फिजियोथिरेपी से बढ़ती है नार्मल डिलीवरी की संभावनाएं- डाॅ. पूजा

फिजियोथिरेपी से बढ़ती है नार्मल डिलीवरी की संभावनाएं- डाॅ. पूजा

काशी फिजियोकाॅन-2018 का समापन, देश के तमाम फिजियो ने अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए
वाराणसी।।काशी हिंदू विश्वविद्यालय के के.एन. उड्डुपा सभागार में अस्थिरोग विभाग के तत्वाधान में चल रहे काशी फिजियोकाॅन-2018 राष्ट्रीय सम्मलेन का समापन रविवार शाम को हो गया। सम्मेलन के दूसरे दिन फिजियोथिरेपी चिकित्सकों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए।
बैंगलोर की फिजियोथिरेपिस्ट डाॅ. पूजा पांडेय ने कहा कि महिलाएं अपने स्वास्थ्य को लेकर सचेत नहीं रहती हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि गावों में भ्रम है कि गर्भावस्था में महिलाओं को कार्य नहीं करना चाहिए। जबकि गर्भवती महिलाएं जितनी सक्रिय रहेंगी जच्चा-बच्चा उतने ही स्वस्थ्य रहेंगे। डाॅ. पूजा ने जोर देते हुए कहा कि फिजियोथेरेपी और व्यायाम से गर्भवती महिलाओं की नार्मल डिलीवरी की संभावना बढ़ जाती है।
एम्स दिल्ली के डाॅ. प्रभात रंजन ने स्ट्रोक के दौरान न्यूरो डेवलपमेंट तकनीक पर विशेष बातचीत की। वहीं डाॅं. टी. पूविश्णु देवी ने लाइफ स्टाइल मोडिफिकेशन के बारे में विस्तार से बताया। पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला से आए प्रो. नर्किश अरूमुगम ने मैनुअल थिरेपी को विस्तार से बताया।

कार्यक्रम संयोजक डाॅ. एस.एस. पांडेय ने फिजियोथिरेपी के जरिए भारत को वैश्विक पटल पर स्थापित करने को लेकर फिजियोथिरेपी के क्षेत्र मे शोध किए जाने पर जोर दिया।
डाॅ. ओ.पी. सिंह एवं डाॅ. अशोक शर्मा को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। वहीं डाॅ. बी.के. लांबा को विशिष्ट सेवा सम्मान दिया गया। डाॅ. नरेंद्र सिन्हा को डाॅ. ओ.पी. उपाध्याय ने फिजियोरत्न अवार्ड से सम्मानित किया। डाॅ. राजेश कुमार चैरसिया को बेस्ट क्लीनिशियन का अवार्ड दिया गया उन्होंने यह सम्मान अपने मरीजों को समर्पित किया।

साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रतिभाग किए एपेक्स काॅलेज आॅफ फिजियोथिरेपी, काॅलेज आॅफ फिजियोथिरेपी विनोबा भावे विश्वविद्यालय झारखंड और मेरेडियन नर्सिंग एवं पैरामेडिकल काॅलेज वाराणसी के विद्यार्थियों को क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। साइंटिफिक शोध पत्र व पोस्टर प्रस्तुति और ज्ञान प्रतियोगिता के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया।

डाॅ. व्योमज्ञानपुरी ने कहा कि देश कई प्रांतों से आए फिजियोथिरेपिस्टों को काशी फिजियोकान में सम्मानित करना हमारे लिए गर्व की बात है। डाॅ. ओपी सिंह ‘काशी फिजियोकाॅन-18‘ के सफल आयोजन पर कोर टीम को बधाई दी।
काशी फिजियोकाॅन-2018 के सफल आयोजन में कार्यक्रम संयोजक डाॅ. एस.एस. पांडेय, डाॅ. व्योमज्ञानपुरी, डाॅ. संतोष पांडेय, डाॅ. अक्षय, डाॅ. नेहा, डाॅ. सौरभ, डाॅ. धीरज, डाॅ. शहनवाज, डाॅ. एस.एन. पाठक, डाॅ. राजेश चैरसिया, डाॅ. राकेश कुमार और कोर टीम के सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

50 फिजियोथिरेपिस्टों की नियुक्ति का आश्वासन

डाॅ. ओ.पी. उपाध्याय ने कहा कि बीएचयू में मरीजों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। बहुत से ऐसे मरीज हैं जिन्हें दवा के साथ-साथ फिजियोथिरेपी की जरूरत पड़ती है। चूंकि बीएचयू को एम्स का दर्जा मिल रहा है इसलिए फिजियोथिरेपी यूनिट को अत्याधुनिक तकनीकों से लैस किया जाएगा। साथ ही कहा कि बीएचयू में फिजियोथिरेपिस्टों की कमी है इसलिए करीब 50 फिजियोथिरोपिस्टों की नियुक्ति का आश्वासन दिया।

फिजियोथिरेपी काउंसिल बनाने की मांग उठी

काशी फिजियोकाॅन राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान चिकित्सकों ने फिजियोथिरेपी काउंसिल बनाने की मांग जोर-शोर से उठाई। सीनियर फिजियोथिरेपिस्ट डाॅ. नरेंद्र सिन्हा ने कहा कि फिजियोथिरेपी एक स्वतंत्र कोर्स एवं प्रोफेशन है। अगर भारत में डेंटल काउंसिल, फार्मेसी काउंसिल, नर्सिंग काउंसिल है तो फिजियोथिरेपी काउंसिल भी होनी चाहिए। कहा कि स्वतंत्र फिजियोथिरेपी काउंसिल बनाने के लिए हम सभी को एकजुट होना पड़ेगा। वहीं हरियाणा के डाॅ. आर. के. मुदगिल ने फिजियोथिरेपी काउंसिल की QQQ, कार्य एवं जरूरत विषय पर प्रकाश डाला। डाॅ. संतोष पांडेय ने कहा कि फिजियोथिरेपी विद्यार्थियों को काउंसिल के क्रियाकलापों को जानने की जरूरत है। कहा कि हम फिजियोथिरेपिस्ट बहुत ईमानदार होते हैं तभी तो खुद की माॅनिटरिंग के लिए काउंसिल की मांग कर रहे हैं।

काउंसिल बनने के फायदे-
  1. काउंसिल बनने से फर्जी फिजियोथिरेपी डिप्लोमा और डिग्री को बांटने वाले संस्थानों पर लगाम लग सकेगी।
  2. क्लीनिकल संस्थान केवल उन फिजियोथिरेपिस्टों की नियुक्ति कर सकेंगे जो फिजियोथिरेपिस्ट काउंसिल के साथ पंजीकृत होंगे।
  3. काउंसिल बनने से पूरे देश में एक यूनिफार्म सिलेबस होगा जिससे विद्यार्थियों को एक बेहतर एवं समान प्लेटमफार्म मिलेगा।
  4. फिजियोथिरेपिस्टों की नियुक्तियों की बढ़ोत्तरी होगी जिससे रोजगार में विकास होगा।
  5. फर्जी तरीके से फिजियोथिरेपिस्ट पेशा अपनाए लोगों को रोका जा सकेगा।
Reactions:

Post a Comment

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget