वर्तमान राष्ट्रीय चुनौतियाँ महामना मालवीय मिशन की भूमिका’’ संगोष्ठी

वर्तमान राष्ट्रीय चुनौतियाँ महामना मालवीय मिशन की भूमिका’’ संगोष्ठी

वाराणसी।।काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, बीएचयू इकाई की तरफ से ‘‘वर्तमान राष्ट्रीय चुनौतियाँ एवं महामना मालवीय मिशन की भूमिका’’ विषयक एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। सूचना एवं जन सम्पर्क अधिकारी ड़ॉ0 राजेश सिंह ने उर्जांचल टाईगर न्यूज़ वाराणसी के अजीत नारायण सिंह (ब्यूरो चीफ) को बताया कि इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सुप्रसिद्ध विचारक महामना मालवीय मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री प्रभु नारायण श्रीवास्तव जी थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मालवीय मिशन बीएचयू इकाई के संरक्षक एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रो0 देवेन्द्र प्रताप सिंह, पूर्व कुलपति थे।
मुख्य वक्ता के रूप में विचार व्यक्त करते हुए श्री प्रभु नारायण श्रीवास्तव ने कहा कि महामना का जीवन दर्शन हमारा अधिष्ठान है। मालवीय जी कहा करते थे कि आप अपनी क्षमताओं का जितना उपयोग करेंगे वह उतना ही बढ़ेगा और यदि उपयोग नहीं करेंगे तो क्षमता का क्षरण होता चला जायेगा। उन्होंने उपस्थित सदस्यों से आग्रह किया कि वे आदिवासी क्षेत्रों में मालवीय मिशन द्वारा चलाए जा रहे स्वयंसेवी कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले और उनके चेहरे पर मुस्कान बिखेरने का कार्य करें। यह कार्य निश्चित ही महामना के उद्देश्यों और आपके जीवन को आनंदित करेगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रो0 देवेन्द्र प्रताप सिंह ने महामना के बहुआयामी व्यक्तित्व पर चर्चा की। 
उन्होंने कहा कि आज महामना विरोधी शक्तियाँ सक्रिय हो गयी हैं और उनके बारे में ऊल-जूलुल चर्चायें की जा रही हैं। यहाँ तक कहा गया है कि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की स्थापना महामना द्वारा नहीं की है। यह बहुत ही विचित्र बात है। उन्होंने आग्रह किया कि महामना के अन्तिम संदेश जिसे अंग्रेजों ने जब्त कर लिया था उसे खोजकर प्रत्येक व्यक्ति जरूर पढ़े। उन्होंने कहा कि मालवीय जी एक दृढ़प्रतिज्ञ व्यक्ति थे परन्तु देशहित में जब-जब आवश्यकता पड़ी तब-तब उन्होंने अपने प्रतिज्ञा को तोड़ा भी। उन्होंने बताया कि चैरी-चैरा कांड में फांसी की सजा पाये 250 से अधिक व्यक्तियों को बचाने का कार्य किया और अन्त में मात्र 19 लोगों को फांसी की सजा हुई। इस कार्य के लिए उन्होंने दस साल पहले छोड़ दी गयी वकालत को फिर से अपनाया। 
कार्यक्रम का प्रारम्भ महामना की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्जवलन से हुआ। मुख्य वक्ता एवं अध्यक्ष को अंग वस्त्रम प्रदान कर अभिनन्दन किया गया। इस अवसर पर महामना मालवीय मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री प्रभु नारायण जी को अभिनन्दन-पत्र प्रदान किया गया जिसका वाचन बीएचयू इकाई के उपाध्यक्ष ड़ॉ0 उपेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने किया। स्वागत भाषण बीएचयू इकाई के अध्यक्ष प्रो0 यू0पी0 शाही द्वारा किया गया। विशिष्ट अतिथि के रूप में एकेडमिक स्टाफ कालेज के कार्यकारी निदेशक ड़ॉ0 एस0के0 तिवारी उपस्थित रहे। संचालन इकाई के महामंत्री श्री विजय नाथ पाण्डेय एवं धन्यवाद ज्ञापन कोषाध्यक्ष प्रो0 शैलेन्द्र कुमार गुप्त ने किया। इस अवसर पर बीएचयू इकाई कार्यकारिणी के उपाध्यक्ष प्रो0 देवव्रत चौबे एवं सदस्य ड़ॉ0 दया शंकर त्रिपाठी को उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान द्वारा दिये गये पुरस्कार हेतु राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा अंगवस्त्रम एवं माल्यार्पण कर अभिनन्दन किया गया। संगोष्ठी में इकाई के अध्यक्ष श्री सुभाष गुप्ता, वनांचल इकाई के अध्यक्ष प्रो0 अरविन्द जोशी सहित प्रो0 हीरा लाल पाण्डेय, श्री महेन्द्र नाथ सिंह (एडवोकेट), श्री अत्रि भारद्वाज, श्रीमती आशा शर्मा, ड़ॉ0 अर्चना शाही, ड़ॉ0 दीना नाथ सिंह, श्री अनिरूद्ध नारायण सिंह आदि प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। 

विदाई समारोह सम्पन्न।

वाराणसी पर केन्द्रीय कार्यालय के समिति कक्ष संख्या-1 सभागार में आयोजित एक भव्य समारोह में उन्हे विदाई दी गई।
सूचना एवं जन सम्पर्क अधिकारी ड़ॉ0 राजेश सिंह ने उर्जांचल टाइगर न्यूज़ वाराणसी के अजीत नारायण सिंह (ब्यूरो चीफ) को बताया कि वित्ताधिकारी ड़ॉ0 श्याम बाबू पटेल एवं वरिष्ठ सलाहकार (प्रशासन, वित्त एवं परीक्षा) ड़ॉ0 के0पी0 उपाध्याय के आतिथ्य में आयोजित विदाई समारोह में श्री प्राण कृष्ण देव को माल्यार्पण, शाल, मोमेन्टो एवं ढेर सारा उपहार भेंट करते हुए उनका स्वागत किया गया।
इस अवसर पर संयुक्त कुलसचिव (सामान्य प्रशासन) संजय कुमार, सहायक कुलसचिव-पुष्यमित्र त्रिवेदी एवं विजय कुमार, हिन्दी अधिकारी ड़ॉ0 विचित्रसेन गुप्त, अनुभाग अधिकारी- ड़ॉ0 सत्यनारायण यादव, प्रेम शंकर सिंह, पंकज नागर एवं मालविका भट्टाचार्य, मनोज सिंह, मुर्तुजा आलम, प्रशान्त गोंड, राहुल गौतम इत्यादि प्रमुख रुप से उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संचालन मुर्तुजा आलम, वरिष्ठ सहायक (सामान्य प्रशासन) एवं धन्यवाद ज्ञापन पुष्यमित्र त्रिवेदी, सहायक कुलसचिव (प्रशासन) गैर-शिक्षण ने किया।
Reactions:

Post a Comment

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget