जुआ और सट्टेबाजी को कानूनी मान्‍यता देने की सिफारिश

जुआ और सट्टेबाजी को कानूनी मान्‍यता देने की सिफारिश


डिजिटल टीम
न्यूज डेस्क,उर्जान्चल टाइगर

भारतीय समाज में जुआ खेलना और सट्टेबाजी करना अच्‍छा नहीं माना जाता है। फिर भी लॉ कमीशन ने देश में जुआ और सट्टेबाजी को कानूनी मान्‍यता देने की सिफारिश की है।

लॉ कमीशन की सिफारिश में क्रिकेट समेत अन्‍य खेलों में सट्टेबाजी को इजाजत देना शामिल है। मनी कंट्रोल की रिर्पोट के अनुसार लॉ कमीनशन ने कहा है कि सट्टेबाजी पर प्रतिबंध नाकाम रहा है।

तर्क यह है की तमाम कानून और पाबंदियों के बावजूद सट्टेबाजी हो रही है। इसलिए सट्टेबाजाी और जुए को कानूनी मान्‍यता दे देनी चाहिए।तो क्या लॉ कमीशन की नजर में ऐसे कामों को बढावा देना अपराध को बढ़ावा देने जैसा नहीं लगता? इस तर्क के अनुसार जिस चीज को रोकने में कानून नाकाम हो जाएगा उसे कानूनी मान्यता मिल जाएगा? ऐसा करना न  केवल अव्यवहारिक है,बल्कि भयावह भी है।

सट्टेबाजी के लिए लॉ कमीशन ने पैन कार्ड और आधार के जरिए कैशलेस लेनदेन की सिफारिश की है। जिससे तमाम लेनदेन कैशलेस हो और साफ हो। कमीशन ने कानून में बदलाव करके कसीनो और ऑनलाइन गेमिंग इंडस्‍ट्री में एफडीआई (FDI) लाने की भी सिफारिश भी की है। फिलहाल भारत में गोवा, दमन और सिक्किम में कसीनो और रेसकोर्स में सट्टेबाजी की इजाजत है।
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