उर्जान्चल में बढ़ते सिकेडी का आपराधिक ग्राफ़ पर अंकुश लगाने में नाकाम जिला प्रशासन ?

कबाड़,कोयला और डीजल।

(फ़ाइल फोटो )
वर्षों से संचालित है खड़िया में कबाड़ की दुकान।
सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)।। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद जनता में यह उम्मीद जगा था के भ्रष्टाचार और अपराध पर अंकुश लगेगा और कानून का राज कायम होगा। लेकिन उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले का शक्तिनगर क्षेत्र में वर्षो से संचालित कबाड़ियों का मकड़ जाल अपना काम बदस्तूर बेखौफ संचालित कर न केवल कानून को ठेंगा दिखा रहा है बल्कि समाज के बेरोजगार युवा वर्ग को इस तरह के गोरखधंधे कि ओर आकर्षित कर उनके भविष्य से भी खेल रहा है।

एनसीएल के परियोजनाओं से होने वाली डीजल व कबाड़ चोरी रुकने का नाम नही ले रहा है ।बतादे की सोनभद्र जिला के सीमावर्ती इलाके में कबाड़ीयो का जाल बिछ गया है, जिसको तोड़ने में यहां के सुरक्षा तंत्र नाकाम साबित हो रहा है ।

सूत्रों की माने तो एनसीएल बीना परियोजना में निजी सुरक्षा एजेंसी की मिलीभगत से अर्से से डीजल व कबाड़ चोरी का सिलसिला चल रहा है।  एनसीएल बीना व खड़िया परियोजना से कबाड़ की ताबड़तोड़ चोरी खड़िया बाजार में स्थित कबाड़ की दुकान के संचालक द्वरा कराई जाती है , तथा एनसीएल ककरी परियोजना में बड़कू नाम के कबाड़ी का साम्राज्य है । चौतरफा एनसीएल के खदान में धावा बोल रोजाना लाखो का कबाड़ चोरी की जा रही है। जिसमे एनसीएल का सुरक्षा विभाग व परियोजना में लगी निजी सुरक्षा एजेंसी की महत्वपूर्ण भूमिका है । उक्त कबाड़ संचालक के पहुँच व चमकीले नोट के आगे स्थानीय पुलिस भी कुछ करने की हिमाकत नही जुटा पा रही है। स्थानीय लोगों कि माने तो कबाड़ कारोबारीयों द्वारा छेत्र में कबाड़ की दुकान खोलकर अंचल के आदिवासी बेरोजगार युवाओं को पैसे का लालच देकर कबाड़ चोरी की लत लगा रहे है ।

कबाड़ के अबैध कारोबार से जहाँ चोरियो का ग्राफ बढ़ रहा है वही नशा एवं जुवा की भी लत युवाओं में बढ़ता जा रहा है ।स्थानीय लोगो ने जिला प्रशासन से मांग किया है कि मुनीब गुप्ता जैसे शातिर कबाड़ी के खिलाफ कार्यवाही की जाय जिससे जिले में बढ़ रहे अपराधों के ग्राफ व कबाड़ चोरी पर अंकुश लगाया जा सके ।

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