केरल- बाढ़ में बह गई ओणम और बकरीद की खुशियां

केरल,बाढ़,kerela


Stand With Kerala Click here to contribute to the CM Distress Relief Fund

न्यूज डेस्क(डिजिटल टीम)।। ओणम 25 अगस्त को और बकरीद का पर्व कल है। लेकिन केरल में मानसून की मूसलाधार बारिश और फिर बाढ़ के कहर की वजह से 10 लाख से अधिक लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं और आठ अगस्त से अब तक 223 लोगों की जान जा चुकी है। ऐसी विषम परिस्थितियों से गुजर रहे राज्य में ओणम और बकरीद पर्व को लेकर उत्साह नजर नहीं आ रहा है,ऐसा लगता है जैसे बाढ़ में बह गई ओणम और  बकरीद की खुशियां । 

कोच्चि स्थित सेंट टेरेसा कॉलेज की पूर्व प्राचार्य, 62 वर्षीय सिस्टर क्रिस्टाबेला ने बताया कि इस साल संस्थान के वर्तमान और पूर्व कर्मचारी ओणम मनाने के बजाय बाढ़ पीड़ितों के लिए चलाए जा रहे राहत कार्यों की खातिर आर्थिक योगदान देंगे।

कोच्चि में ही पानमपिल्ली नगर के एल्डर्स फोरम की अध्यक्ष मरियम्मा वर्गीज़ ने कहा कि बाढ़ के कारण ओणम का आयोजन रद्द कर दिया गया है।

राज्य सरकार ने ओणम के आयोजन रद्द कर दिए हैं। 

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की तर्ज पर केरल पर्यटन विभाग ने इस साल चैम्पियन्स बोट लीग शुरू करने का फैसला किया था। लेकिन बाढ़ की वजह से योजना धरी रह गई।

ओणम आयोजनों के रद्द होने से निराश जर्मन पर्यटक जूली ने बताया ‘‘मैंने ओणम के बारे में बहुत सुना था और मैं देखना भी चाहती थी। लेकिन बाढ़ की वजह से आयोजन रद्द हो गए। मुझे अपना केरल दौरा भी संक्षिप्त करना पड़ा और अब मैं गोवा जा रही हूं।’’ 

राज्य के कई मुसलमानों ने बाढ़ की वजह से बकरीद बेहद सादगी से मनाने का फैसला किया है। खाड़ी के एक अखबार से जुड़े सी रहीम ने बताया कि बाढ़ से सभी परेशान हैं। जो लोग हज पर गए हैं वह भी यहां रह रहे अपने परिजनों के लिए चिंतित हैं। 

राहत शिविर में रह रही 55 वर्षीय अमीनी ने कहा कि जो कपड़े उन लोगों ने पहन रखे थे, वही पहने हुए उन्हें निकलना पड़ा वरना जान चली जाती। ‘‘सब कुछ खो गया। अब हमारे पास कुछ नहीं है। पता नहीं, आगे क्या होगा। फिलहाल तो हम किसी त्यौहार के बारे में सोच ही नहीं रहे।’’
Labels:

एक टिप्पणी भेजें

MKRdezign

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *

Blogger द्वारा संचालित.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget