजदूरों को सुविधा का लाभ मिल सके।

प्रमुख सचिव ऊर्जा उ0प्र0 शासन एवं अध्यक्ष उ0प्र0 पावर कार्पोरेशन लिमिटेड के आदेश द्वारा दिनांक 04 अप्रैल,2018 को विद्युत प्रशिक्षण संस्थान लखनऊ में होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम का समस्त अभियन्ताओं ने पूरी तरह से बहिषकार किया। विगत 10 दिनों में तीसरी बार प्रमुख सचिव ऊर्जा उ0प्र0 शासन द्वारा आयोजित विडियों कान्फ्रेन्सिंग एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का समस्त अभियन्ताओं ने बहिषकार किया। संघर्ष समिति ने यह भी निर्णय लिया कि जब तक निजीकरण का फैसला वापस नहीं लिया जाता तब तक इसी प्रकार से विडियो कान्फ्रेन्सिंग, समीक्षा बैठको एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों का बहिषकार जारी रहेगा।

विरोध सभा की अध्यक्षता इं0 डी0के0 दोहरे तथा संचालन शशिकिरण मौर्या ने किया।

बैठक में सर्वश्री इं0 ए0के0 लाल, आर0आर0 प्रसाद, जगदीश पटेल, मनोज अग्रवाल, प्रियेश त्रिपाठी, चन्द्रशेखर चौरसिया, सुनील यादव, आर0के0 वाही(संयोजक), अंकुर पाण्डेय, ए0के0 श्रीवास्तव, मायाशंकर तिवारी, केदार तिवारी, मो0 यूसुफ, संतोश वर्मा, राघवेन्द्र गोस्वामी, मनीष श्रीवास्तव, राजेन्द्र सिंह, मदन श्रीवास्तव, अभिषेंक श्रीवास्तव, ए0के0 सिंह, कृष्णा, इमरान, तपन चटर्जी, नरेन्द्र शुक्ला, प्रशान्त, रामाशीष, रत्नेश सेठ, तपन हलदर, ए0के0 सिंह, काशी यादव, कमर फारूख कुरैशी, अमित गौड़, सौरभ मिश्रा, ओ0पी0 भारद्वाज, देवेन्द्र सिंह, विजय नरायण हिटलर आदि अधिकारियों/कर्मचारियों ने संबोधित किया

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