एनसीएल ने मेरे बाल स्वप्न को साकार किया - सांसद रीति पाठक

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स्थानीय सांसद श्रीमती रीति पाठक ने एनसीएल के सामाजिक सरोकारों के कार्यों की मुक्त कंठ से की प्रशंसा
सिंगरौली(मध्यप्रदेश)।। सिंगरौली के विकास के लिए एनसीएल की ओर से किए जा रहे कार्यों की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए उन्होंने एनसीएल का आभार जताया और उम्मीद जाहिर की कि सामूहिक सहयोग से सकारात्मक सोच के साथ किए जा रहे प्रयासों की बदौलत आने वाले समय में एनसीएल और मध्य प्रदेश का सिंगरौली परिक्षेत्र राष्ट्रीय पटल पर अपनी नई पहचान बनाएंगे। 
जन्मभूमि सिंगरौली में देश के विकास के लिए भारत सरकार की इतनी बड़ी कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) अनवरत कार्य कर रही है, यह बेहद गर्व की बात है।
श्रीमती रीति पाठक
  सांसद सीधी,मध्यप्रदेश 

स्थानीय सांसद श्रीमती रीति पाठक गुरुवार शाम एनसीएल मुख्यालय में कंपनी के सीएमडी पी.के. सिन्हा, निदेशक (तकनीकी/संचालन) गुणाधर पांडेय एवं निदेशक (वित्त) एन.एन. ठाकुर की गरिमामयी उपस्थिति में कंपनी के क्षेत्रीय महाप्रबंधकों, यूनिट प्रमुखों एवं सीएसआर टीम से मुखातिब थीं।


सिंगरौली के विकास में एनसीएल के योगदान का एक उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि कैसे एनसीएल ने उनके बचपन के सपने को साकार किया। उन्होंने कहा कि सिंगरौली में उनकी जन्मभूमि खटकरी गांव की सड़क बेहद खस्ताहाल थी और बचपन में वे अक्सर सोचती थीं कि यह सड़क क्यों नहीं बनती और इस सड़क का बनना उनका एक सपना था। आज यहां एनसीएल ने बेहतरीन सड़क बना दी है और वह जब अपने गांव जाती हैं, तो सड़क किनारे एनसीएल का बोर्ड देखकर उन्हें गर्व की अनुभूति होती है।

एनसीएल से जुड़े पहलुओं की तफसील से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि भारत के किसी भी कोने में मेरी और मेरे संसदीय क्षेत्र की पहचान एनसीएल एवं एनटीपीसी जैसे केंद्र सरकार के बड़े संस्थानों की मौजूदगी से है, जिस पर मुझे फक्र है। सिंगरौली की दशा एवं दिशा बदले जाने के लिए चलाए जा रहे ट्रांसफॉर्म सिंगरौली मिशन में एनसीएल के समर्पित योगदान की सराहना करते हुए उन्होंने इस बात पर विशेष खुशी जताई की टीम एनसीएल ग्राउंड जीरो यानी जमीनी स्तर पर जाकर स्थानीय गांवों की तस्वीर बदलने के कार्य में जुटी है।

एनसीएल के सीएमडी  पी.के. सिन्हा ने राष्ट्रीय कोयला उद्योग में एनसीएल के योगदान एवं कंपनी के समावेशी विकास की अवधारणा से श्रीमती पाठक को अवगत कराया और कहा कि इस वर्ष 100 मिलियन टन कोयला उत्पादन का अब तक का सबसे बड़ा लक्ष्य हासिल करने की जिम्मेदारी एनसीएल ने ली है और कंपनी उतनी ही तन्मयता के साथ अपने हितग्राहियों के सतत एवं समावेशी विकास के लिए प्रयत्नशील है। निदेशक (तकनीकी/संचालन) गुणाधर पांडेय ने कंपनी के सेफ्टी, पर्यावरण, कोयला डिस्पैच प्रणाली सहित विभिन्न पहलुओं से श्रीमती पाठक को व्यापक रूप से अवगत कराया।


स्थानीय गांवो के विकास के लिए एनसीएल द्वारा सीएसआर के तहत किए जा रहे कार्यों तथा कंपनी की भावी सीएसआर योजनाओं की श्रीमती पाठक ने व्यापक जानकारी ली और इन कार्यों एवं योजनाओं से ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़े जाने, योजनाओं के व्यावहारिक पहलुओं पर ज्यादा जोर दिए जाने तथा योजनाओं के क्रियान्वयन के पश्चात एक बेहतर फीडबैक प्रणाली विकसित किए जाने जैसे सुझाव उन्होंने एनसीएल प्रबंधन को दिए। स्थानीय लोगों के कौशल विकास, रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, सुरक्षा एवं पर्यावरण प्रबंधन से जुड़े पहलुओं पर कंपनी द्वारा किए जा रहे कार्यों को केंद्रविंदु के तौर पर रखते हुए उन्होंने टीम एनसीएल को भावी कार्यों के लिए शुभकामनाएं दी।

एनसीएल के महाप्रबंधक (सीएसआर)  ए. पाठक ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से कंपनी के सीएसआर कार्यों पर व्यापक रूप से प्रकाश डाला तथा बताया कि चालू वित्त वर्ष में एनसीएल ने विभिन्न मदों में सीएसआर कार्यों के लिए लगभग 75 करोड़ रुपये का बजट रखा है।

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