जयंत में संचालित अंग्रेजी शराब दुकान संचालक लाइसेंस में दिऐ निर्देश का कर रहे उल्लंघन।


विनोद सिंह/सुन्दरम सिंह
ऊर्जांचल टाइगर सिंगरौली ब्यूरो कार्यालय जयंत।
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  • हजारों की संख्या में गंदगी फैला रही शराब की बोतलें शराब के बोतलों का लगा मेला।
  • प्रधानमंत्री जी के स्वच्छता अभियान की उड़ाई जा रही खुलेआम धज्जियां।
जयंत कार्यालय।।केंद्रीय कर्मशाला कॉलोनी परिसर के सामने 1अप्रैल 2018 से संचालित किया गया अंग्रेजी शराब दुकान जिस पर लाइसेंस में दिए नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लग रहा है। कॉलोनी वासियों का कहना है हमारे कालोनी के सामने जो दुकान संचालित है वहां से शराब की बिक्री की जाएगी वहां पर किसी को शराब पीने की इजाजत नहीं है। इसके बावजूद खुलेआम दुकान के पीछे और दुकान के अगल-बगल मैं दुकान संचालक लोगों को पिलवा रहे शराब जिससे आने जाने वाले लोगों को काफी दिक्कत हो रही है होती है। 

कॉलोनी के लोगों का कहना है हमने कई बार इसकी शिकायत जिला कलेक्टर आबकारी विभाग से किया गया लेकिन  अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुआ है।


क्या है आबकारी नीति

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई मंत्रिपरिषद् की बैठक में वर्ष 2018-19 की आबकारी नीति को मंजूरी दी गई। नई नीति के तहत एक अप्रैल2018 से प्रदेश में कन्या विद्यालयों, कन्या महाविद्यालयों, कन्या छात्रावासों और धार्मिक स्थलों से 50 मीटर दूरी तक अवस्थित मदिरा दुकानों को बंद किया जायेगा। देशी और विदेशी मदिरा दुकानों में संचालित 149 अहाते और शॉप-बार भी एक अप्रैल से बंद किये जायेंगे। इसके साथ ही मंत्रिपरिषद् द्वारा अन्य निर्णय भी लिये गये, जो इस प्रकार हैं।
  • मध्यप्रदेश में पहली बार सुनिश्चित क्षेत्रों में उपभोग नियंत्रण नीति (Dry Zone Policy) प्रभावशील करने का निर्णय लिया गया है। इसके अन्तर्गत नदियों, स्कूलों, कॉलेजों, धार्मिक स्थलों एवं गर्ल्स हॉस्टलों के निकटवर्ती क्षेत्रों को Dry zone घोषित किया गया है, इन स्थानों पर मदिरापान पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। ऐसे स्थानों को अधिसूचित किया जायेगा।
  • मदिरा पीकर यदि किसी व्यक्ति द्वारा कोई अपराध घटित किया जाता है, तो ऐसे व्यक्ति को मदिरापान का लाभ न देकर वर्धित दंड शास्ति के प्रावधान भारतीय दंड विधान संहिता में किये जाने के लिए गृह विभाग से अनुशंसा की जायेगी। आबकारी अपराधों की पुनरावृत्ति करने वाले आदतन/कुख्यात अपराधियों को कलेक्टर द्वारा छह माह की अवधि के लिए निष्कासन करने का अधिकार मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम में आवश्यक संशोधन कर दिया जायेगा।(पुरा पढ़ने के लिए क्लिक कीजिए- आबकारी नीति)

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