वाराणसी - सिपाही द्वारा जमीन हडपने का मामला बना चर्चा का विषय

वाराणसी,पुलिस,जमीनी विवाद,न्याय

पीड़ित - लोकनाथ पाण्डेय
अजीत नारायण सिंह
ब्यूरो वाराणसी,उर्जान्चल टाइगर
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मडुआडीह थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम लखनपुर वैष्णव नगर कॉलोनी में जमीनी विवाद में पुलिस पर कथित रूप से पुलिस का भय दिखा कर जमीन हड़पने का मामला प्रकाश में आया है।

आरोप है के न्यायालय के आदेश के बावजूद सिपाही विजय पांडेय द्वरा बलपूर्वक कुछ लोगों के साथ दिवार गिरने का प्रयास किया जाता है,100नंबर डायल पर शिकायत के बाद पुलिस मौके पर आती है लेकिन सिपाही के प्रभाव के कारण मामले को लीपा पोती कर चली जाती है।

शिकायत के बाद पुलिस के ढुलमुल रवैया को देख स्थानीय लोगों के मन में प्रशासन के प्रति रोष तथा अविश्वास का भाव व्याप्त हो रहा है। जहां एक ओर उत्तर प्रदेश का मुखिया भू माफियाओं के खात्मे की बात करते है वही दूसरी ओर वाराणसी मडुआडीह में सिपाहीयों द्वरा आम लोगों के व्यक्तिगत संपत्ति को हड़प लेने का प्रयास को आम जनता क्या समझे? सरकार की निष्पक्षता या पुलिस की गुंडागर्दी?

क्या है मामला

घटना ग्राम लखनपुर वैष्णव नगर कॉलोनी थाना मण्डुआडीह जिला वाराणसी के निवासी लोकनाथ पाण्डेय पुत्र अवधेश पाण्डेय एक वरिष्ठ नागरिक हैं इनका मकान आराजी नंबर 11 में स्थित मौजा लखनपुर परगना देहात अमानत तहसील व जिला वाराणसी में स्थित है। आराजी नंबर 11 के बाद आराजी नंबर 10 रकबा 0.1470 एकड़ है जो उत्तर प्रदेश सरकार की जमीन है। 34वीं वाहिनी पीएसी के सिपाही हरेराम यादव, विजय पांडे, श्याम बिहारी सिंह आदि ने अपनी पत्नियों के नाम स्थानीय निवासी सुनीता तिवारी पत्नी रामकिंकर तिवारी उमानाथ के साथ कूट रचित रचना कर उत्तर प्रदेश की जमीन का फर्जी कूट रचित प्रपत्रों को तैयार कर अपने नाम से बैनामा तहरीर करवा लिए हैं। आराजी नंबर 11 में स्व. राम सूरत सिंह जो कि सेना के सेवानिवृत्त कर्मी का घर है तथा कॉलोनी की सुरक्षा हेतु आराजी नंबर 11की मेढ़ पर दीवार बनी हुई थी जिसको सुनीता तिवारी ने साजिश करके पीएसी के लोगों से मिलकर पूर्व मे 2012 मे दीवार को क्षतिग्रस्त कर दिया था, जिस के संबंध में स्थानीय थाना मण्डुआडीह वाराणसी में अपराध संख्या 79 /2012 धारा 147, 336, 477 भा.द.स. स्व. रामसूरत सिंह द्वारा पंजीकृत कराया गया एवं एक मुकदमा न्यायालय श्रीमान अपर नगर मजिस्ट्रेट महोदय वाराणसी के न्यायालय में मुकदमा संख्या 27 सन 2012 अ.स. 133 द.प्र.स.भी विचाराधीन है एवं एक मुकदमा न्यायालय श्रीमान अपर सिविल जज सी.डी. मु.न. कोर्ट नंबर 1 वाराणसी के न्यायालय में विचाराधीन है जिसका मुकदमा नंबर 382 सन 2012 जो रामसूरत सिंह बनाम गोविंदा वगैरह है, तथा एक मुकदमा न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय वाराणसी के न्यायालय में भी राज्य बनाम हरेराम यादव भी विचाराधीन है तथा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय कक्ष संख्या 11 वाराणसी के आदेश दिनांक 10-10-2017 का आदेश अनुपालन जब तक अधीनस्थ न्यायालय द्वारा ना हो जाए तब तक कोई भी कार्यवाही ना की जाए। 

न्यायालय के आदेश के बावजूद दीवार तोड़ने का होता है प्रयास

इन सब मुकदमों के न्यायालय में लंबित रहने के बावजूद भी उपरोक्त सुनीता तिवारी कांस्टेबल विजय पाण्डेय जो वर्तमान समय में प्रभारी निरीक्षक आदमपुर का चालक है जो अपने चाचा मुक्तेश्वर पाण्डेय जो कि पुलिस अधीक्षक ग्रामीण वाराणसी के कार्यालय में एच.सी.पी. के पद पर नियुक्त है, कांस्टेबल श्याम बिहारी सिंह कांस्टेबल हरेराम यादव 34 वी. पी.ए.सी. तथा परिवहन में संविदा पर नियुक्त कर्मचारी राजीव द्विवेदी उर्फ राजू और ओमप्रकाश सिंह उर्फ रोशन सिंह पुत्र राजेंद्र सिंह निवासी लखनपुर आदि हमेशा आपस में साजिश कर एक साथ होकर उक्त विवाद दीवार को तोड़ने का प्रयास करते रहते हैं। 

अभिलेखों में नहीं दर्ज है मार्ग 

जबकि विवाद अभी न्यायालय में विचाराधीन है वहीं राजस्व विभाग के अभिलेखों में कहीं भी कोई मार्ग 11 नंबर व 10 नंबर के बीच दर्ज नहीं है यह रास्ता व्यक्तिगत है।

 दी जाती है धमकी 

दिनांक 28 जून 2018 को लगभग 10:00 बजे करीब 50 की संख्या मे लोग अपने साथ कुछ अराजक तत्वों को लेकर दीवार तोड़ने का प्रयास करने लगे तथा मना करने पर लोगों को भद्दी भद्दी गालियां देने लगे तथा साथ ही यह धमकी भी दी कि मेरे चाचा पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के यहां नियुक्त हैं पुलिस को मैनेज कर लेंगे।

पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार 

स्थानीय रहवासियों और पीड़ित व्यक्ति ने पुलिस अधीक्षक का इस मामले की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए  न्याय की मांग की है।
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