मोदी सरकार के मुद्रा लोन योजना में घोटाले की आशंका,बढ़ा एनपीए

MUDRA LOAN,NPA,BANK


ब्यूरो, उर्जंचल टाइगर 

मोदी सरकार की मुद्रा लोन योजना जिसके सहारे सरकार युवाओ को रोजगार देने का वादा निभाने का स्वांग रचा जा रहा था. व्ही मुद्रा लोन योजना सरकार को ही पशोपेश में डाल दिया. है. ताजा आंकड़े के अनुसार मुद्रा लोन का एनपीए अब १४ हजार ३५८ करोड़ का हो चूका है,यानी इस लोन को चुकाए जाने की सम्भावना बहुत कम है.भविष्य में यह आंकड़े बढ़ भी सकते हैं. यह योजना विपक्षी दल कांग्रेस के ज़माने की नहीं है इसलिए इस असफल योजना का श्रेय भाजपा कंग्रेस को दे नहीं सकती. भाजपा माने या न माने लेकिन मुद्रा लोन योजना उनकी सरकार के लिए सरदर्द का सबब बन सकता है क्योंकि जहाँ एक और एनपीए और बढ़ने की संभावना है वही स्वरोजगार के दावे हवाहवाई है. मुद्रा लोन योजना को आधार बना कर बेरोजगार युवाओं को दो करोड़ रोजगार देने के वादों पर जो भ्रम का जो मरहम सरकार लगा रही थी, उसकी हकीकत मुद्रा लोन में बढ़ते एनपीए से सबके सामने आ रही है. 

मुद्रा लोन 

यह लोन तीन अलग अलग कैटेगरी शिशु,किशोर और तरुण के रूप में दिया जाता है.शिशु कैटगरी के तहत ५०हजार रुपए तक और तरुण के तहत ५लाख रुपए तक और तरुण के तहत ५लाख से १० लाख रुपए तक लोन दिए जाते हैं. 

मुद्रा लोन से स्वरोजगार के दावे ठोस नहीं. 

सूत्रों कि माने तो यह सबसे दिलचस्प है, के ऐसा कोई सरकारी आंकड़ा सरकार के पास भी नहीं जिससे पता चल सके के मुद्रा लोन के जरिये कितने रोजगार बाज़ार में आया है.सरकार बस यह मान रही के जितने लोन बांटे गए उतने रोजगार बाज़ार में आ गए.लेकिन सिक्के का दूसरा पहलू यह भी है की मुद्रा लोन लेकर स्वरोजगार के जो दावे किए जा रहें है,वह ठीक नहीं है.१२ करोड़ ७८ लाख लोगों में से सिर्फ १७ लाख ५७ हजार लोगों को ही मोटी रक़म का लोन मिला है जो कुल आंकड़े का १३फीसदी है.इससे इस बात की तस्दीक हो जाती है के लोन लेकर कारोबार शुरू करने वालों की संख्या बहुत कम है. 

बैंक को सरकार के निर्देश का इंतजार 

इस मामले में बैंको ने सरकार और आरबीआई को साफ़ तौर पर यह जानकारी दे दिया है की मुद्रा लोन में एनपीए और भी बढ़ सकता है.ऐसे में सरकार बताए मुद्रा लोन के तहत आगे क्या किया जाए? बैंको को सरकार और आरबीआई के अगले निर्देश का इंतज़ार है. मुद्रा योजना के तहत अब तक १२ करोड़ ७८ लाख लोगो को लोन दिया जा चूका है. 

बेलाग लपेट 

मुद्रा लोन योजना में बढ़ते एनपीए के लिए मोदी सरकार को दोष नहीं दिया जा सकता बल्कि वे लोग दोषी हैं जिन्होंने इस योजना का फायदा तो लिया लेकिन इस योजना के उद्देश्य को ही पलीता लगा दिया. ऐसे लोगो को चिन्हित कर उसके किए गए धूर्तता के लिए सरकार को संविधान के अनुसार सबक सिखाना चाहिए.
Reactions:

Post a Comment

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget