प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी मे निर्माणाधीन पुल के स्लैब गिरने से दर्दनाक हादसा।

प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी मे निर्माणाधीन पुल के स्लैब गिरने से दर्दनाक हादसा।

वाराणसी।।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बड़ा सड़क हादसा शाम 5:20 हुआ। बन रहे नए ओवर ब्रिज का एक भारी भरकम सीमेंटेड पिलर ऊपर चढ़ाते समय अचानक बैलेंस बिगड़ने से सड़क पर जा गिरा। जिसके चलते उसकी चपेट में आकर एक सिटी बस, कार, ऑटो, बाइक सवार नीचे दब गए। सूचना पाकर SP सिटी दिनेश कुमार सिंह ने कई थानों की फोर्स लेकर शाम 6:00 मौके पर मौके पर पहुंचे शाम 6:30 पर एन.डी.आर.एफ. की टीम के अथक परिश्रम से बचाव एवं राहत कार्य शुरू कराया गया मौके पर क्रेनो के अलावा JCB तथा अन्य संसाधनो से राहत एवं बचाव कार्य चल रहा है। पुल का 7741.47 लाख की अनुमति लागत से यह फ्लाईओवर बन रहा है। जो अक्टूबर 2018 में पूरा होना था पुल का निर्माण। रात 9:30 पर उपमुख्यमंत्री केशव मौर्या ने घटना स्थल का जायजा लिया एवं 4 अधिकारियों के निलंबन की घोषणा की।
रात्रि 12:25 पर मुख्यमंत्री श्री आदित्यनाथ घटना स्थल पर पहुंचे एवं दुखद घटना के प्रति संवेदना व्यक्त की एवं अधिकारियों से फ्लाईओवर के स्लीपर गिरने का कारण पूछा तो सभी चुप रहे।
मुख्यमंत्री के साथ राज्यमंत्री श्री नीलकण्ठ तिवारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने गठित की जांच कमेटी वाराणसी हादसे के रिपोर्ट 48 घंटे में उपलब्ध कराने का निर्देश।

बनारस में निर्माणाधीन फ्लाईओवर के गिरने के कारणों की जांच के लिए मुख्यमंत्री द्वारा जांच समिति का गठन 

  1. श्री राजप्रताप सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त, उ0प्र0, समिति के अध्यक्ष बनाये गए।
  2. श्री भूपेन्द्र शर्मा, प्रमुख अभियन्ता एवं विभागाध्यक्ष सिंचाई विभाग,उ0प्र0- समिति के सदस्य 
  3. श्री राजेश मित्तल, प्रबंध निदेशक,उ0प्र0 जल निगम - समिति सदस्य।
ओवरब्रिज का पिलर गिरने के बाद मौके पर मची चीख पुकार और अफरातफरी की स्थिति हो गई। इस दौरान जान बचाने की कोशिश में भी कई लोग गिरकर घायल भी हो गए। काफी व्यस्ततम क्षेत्र में अचानक हुए इस हादसे में भगदड़ मचने के बाद मौके पर घटना की सूचना पाकर कमिश्नर, एडीजी, आईजी, एसएसपी सहित तमाम मजिस्ट्रेट व आला अधिकारियो के साथ ही समूचे जनपद की पुलिस फोर्स व एनडीआरएफ की टीम व क्रेन व एम्बुलेंस मौके पर डट गये और राहत कार्य मे जुट गए।

हादसे की जानकारी धीरे धीरे समूचे जनपद में आग की तरह फैल गई और मौके पर हजारों की संख्या में जनता भी जमा हो गई और राहत कार्य मे अपना हाथ बंटाने लगी। ओवरब्रिज गिरने के बाद नीचे फंसे वाहन और उसमें मौजूद लोगों को बचाने की कोशिश करने लगे। हालांकि नीचे दर्जनों लोगों के फंसे होने की सूचना के बाद उनको बचाने की कोशिश की जा रही थी, परन्तु कई लोगो की मृत्यु होने का भी अंदेशा स्थानीय लोगों की ओर से जतायी गई है। 
वहीं वाराणसी में हादसे की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा पीड़ितों व उनके परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये मुवावजा देने के साथ ही घटना की जांच के लिए जांच समिति का गठन कर 48 घण्टे में रिपोर्ट मांगी गई है। साथ ही डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को वाराणसी के लिए रवाना कर दिया जो वाराणसी आकर घटना के संबंध में मौके पर जानकारी ली एवं घटना के कारणों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का भी आदेश दिया। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घटना में मृत लोगो के प्रति गहरा दुख व्यक्त किया है। वहीं घटना स्थल पर कांग्रेसी नेता अजय राय व ललितेशपति त्रिपाठी भी अपने कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे और भीड़ का हिस्सा बनकर खड़े रहे।
घटनास्थल पर पिलर के नीचे कई गाड़िया जिसमे 4-6 चार पहिया, 5 ऑटो रिक्शा, 1 रोडवेज की बस सहित पैदल व दो पहिया वाहन चालकों के दबे होने का अंदेशा जाहिर किया जा रहा है।
वहीं दूसरी ओर मौके पर मौजूद जनता की भारी उग्र भीड़ से प्रशासन को भी रुबरु होना पड़ रहा है और पुल की गुणवत्ता को लेकर भी कई सवाल उठाये जा रहे हैं। 

कहीं न कहीं शासन व प्रशासनिक व्यवस्था भी है जिम्मेदार

वाराणसी में हुए आज इस दर्दनाक हादसे में कहीं न कहीं शासनिक व प्रशासनिक व्यवस्था भी चूक का कारण है। जहां शहर के इस व्यस्ततम इलाके में फ्लाई ओवर का निर्माण किया जा रहा है परन्तु शासन स्तर का कोई भी विधायक, मंत्री या अधिकारी ने इस ओर अपना ध्यान आकृष्ट नही किया। पुल के निर्माण में क्या गुणवत्ता है या नही है किसी न इस ओर ध्यान ही नही दिया। जबकि जनपद में वर्तमान भाजपा सरकार के कई विधायक व मंत्री व मेयर भी है साथ ही प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र भी काशी है और यहां पीएमओ भी है जहां रोज जनता की भीड़ अपनी समस्याओं को लेकर जाती है और वहा तैनात लोग सिर्फ अखबारों में फोटो छपवाने को लेकर बेचैन रहते है और सांसद मोदी जी ने अपना दुख प्रगट किया, यहीं से उनके कार्यो की इतिश्री हो गई। प्रदेश के मुख्यमंत्री के द्वारा अपने दूत डिप्टी सीएम को वाराणसी भेजकर मृतकों को पांच-पांच लाख मुवावजा देकर और घटना की जांच कर 48 घण्टे में रिपोर्ट मांगने का कार्य किया जिससे उन्होंने ने भी अपने कार्य व पद के जिम्मेदारी का इतिश्री कर दिया, पर किसी ने भी इस ओर ध्यान देने की जहमत तक नही उठाई।

वहीं मौके पर सहानुभूति के लिए जिला प्रशासन के सारे अधिकारी मौके पर पहुंचे लेकिन जिसके साथ यह हादसा हुआ उसके परिवार के लोग इस दुनिया से चले गए क्या कभी यह क्षति पूर्ति कोई कर पायेगा।

आखिर इन सब के बीच आज काशी में काल ने अपना कहर ढा ही दिया, और अपने गाल में कितनो को समा लिया इसका अंदाजा तो राहत व बचाव कार्य पूर्ण होने के बाद ही लग सकता है।

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