काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के ट्रामा सेन्टर, मे छाती की सामने की बीच वाली मोटी हड्डी का आपरेशन कर बचार्इ जान।

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के ट्रामा सेन्टर, मे छाती की सामने की बीच वाली मोटी हड्डी का आपरेशन कर बचार्इ जान।

वाराणसी।।आज दिनांक 12 मई, 2018 को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के डॉ0एस0के0 भारतीया, द्वारा यह जानकारी उर्जांचल टाईगर के प्रतिनिधि को बताया कि ट्रामा सेन्टर वाराणसी मे छाती की सामने की बीच वाली मोटी हड्डी का आपरेशन कर बचार्इ जान, 12 मर्इ, 2018 मरीज जितेन्द्र दूबे 19 साल निवासी बक्सर बिहार, गत रात्रि 9.30 बजे ट्रक व मोटर साइकिल की भिड़त के बाद घायल अवस्था में ट्रामा सेन्टर, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में गम्भीर स्थिति में लाया था। दुर्घटना के समय मरीज की छाती की बीच वाली मोटी हड्डी (Sternum) टूट गयी थी, जिसके चलते उसके नीचे से जाने वाली मोटी खून की नसे व फेफड़ों की चोट लग कर उसकी आकस्मिक मृत्यु हो सकती थी। 
मरीज को देखते ही ट्रामासेन्टर के सर्जरी विभाग की टीम डॉ0 एस0के0 भारतीया, डॉ0 शशि प्रकाश मिश्रा, डॉ0 जिसान हाकिम, डॉ0 सुमित शर्मा, डॉ0 कविता मीना, डॉ0 अवनिश कटियार, डॉ0 ऋषि कुमार गौतम, डॉ0 वरूण, डॉ0 तान्या ने तुरन्त आपरेशन का निर्णय लिया, लगभग 1.30 घंटे चले जटिल आपरेशन के उपरान्त उसकी जान सकुशल बचाली गयी। बतादें कि आम तौर पर छाती की चोट गम्भीर होती है और अमूमन पसलिया टूट जाती है जिसमें एक छोटा आपरेशन कर नली डाल कर मरीज को बचा लिया जाता है। डॉ0 संजीव गुप्ता आचार्य प्रभारी ट्रामा सेन्टर, बीएचयू ने बताया कि छाती की बीच वाली हड्डी (Sternum) का टूटना बहुत ही कम होता है। ट्रामासेन्टर, बी.एच.यू. द्वारा इस तरह का पहला मरीज है एवं जिसका सफल आपरेशन किया गया, मरीज आर्इ0सी0यू0 में है तथा उसके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है।

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