मनरेगा जेई को मिली ईमानदारी की सजा ।

मनरेगा जेई को मिली ईमानदारी की सजा ।

जमुई डीडीसी विवादों के घेरे में। 
पटना(स्टेट हेड-बिहार)।।सूबे के जमुई जिले के अलीगंज प्रखंड के मनरेगा के जेई,चंद्रशेखर प्रसाद सिंह को अपने कर्तव्यों के पालन में ईमानदारी के जज्बे को रखना आखिर में महंगा पड़ा।उनके कार्य करने की शैली स्थल निरीक्षण किये बिना एम.बी. बुक नहीं करूंगा, चाहे इसके लिए मुझे जो भी प्रताड़ना झेलना पड़े झेल लूंगा... जेई चंद्रशेखर प्रसाद सिंह के इस सख्त निर्णय से प्रखंड क्षेत्र के कतिपय मुखिया व पीआरएस में खलबली मची हुई थी।लेकिन जेई शायद इस बात को समझने की भूल कर रहे थे कि भ्रष्टाचार की गंगोत्री में डुबकी लगाने वाले उनके अधिकारी उनके इस विचारधारा से कोई खास वास्ता नहीं रखते हैं। कतिपय मुखिया, पीआरएस व पीओ के गठजोड़ ने ऐसा रंग जमाया की जेई की ईमानदारी की हेकड़ी डीडीसी ने मुख्यालय में तबादला कर उनकी बोलती ही बंद कर दी।मनरेगा के जेई का तबादला अलीगंज में तरह-तरह की चर्चाओं का विषय बन चुकी है। कई पीआरएस ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया की अलीगंज पंचायत में लगभग एक साल से मनरेगा की योजना का क्रियान्वयन इनके कड़े तेवर के कारण नहीं किया जा रहा था। अधिकांश मुखिया अपने घर के दरवाजे पर जेई को बिठाकर अपने मन माफिक इस्टीमेट बनवाने के आदि हो चुके थे। जिसे उक्त अभियंता ने ऐसा करने से मना कर दिया था। जिसको लेकर महिला पीओ द्वारा इस कर्मी को कार्यालय में सरेआम अपशब्द कहकर भी प्रताड़ित किया जाता था।लेकिन अपने धुन के पक्के इस अभियंता नहीं ने अपने ईमान को बचाये रखा। जिससे नाराज मुखिया, पीआरएस व पीओ ने उक्त अभियंता के विरूद्ध षडयंत्र रचकर तबादला करवा दिया। बताते चले की अलीगंज प्रखंड के पंचायत क्षेत्रों में अनेकों योजनाओं के क्रियान्वयन में वगैर जेई व एई के हस्ताक्षर के बिना ही एमबी बुक कर सरकारी राशि का वारा-न्यारा करने का खेल जमकर किया गया है।सूत्र बताते है कि इस तबादले के पीछे बड़ी रकम का सौदा करके उक्त तबादले को अंजाम दिलाने का कार्य असंतुष्ट मुखिया, पीआरएस व महिला पीओ द्वारा बखूबी से करवाया गया है।फिलवक्त में सिंचाई विभाग के एक जेई को उक्त अभियंता के स्थान पर पदस्थापित करके मनोवांछित कार्य करने हेतु पदस्थापित करवा दिया गया है।बताया जाता है की उक्त जेई से डीडीसी ने पिछले दिनों शो कॉज किया था।जिसमें उक्त जेई ने गलत एमबी बुक करने के दवाब का जिक्र लिखित रूप से किया था।लेकिन इनसभी बातों को अनसुनी कर दी गई। 
हाल मनरेगा कार्यालय का 
यहां पदस्थापित महिला पीओ 15 दिनों में एक या दो दिन ही अपने दफ्तर जाती है।अपने कर्मियों पर धौस जमाना,जबरन हाजरी काटना इनकी शगल बन चुकी है।सूत्र बताते है की ग्रामीण विकास विभाग द्वारा तबादले किये जाने के उपरांत 6 माह के लिए तबादले को रुकवाने की भी चर्चा कमीशन की राशि वसूलने को लेकर सरे आम हो चुकी है।गौरतलब है की सरकार द्वारा पीओ के तबादले के बाद उनके प्रखंड क्षेत्र को बदल दिया गया।जबकि अलीगंज की पीओ अपने मूल स्थान में ही बनी रही।यह प्रक्रिया सिस्टम के ऊपर सवालिया निशान लगा रही है। वही दूसरी ओर डीडीसी द्वारा जेई चंद्रशेखर प्रसाद सिंह के स्पष्टिकरण के जवाब में गम्भीर मुद्दों पर जांच करने के बजाय उनका तबादला कर मामले की लीपापोती कर दी।
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