काला धन छुपाने के लिए ऐसे खोलते हैं स्विस बैंक में अकाउंट

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डिजिटल टीम
विशेष ,उर्जांचल टाइगर 

स्विस बैंकों में भारतीयों के 50 फीसदी पैसा बढ़ जाने से कालेधन की चर्चा एक बार फिर शुरू हो गया है। स्विस बैंकों में जमा भारतीयों का पैसा तीन साल से गिर रहा था लेकिन साल 2017 में कहानी पलट गई है। साल दर साल आधार पर तुलना करें तो पिछले साल स्विस बैंकों में भारतीयों का पैसा 50 फ़ीसदी बढ़कर 1.01 अरब स्विस फ़्रैंक (क़रीब सात हज़ार करोड़ रुपए) पर पहुंच गया है।

काले धन को लेकर तमाम तरह की चर्चा 2014 के लोकसभा के चुनाव से पहले सुनाई देता रहा, भाजपा को ऐतिहासिक जीत दिलाने में कालाधन को वापस लाने के लिए किए गए वादे और दिखाए गए सपनों की अहम भूमिका को इनकार नहीं किया जा सकता है। यह और बात है की भाजपा सरकार के चार साल बीत जाने के बाद भी कोई ठोस परिणाम देने में विफल रही। 

कालेधन का चर्चा आते स्विस बैंक का नाम ज़ेहन में आ जाता है लेकिन क्या आप जानते हैं स्विस बैंक कैसे काम करता है,क्या यह भी जानते हैं के थैलीशाह और धनकुबेर ही नहीं कोई भी कहीं से भी स्विस बैंक के नियम और चार्ज का भुगतान कर अपना खता खोल सकता है, आज हम आपको बताते हैं स्विस बैंक में खाता खोलने से जुडी अहम बातें।

कैसे खोल सकते हैं अकाउंट 

घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर स्विटजरलैंड के किसी भी बैंक के लिए बैंक अकाउंट खोलने का आवेदन किया जा सकता हैं। बस एकाउंट खोलने के लिए आपके पास पहचान संबंधी मान्य दस्तावेज़ होना चाहिए, जो जरुरी होता है। यह दस्तावेज़ दो तरीके से भेजा जा सकता है,पहला बैंक के कौरेस्पोंडेंस के जरिए, दुसरा ई-मेल के जरिए भी भेजा जा सकता है। सिर्फ बिना नाम वाले बैंक अकाउंट खोलने के लिए स्विटजरलैंड जाना जरुरी होता है। क्योंकि ऐसे अकाउंट के लिए फिजीकल वेरीफिकेशन अनिवार्य है। बिना नाम वाले अकॉउंट में ही काले धन के खेल का सारा राज छुपा है।

अकाउंट के प्रकार 

खाता खोलने के लिए दिए जाने वाले पहचान से संबंधीत दस्तावेज वैध और सरकारी एजेंसी से प्रमाणित होना चाहिए। जिसके आधार पर स्विटजरलैंड के बैंक में आप पर्सनल अकाउंट, सेविंग्स अकाउंट और इन्वेस्टमेंट अकाउंट सहित दूसरे खाते खुलवा सकते हैं।

जरुरी दस्तावेज 

पासपोर्ट की औथेन्टिक कौपी, कंपनी के डौक्युमेंट, प्रफेशनल लाइसेंस।

गोपनीयता के लिए बिना नाम के अकाउंट खुलवाया जाता है 

अपनी गोपनीयता के कारण दुनिया भर में मशहूर स्विस बैंक ग्राहकों को नंबर के आधार पर भी खाता खोलने का मौका देते हैं, यानी इस प्रकार के खाते पर आपका नाम नहीं होगा। ये खाते नंबर से जाने जाते हैं। स्विस बैंक में यह अकाउंट 68 लाख रुपए से खुलता है। ऐसे अकाउंट में ट्रांसजैक्शन के वक्त कस्टमर के नाम के बजाय सिर्फ उसे दी गई नंबर आईडी का इस्तेमाल होता है। इसके लिए स्विट्जरलैंड के बैंक में फिजिकल तौर पर जाना जरूरी हो जाता है। इस अकाउंट के सालाना मेंटेनेंस का चार्ज 20,000 रुपए होता हैं। स्विट्जरलैंड के सभी बैंक (लगभग 4003) गोपनीयता कानून की धारा 47 के तहत बैंक अकाउंट खुलवाने वाले की गोपनीयता बरक़रार रखते हैं। इसमें से दुनिया भर में यूनाइटेड बैंक औफ स्विटजरलैंड (यूबीएस) और क्रेडिट सुईस समूह सबसे लोकप्रिय बैंक हैं।इन बैंकों के पास स्विटजरलैंड के कुल बैंकों की 50 फीसदी से ज्यादा बैलेंसशीट है।

लेनदेन में नाम का जिक्र नहीं होता 

ऐसे खातों में सारा लेन-देन नंबर के आधार पर होगा। बिना नाम वाला खाता खोलने की प्रक्रिया बेहद जटिल होता है। खाता खोलने वाले को स्वयं बैंक में जाकर अपनी पूरी जानकारी देनी पड़ती है। खाता धारक के नाम की जानकारी केवल बैंक के कुछ चुनिंदा वरिष्ठ अधिकारियों को ही रहता है।

कोई भी वयस्क खोल सकता है अकाउंट

कोई भी व्यक्ति, जिसकी उम्र 18 साल से ज्यादा है, वह स्विस बैंक में अपना खाता खोलने के लिए योग्य है। हाँ और बैंक की तरह खाता खोलने का अंतिम अधिकार स्विस बैंक के पास होता है। बैंक खाता खोलते वक्त खास तौर से पूंजी के स्रोत आदि पर कड़ी पड़ताल करता है, जिसमें राजनीतिक शख्सियत आदि का खाता खोलते वक्त खास पड़ताल की जाती है।

भारतीयों पर लगते हैं RBI और FEMA कानून

रिजर्व बैंक के नियमों के मुताबिक, जिस भारतीय का विदेशी बैंक में खाता है, वह उसमें साल में 1.25 लाख डौलर तक जमा कर सकता है। इसके अलावा कंपनियों के खातों पर फेमा कानून लागू होता है। खाते में लेन-देने को लेकर प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) को छूट मिलती है।

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