डॉ आदित्य जैन ने बढ़ाया देश का गौरव (अमेरिका की गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज)

अमेरिका की गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स


न्यूज डेस्क।।देश-विदेश की पत्र-पत्रिकाओं में लिखने वाले सर्वाधिक चर्चित व्यंग्यकार डॉ. आदित्य जैन 'बालकवि' के व्यंग्यों को अमेरिका की गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने " मोस्ट पब्लिश्ड पोएटिक सटायर्स" के रूप में विश्व रिकॉर्ड में दर्ज किया हैं। विश्व इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ हैं जब किसी व्यंग्यकार ने अपने व्यंग्यो को "पोएटिक फॉर्म" में लिखा हैं। डॉ. आदित्य जैन के व्यंग्य अपनी बेबाकी और सटीकता के लिए जाने जाते हैं.. साथ ही सोश्यल मीडिया पर भी देश-विदेश के प्रशंसकों द्वारा लाखों शेयर्स पा कर वायरल रहते हैं। पूर्व में भी डॉ आदित्य का नाम लिम्का बुक, इंडिया बुक सहित अनेकों विश्व रिकार्ड्स में दर्ज हो चूका हैं।

हिंदी-व्यंग्यों को लालित्य और काव्यात्मकता की संजीवनी देकर डॉ आदित्य जैन ने व्यंग्य-विधा में एक ऐसी शैली का प्रादुर्भाव किया हैं, जो 'दर्शन' और 'प्रदर्शन' के तथाकथित दायरे को तोड़कर जनमानस के अंतस तक उतरने में सफल प्रतीत होती हैं। डॉ आदित्य के व्यंग्यों में लयात्मक सम्मोहन और शाब्दिक सरलता के साथ-साथ राष्ट्र-धर्म का नाद करने वाले वो अग्निधर्मा ओजस्विता हैं.. जो खड़े होकर सिर्फ तमाशा नही देखती.. अपितु व्यवस्था की आँखों में आंखें डालकर शिकायत करने का सामर्थ्य रखती हैं..।
 श्री अतुल कनक
(अकादमी पुरस्कृत साहित्यकार)

अभूतपूर्व प्रतिभा के धनी डॉ आदित्य जैन बालकवि की यह उपलब्धि साहित्य-जगत की अमूल्य निधि हैं। डॉ आदित्य के महनीय व्यंग्य वैचारिक-गहनता एवं भाषायी परिपक्वता के साथ ही मनोरंजन धर्मिता का भी बखूबी निवर्हन करते हैं। डॉ आदित्य ने गद्य विधा को पद्यात्मक शिल्प से अलंकृत करके ना केवल अंतर्राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किया हैं.. अपितु सम्पूर्ण हिंदी-परम्परा को गौरवान्वित किया हैं।
प्रो. राधेश्याम मेहर
(वरिष्ठ समीक्षक)

व्यंग्य विधा समसामयिक और परम्परागत सन्दर्भो को सामाजिक सरोकारों से जोड़कर सम्पूर्ण परिवेश को दिशा देने का काम करती हैं। इसी क्रम में डॉ आदित्य जैन ने काव्यात्मक व्यंग्य शैली का विकास कर व्यंग्य साहित्य को एक नयी विकसित परम्परा की ओर अग्रसर किया हैं। डॉ आदित्य के ललित-व्यंग्य पठनीय होने के साथ-साथ विषय-विशेष को उभारकर प्रस्तुत करने में भी सफल प्रतीत होते हैं। अनन्त शुभकामनाएं।
श्री विजय जोशी
 (लोकप्रिय कथाकार)

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