उर्जंचल में सफेदपोशों के संरक्षण में हो रहा है कोयले का कला कारोबार ?

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फाइल फोटो 
  • कोयला कबाड़ डीजल माफिया के सामने बौना साबित हुए भाजपा नेता।
  • कोयला कबाड़ दलाल कर रहा है भाजपा नेता को बदनाम।

उर्जांचल ब्यूरो 
@UrjanchalTiger,उर्जांचल टाइगर 

कोयला माफ़िया और परियोजनाओं के अधिकारी के मिलीभगत से रात के अँधेरे में कोयला चोरी गोरखधंधा के खेल की चर्चा क्षेत्र में हर आम व ख़ास के जुबान पर है।इस तरह के गोरखधंधा से न केवल परियोजना को नुकसान पहुंच रहा है बल्कि प्रति माह करोडो के राजस्व का नुकसान देश को हो रहा है।

क्या था मामला 

बीते 8जून को एनसीएल के खड़िया परियोजना में कोयला परिवहन में लगे 02 वाहन कोयला खदान के लोडिंग प्वाइंट पर कोयला चोरी के नियत से रात में ही पहुँच गए। स्थानीय सूत्रों द्वारा जब परियोजना के सुरक्षा अधिकारियो को इस बात की सूचना दी गई तब परियोजना के सुरक्षा अधिकारी अपने कर्मचारियों के साथ लोडिंग प्वांइट पर पहुंच गए। लोडिंग प्वाइंट की घेरा बंदी कर वाहनों की सघन जांच शुरू कि तो 02वाहन लोडिंग प्वाइंट पर संदिग्ध रूप से कोयला चोरी के नियत से खड़े मिले। दोनो वाहन समेत पांच लोगों को शक्तिनगर थाने को सुपुर्द करते हुए लिखित तहरीर दी के पकडे गए लोग दो वाहन के साथ कोयला चोरी के नियत से खदान में खड़े थे,प्रथमिकी दर्ज कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए,लेकिन महज़ चंदो घंटो में स्थानीय पुलिस ने पकड़े गए पांच लोगों के साथ दोनों वाहन को भी छोड़ दिया गया।
भाजपा नेताओं  द्वारा पुलिस को दिए जाने वाला शिकायत पत्र 

भाजपा की छवि धूमिल करने की साजिश 

संदिग्ध हालत में खदान में पकडे गए लोगों को पुलिस ने आखिर चंदो घंटो में क्यों छोड़ दिया,इस बात को लेकर स्थानीय लोगों ने जबर्दस्त प्रतिक्रिया हुई। भाजपा के स्थानीय नेताओं ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सच का पता लगाने का निर्णय लिया है। चूँकि देश प्रदेश दोनों जगह भाजपा की सरकार है ऐसे में राजस्व की क्षति और क्षेत्र में अपराध के बढ़ने से पार्टी की छवि धूमिल हो सकता है इस बात को ध्यान में रखते हुए पुलिस को सूचित कर कोयला के निकासी पर नज़र रखने के लिए पुलिस कर्मी को तैनात किया जाए।

पार्टी के स्थानीय नेताओं द्वारा लिए गए इस निर्णय की ख़बर लगने से कोयला माफ़िया और उनको संरक्षण देने वाले परियोजना प्रबंधन के तंत्र और स्थानीय पुलिस में ख़लबली मच गया है। कोयला चोरी में लिप्त तिगरी ने अब भाजपा के पदाधिकारियों पर दबाव बनाने के साथ पार्टी पदाधिकारीयों एव स्थानीय कार्यकताओं के ख़िलाफ़ फर्जी मुकदमें में फंसाने का साजिश रच रहें हैं।

पार्टी के स्थानीय पदाधिकारियों ने एनसीएल से बड़े पैमाने पर हो रहे कोयला कबाड़ और डीजल चोरी का कारोबार पूरी तरह से बंद कारने का निर्णय भी लिया है।उक्त पूरी बात विस्तार से भाजपा के स्थानीय नेताओं द्वारा पुलिस को दिए जाने वाले शिकायत पत्र में लिखा गया है।

पुलिस ने नहीं लिया शिकायत पत्र 

पार्टी के पदाधिकारियों द्वारा उक्त मामले के संबंध में स्थानीय थानाध्यक्ष को लिखित तहरीर देते हुए प्राथमिकी दर्ज कर उचित कार्यवाही करने हेतु आग्रह किया गया है। लेकिन प्राथमिकी दर्ज तो दूर शिकायत पत्र तक स्थानीय पुलिस ने रिसीव तक नहीं किया.जब मंडल अध्यक्ष ने फोन पर इस संबंध में थानाध्यक्ष से बात की तो उन्होंने कहा देखते हैं।

क्या कहे पत्रकारों से वार्तालाप में, भाजपा नेता 

कोयला तस्करी से जुड़े लोगों के बचाव में एक तथाकथित पत्रकार द्वारा भ्रामक खबर फैला कर दहशत पैदा करने का कुत्सित प्रयास किया गया। सारे आरोपों का खंडन करते हुए मंडल अध्यक्ष ने तहरीर और भ्रामक खबर के समबन्ध में कहा कि यह पूरी तरह असत्य और निराधार है।
इन्द्रजीत सिंह 
भाजपा मंडल अध्यक्ष 
सोनभद्र उत्तर प्रदेश  

संगठन और सरकार की छवि बिगड़ने वाली बात बर्दाश्त से बाहर है। प्रशासन ने समय रहते यदि उचित कार्यवाही नहीं की तो कार्यकर्ताओं का अपमान कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस समबन्ध में मुख्यमंत्री सहित सभी समबन्धित उच्चाधिकारियों को लिखित जानकारी प्रेषित कर आवश्यक कार्यवाही की मांग की गई है।
कमलेश गुप्ता 
भाजपा मंडल महामंत्री 
सोनभद्र उत्तर प्रदेश  


कोयला कबाड़ दलाल कर रहा है भाजपा नेता को बदनाम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आनंद पाण्डेय 
नेता भाजपा युवा मोर्चा 

निष्पक्ष कार्यवाही हो जाए कोयला कबाड़ और डीजल माफियाओं के खिलाफ तो कई सफेदपोश बेनक़ाब हो सकते हैं।
कार्यवाही होगा या नही यह तो भविष्य के गर्भ में छुपा है लेकिन यह बात तो तय है के सोनभद्र के शक्तिनगर क्षेत्र में हो रहा कोयले का काला कारोबार की जड़े बहुत ही गहरी है।अपराधमुक्त प्रदेश का वायदा योगी सरकार इस क्षेत्र में कितना निभा पति है यह देखना दिलचस्प होगा।

वैसे कोई कार्यवाही उर्जांचल (सोनभद्र-सिंगरौली) में जड़े जमा चुके कोयला कबाड़ और डीजल माफियाओं की जड़े उखाड़ नहीं सकती। सूत्र बताते हैं की इनकी पहुँच वहां तक है जहाँ पर शिकायते जा कर दम तोड़ देती है। सत्ता बदलती रही लेकिन यह गठजोड़ वर्षो से अपना काम बदस्तूर करता रहा है और ऐसा लगता है वर्षो तक करता रहेगा। सत्ता बदलने के साथ सत्ताधारी पार्टी के स्थानीय नेताओं द्वारा ऐसा विरोध होता रहा है लेकिन कोई कार्यवाही हुआ हो ऐसा कभी हुआ नहीं।

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