"सुपरकॉप" जो निभा रहा है ड्यूटी के साथ इंसानियत का फर्ज

सुपरकॉप



  • सीओ सकलडीहा त्रिपुरा पांडेय जितना संजीदा अपनी ड्यूटी के प्रति हैं उतना ही इंसानियत का हक भी अदा करते हैं। 
  • पीड़ितों को न्याय दिलाना, अपराधियों को सजा और गरीबों की मदद करना ही उनके जीवन का मकसद। 
एम. अफसर खान 'सागर' 

चन्दौली।। पुलिस का नाम सुनकर अपराधियों के रोंगटे तो खड़े हो ही जाते हैं साथ ही आम इंसान भी हिल जाता है। अक्सर पुलिस अपने रौबदार छवि के लिए चर्चा में रहती है! पिटाई, कुटाई तो आम है इस महकमे में! सोशल मीडिया पर समय-समय पर इसकी बानगी वायरल भी होती रहती है! मगर इन सबके बीच कुछ चेहरे ऐसे भी हैं जो न्याय और इंसानियत की मिशाल पेश कर पुलिस के मानवीय चेहरे को नुमाया करते हैं। जो कम्युनिटी पुलिसिंग के जरिये लोगों का विश्वास जीतने की कोशिश करते हैं। लोगों को बताने का काम करते हैं कि पुलिस उनकी मित्र है, उनके सहयोग और सुरक्षा के लिए है। ऐसा ही एक नाम है त्रिपुरारी पांडेय। पद है डिप्टी एसपी। यूँ तो बतौर सीओ सकलडीहा अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं साथ ही समाज के जरूरतमन्दों की हाजत को पूरा करने के लिए जाने जाते हैं। जब, जैसे और जहाँ किसी पीड़ित या जरूरतमंद का पता चला दौड़ पड़ते हैं। 

इस बार दो गरीब बच्चियों की जान बचाने के लिए खुद के पैसे से इलाज कराने के लिए चर्चा में हैं। सकलडीहा कोतवाली के नरैना गांव के समीप रविवार देर शाम गांव की ही दो बच्चियाँ संजना कुमारी पुत्री राजेंद्र (5 वर्ष) व अंतिम पुत्री जयराम (6 वर्ष) सड़क के किनारे देर शाम शौच करने गई हुई थी। तभी अचानक गांव की तरफ जा रही एक मोटरसाइकिल असंतुलित होकर उन शौच कर रही बच्चियों को कुचल कर उन पर ही गिर गयी जिससे दोनों बच्चियां गंभीर रूप से घायल होकर मरणासन्न अवस्था में पहुँच गई। ग्रामीणों ने इसकी सूचना तत्काल थाना प्रभारी लक्ष्मण पर्वत को दी तथा थाना प्रभारी ने यह सूचना तत्काल सीओ सकलडीहा त्रिपुरारी पाण्डेय को दी। थाना प्रभारी से विचार विमर्श कर तत्काल ही सीओ स्वयं दोनों बच्चियों को लेकर जिला अस्पताल पहुँचे। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने बच्चियों की स्तिथि काफी गंभीर देखते हुए बीएचयू ट्रामा सेंटर के लिए रिफर कर दिया। सीओ ने बच्चियों की पारिवारिक स्तिथि को देखते हुए स्वंय का एटीएम सिपाही अनूप को देकर उन बच्चियों की देखभाल में लगाया। बीएचयू में पहुँचने पर पैसे न होने के कारण दोनों बच्चियों को भर्ती करने से मना किये जाने की सुचना सिपाही अनूप ने सीओ त्रिपुरारी पाण्डेय को दी, जिसपर सीओ त्रिपुराती पांडेय ने अपने द्वारा दिए गए एटीएम से बीस हजार निकाल कर इलाज करवाने को कहा साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अन्य समस्या होने पर तत्काल सूचित करें। कोई और आवश्यकता होगी पूरा किया जायेगा। देर रात तक इलाज होने के बाद बच्चियाँ खतरे से बाहर व सुरक्षित हैं। 

सीओ त्रिपुरारी पाण्डेय के इस मानवीय कार्य की चहुंओर सराहना हो रही है। सीओ साहब अक्सर लाचार, मजलूम और बेसहारा लोगों की मदद करते रहते हैं। पिछले दिनों मुग़लसराय अब दीन दयाल नगर में क्रूजर गाड़ी से एक बच्चे का एक्सीडेन्ट हो गया, ये स्वयं घायल बच्चे को कंधे पर लेकर हॉस्पिटल को दौड़ पड़े। रक्षाबंधन के दिन बलुआ क्षेत्र के शहीद चन्दन राय के घर पहुँच कर शहीद की बहन से राखी बंधवाया और ताउम्र भाई की तरह फर्ज निभाने का वाचन दिया। बात अगर महके की जिम्मेदारी की है तो लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर कानून व्यवस्था पर नज़र बनाये रखते हैं। पिछले दिनों धानापुर थाना चौराहे पर प्रतिबंधित समय पर शराब बेचने की लोगों ने इनसे शिकायत की, जिससे स्कूल और कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राओं को शराबीयों से परेशानी होती है, चेतावनी के बाद कार्यवाही करवाते हुए प्रतिबंधित समय में दो लोगों को शराब बेचते हुए गिरफ्तार कराया। 

विभागीय कार्य से हट कर आम लोगों की मदद के बारे में त्रिपुरारी पाण्डे बताते हैं "असहाय, गरीब, मजलूम और जरुरतमंद लोगों की सेवा पुनीत कार्य है। इनकी सेवा करने से मानसिक संतुष्टि मिलती है। हमें चाहिए कि हम जिस क्षेत्र कार्यरत हों, अपनी जिम्मेदारी और फर्ज का निर्वहन करते हुए समाज के वंचित, शोषित और कमजोर लोगों के सेवा के लिए सदैव तत्पर रहें, यही मानवता का तकाजा भी है।"
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