Deoria Shelter Home Case का घिनौना सच आया सामने,संरक्षण गृह से 24 लडकियों को छुराया गया,18 अब भी लापता

Deoria Shelter Home Case का घिनौना सच आया सामने


ब्यूरो
उत्तर प्रदेश,उर्जांचल टाइगर 

देवरिया।।बिहार मुजफ्फ़रपूर के बाद उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में मां विंध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं समाज सेवा संस्थान द्वारा संचालित बालिका संरक्षण गृह में कथित रूप से वेश्यावृति कराए जाने का मामला प्रकाश में आया है।इस मामले में संरक्षक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है.पुलिस ने संरक्षण गृह से 24 लडकियों को मुक्त करा कर संरक्षण गृह को सील कर दिया है.पुलिस का दावा है की 18 लड़कियाँ संरक्षण गृह से गायब है।

मुख्यमंत्री ने सख्त कार्यवाही करते हुए जिलाधिकारी सुजीत कुमार को हटा दिया और तत्कालीन जिला प्रोबेशन अधिकारी (डीपीओ) को निलम्बित कर दिया।

मामला तब सामने आया जब रविवार को देवरिया शेल्टर होम से एक मासूम बच्ची भागकर थाना पहुंची और बालिका गृह के काली करतूत के कहानी सुनाई। लड़की ने रौंगटे खड़े कर देने वाले वारदात की हकीकत बताई। पीड़ित लड़की का कहना है कि उसको अलग-अलग शानदार गाड़ियों से रात में कहीं भेजा जाता था और ले जाना वाला व्यक्ति उसको जी भर प्रताड़ित करता था। साथ ही बाकि लड़कियों को भी अलग-अलग ठिकानों पर भेजा जाता था।बच्ची की कहानी सुनकर पुलिस घटनास्थल पर गई और वहां से 24 लड़कियों को बाहर निकाला गया।संरक्षण गृह को सील करके,वहां की अधीक्षक कंचलाता,संचालिका गिरजा त्रिपाठी तथा उसके पति मोहन त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया है।संरक्षण गृह में 42 लडकियों का पंजीयन पाया गया है जिनमे से 18 लापता है। 


प्रशासन का कहना है कि देवरिया का मां विंध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं समाज सेवा संस्थान द्वारा संचालित बाल गृह बालिका, बाल गृह शिशु, विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण अभिकरण एवं स्वाधार गृह देवरिया की मान्यता को शासन ने स्थगित किया हुआ है। इसके बाद भी संस्था में अवैध ढंग से बालिकाओं और महिलाओं को रखा जा रहा था। यहां रखी गई लड़कियों को देह व्यापार में धकेला जा रहा था।

प्रदेश की महिला एवं परिवार कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने इस मामले पर मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद संवाददाताओं को बताया कि योगी के आदेश पर देवरिया के जिलाधिकारी सुजीत कुमार को हटा दिया गया है। वह एक वर्ष से वहां के जिलाधिकारी थे। उन्हें उस संरक्षण गृह को बंद करने के लिये कई बार पत्र लिखे गये लेकिन उन्होंने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। जांच रिपोर्ट आने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।


उन्होंने बताया कि संरक्षण गृह को बंद करने का आदेश दिये जाने से छह महीने बाद तक देवरिया के डीपीओ रहे अभिषेक पाण्डेय को निलम्बित कर दिया गया है। उनके बाद दो अधिकारियों नीरज कुमार और अनूप सिंह को उनके विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। इन दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।


रीता ने माना कि इस मामले में स्थानीय प्रशासनिक स्तर पर ढिलाई जरूर हुई है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल कल्याण विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार और अपर पुलिस महानिदेशक अंजू गुप्ता को हेलीकॉप्टर से मौके पर भेजा है। वे संरक्षण गृह से मुक्त करायी गयी सभी बच्चियों से अलग-अलग बात करके कल तक रिपोर्ट देंगी। उसके आधार पर कार्रवाई । किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
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