आयुर्वेद के मूल सिद्धान्त पूर्णतया वैज्ञानिक हैं- प्रो० आनन्द

BHU



अजीत नारायण सिंह
ब्यूरो,वाराणसी,उर्जांचल टाइगर 

प्रो० आनन्द चौधरी विभागाध्यक्ष रस शास्त्र एवं भैषज्य कल्पना विभाग आयुर्वेद संकाय चिकित्सा विज्ञान संस्थान काशी हिन्दू विश्व विद्यालय ने बताया कि आयुर्वेद के मूल सिद्धान्त पूर्णतया वैज्ञानिक हैं इनकी तुलना कंप्यूटर के सिद्धान्तों के अनुरूप की जा सकती है। कंप्यूटर की कार्य प्रणाली भी सर्व भौमिक पञ्च भौतिक सिद्धान्त के अनुरूप है और आयुर्वेद भी पञ्च भौतिक के सिद्धान्त पर ही मनुष्य की चिकित्सा करता है। आज आयुर्वेद ही एक ऐसा चिकित्सा विज्ञान है जो स्वस्थ व्यक्ति को और भी स्वस्थ बनाने के सिद्धान्त पर काम करता है। उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर आयुर्वेद की मान्यता में वृद्धि हो रही है यदि हम स्टार्ट अप के माध्यम से आयुर्वेद को और भी युगानुरूप बनावें तो हमे मानव के जीवन सम्वर्धन में सफलता मिलेगी। 

ये तथ्य पदमभूषण डॉ विजय भाटकर कुलाधिपति, नालन्दा विश्व विद्यालय नालन्दा, बिहार ने कहा कि डॉ भाटकर को भारत में परम कंप्यूटर का जनक माना जाता है। सम्प्रति आप विज्ञान भारती के अध्यक्ष भी है। डॉ भाटकर गुजरात आयुर्वेद विश्व विद्यालय में डॉ० पी.एम्. मेहता मेमोरियल ओरेसन देते हुए ये बातें बताया। 

काशी हिन्दू विश्व विद्यालय के चिकित्सा विज्ञान संस्थान के आयुर्वेद संकाय के प्रो० आनन्द चौधरी, विभागाध्यक्ष, रस शास्त्र एवं भैषज्य कल्पना विभाग दिनांक 20-21 जुलाई, 2018 को गुजरात आयुर्वेद विश्व विद्यालय, जामनगर में आई.पी.जी.टी.आर.ऐ. के स्थापना दिवस पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला में अतिथि वक्ता के रूप में भाग लिया एवं प्रतिभागियों को आयुर्वेद में औषधि विकास की सम्भावनाये विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद के शास्त्रीय औषधियों के “औषधि पाठ संयोजन“ के सिद्धान्तों को ध्यान में रखते हुये ही नयी आयुर्वेदीय औषधियों का विकास किया जाना चाहिए। 

गुजरात आयुर्वेद विश्व विद्यालय के एस कार्यक्रम में वैद्य राजेश कोटेचा, सचिव, आयुष मन्त्रालय, भारत सरकार ने मुख्य अतिथि के रूप में वक्तव्य देते हुए कहा कि आयुष मन्त्रालय आयुर्वेद में मानक एवं प्रमाणिक शोध के लिये आई.आई.टी. दिल्ली के साथ हाल ही में 18 जुलाई को समझौता किया है। आयुष ग्रिड भी बनाया जा रहा है, जिससे कि सम्पूर्ण विश्व में आयुर्वेद की सार्थक जानकारी उपलब्ध करायी जा सके। 

वैद्य करतार सिंह महानिदेशक, सी.सी.आर.ऐ.एस. नई दिल्ली, प्रो० एम्.एस. बघेल पूर्व निदेशक, प्रो० अनूप ठाकर, निदेशक आई.पी.जी.टी.आर.ऐ. जामनगर आदि उपस्थित थे। सम्पूर्ण भारत वर्ष से अनेक गण मान्य आयुर्वेद अधिकारियो ने इस कार्यक्रम में भाग लिया।

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